फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   All the arrangements were in vain, a population of one lakh was troubled by the traffic jam

Jalaun News: धरी रह गईं सारी व्यवस्थाएं, जाम से बेहाल हुई एक लाख की आबादी

Tue, 10 Sep 2024 01:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Tue, 10 Sep 2024 01:08 AM IST
विज्ञापन
All the arrangements were in vain, a population of one lakh was troubled by the traffic jam
उरई। सड़क निर्माण से मिलने वाली सुविधा से पहले मरीजों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। रोजाना 500 मीटर तक जाम लग रहा है। जिससे एंबुलेंस अस्पताल तक आधा से एक घंटे बाद पहुंच पा रही है। जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


शहर के शहीद भगत सिंह चौराहा से लेकर कालपी बस स्टैंड तक सड़क का निर्माण हो रहा है। सड़क निर्माण को लेकर रोजाना घंटों जाम लग रहा है। सड़क निर्माण के बीच में अस्पताल होने के चलते मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जाम की स्थिति सबसे खराब रही। करीब एक घंटे के लिए जाम लग गया।
विज्ञापन

जाम लगने से एक एंबुलेंस भी फंस गई है। सड़क पूरी तरह से जाम हो गई। वाहनों का रेंगना भी बंद हो गया। जिससे बाइक सवारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन सड़क के ऊपर से सफर तय किया। बाइक ऊपर करने में उन्हें भी कई खतरों से गुजरना पड़ा। ये स्थिति देर शाम तक बनी रही। जिससे लोगों को जूझना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ई-रिक्शा पर नहीं लग रही रोक
सबसे ज्यादा परेशानी ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से हो रही है। 500 मीटर जाम में हर दस कदम पर ई-रिक्शा फंंसे हुए मिले। कई जगह पर ई-रिक्शा जाम में किनारे खड़े मिले। जिससे वाहन नहीं निकल पाए। सड़क निर्माण के बाद भी इन ई-रिक्शों पर लगाम नहीं लगाई गई है और न ही इनका रूट डायवर्जन नहीं किया गया। जिससे जाम की समस्या बढ़ रही है। जब तक सड़क की सुविधा मिलेगी। तब तक जाम से लोग बेहाल हो चुके होंगे।
जाम लगने से अस्पताल वक्त पर नहीं पहुंच पाते
अनुज ने बताया कि उनकी पत्नी के बच्चा हुआ था। उसे घर ले जाने के लिए आधा घंटे से इंतजार कर रहे हैं कि जाम में फंसा वाहन आ जाए। लेकिन जाम नहीं खुलने से बाहर इंतजार में बैठे हुए हैं। धीरेंद्र ने बताया कि अस्पताल आने के लिए उन्हें आधा घंटा लग गया। इसके बाद भी पैदल चलने पड़ा। तब जाकर आ पाए हैं। ई-रिक्शा से स्थिति और खराब है।

वर्जन-

व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ई-रिक्शा चालकों को हिदायत दी गई है कि इस मार्ग पर कहीं भी खड़ा नहीं करें। इसके बाद भी एक बार फिर से अभियान चलाएंगे। -वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed