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Jalaun News: पांच घंटे विरोध प्रदर्शन करके अस्थायी पुल चालू करवाने की मांग उठाई
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उरई। शहर के कोंच रोड को जोड़ने वाले सुहाग महल पुल के निर्माण में हो रही देरी और अस्थाई वैकल्पिक मार्ग बंद किए जाने के खिलाफ सोमवार को व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। करीब 100 से अधिक व्यापारियों ने पुल के पास टेंट लगाकर पीडब्ल्यूडी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और विभाग की लापरवाही पर नारेबाजी की।
सुबह 10 बजे से तीन बजे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि विभाग की अनदेखी और घटिया निर्माण कार्य के चलते बीते एक माह से आवागमन पूरी तरह बाधित है। 30 जून की बारिश में बना अस्थाई पुल बह गया, जिसे दोबारा बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई। इस वजह से आस-पास के 6-7 मोहल्लों की करीब 40 हजार की आबादी परेशानी झेल रही है। बस अड्डे से चंद कदम दूर स्थित इलाका अब पूरी तरह कट चुका है और आमजन को 3 से 5 किलोमीटर तक का चक्कर लगाकर आना-जाना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब 100 दुकानें जो सुहाग महल पुल के पास स्थित हैं, उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। इन दुकानों से जुड़े सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
स्कूली बच्चों को 3-4 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है जबकि स्कूल उनके घर से महज चंद कदम की दूरी पर हैं। मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को भी आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है, लेकिन न तो कोई अधिकारी मौके पर आ रहा है और न ही समस्याओं की सुनवाई की जा रही है।
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प्रदर्शनकारियों अशोक गुप्ता, अशर्फी लाल चौरसिया, राकेश मिश्रा, कपिल, पिंटू, विनोद कुमार, उदम, कलिंदर, अब्दुल और सुरेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुराने जर्जर पुल को तोड़कर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया जा रहा है, लेकिन 25 जुलाई बीत जाने के बावजूद काम का सिर्फ 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। सितंबर तक इसका निर्माण पूरा किया जाना था, लेकिन विभाग की सुस्ती और घटिया कार्यप्रणाली के कारण स्थिति बदतर होती जा रही है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि कालपी रोड पर बन रहे पुल के लिए अस्थायी पुल चालू रखा गया है, फिर यहां अस्थाई मार्ग क्यों बहने दिया गया और दोबारा क्यों नहीं बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुहाग महल पुल निर्माण की जांच नहीं कराई गई, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और साइड रोड तैयार नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
व्यापारियों की बातें –
फोटो 18- दिलीप
दिलीप कुमार ने कहा कि कालपी रोड पर अस्थाई पुल चालू है, यहां क्यों नहीं। विभाग की साजिश से व्यापार चौपट हुआ। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
फोटो 19- कपिल
कपिल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से रोजाना 15 से 20 हजार लोग इसी मार्ग से निकलते थे, अब सब बंद हो गया। करोड़ों का नुकसान हो गया।
फोटो 20- राकेश
राकेश मिश्रा ने कहा कि मानक विहीन काम हो रहा है। कोई जांच नहीं हो रही, अधिकारी भी नहीं आ रहे।
फोटो 21- पिंटू
पिंटू ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जबकि स्कूल सामने है।
वर्जन-
पुल 30 सिंतबर तक पूरा हो जाएगा, इसके लिए स्वयं नजर रखे हुए हैं। गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। अस्थाई पुल लोगों की सुरक्षा को लेकर बंद किया गया है।
अमित सक्सेना, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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सुबह 10 बजे से तीन बजे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि विभाग की अनदेखी और घटिया निर्माण कार्य के चलते बीते एक माह से आवागमन पूरी तरह बाधित है। 30 जून की बारिश में बना अस्थाई पुल बह गया, जिसे दोबारा बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई। इस वजह से आस-पास के 6-7 मोहल्लों की करीब 40 हजार की आबादी परेशानी झेल रही है। बस अड्डे से चंद कदम दूर स्थित इलाका अब पूरी तरह कट चुका है और आमजन को 3 से 5 किलोमीटर तक का चक्कर लगाकर आना-जाना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब 100 दुकानें जो सुहाग महल पुल के पास स्थित हैं, उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। इन दुकानों से जुड़े सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
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स्कूली बच्चों को 3-4 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है जबकि स्कूल उनके घर से महज चंद कदम की दूरी पर हैं। मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को भी आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है, लेकिन न तो कोई अधिकारी मौके पर आ रहा है और न ही समस्याओं की सुनवाई की जा रही है।
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प्रदर्शनकारियों अशोक गुप्ता, अशर्फी लाल चौरसिया, राकेश मिश्रा, कपिल, पिंटू, विनोद कुमार, उदम, कलिंदर, अब्दुल और सुरेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुराने जर्जर पुल को तोड़कर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया जा रहा है, लेकिन 25 जुलाई बीत जाने के बावजूद काम का सिर्फ 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। सितंबर तक इसका निर्माण पूरा किया जाना था, लेकिन विभाग की सुस्ती और घटिया कार्यप्रणाली के कारण स्थिति बदतर होती जा रही है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि कालपी रोड पर बन रहे पुल के लिए अस्थायी पुल चालू रखा गया है, फिर यहां अस्थाई मार्ग क्यों बहने दिया गया और दोबारा क्यों नहीं बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुहाग महल पुल निर्माण की जांच नहीं कराई गई, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और साइड रोड तैयार नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
व्यापारियों की बातें –
फोटो 18- दिलीप
दिलीप कुमार ने कहा कि कालपी रोड पर अस्थाई पुल चालू है, यहां क्यों नहीं। विभाग की साजिश से व्यापार चौपट हुआ। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
फोटो 19- कपिल
कपिल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से रोजाना 15 से 20 हजार लोग इसी मार्ग से निकलते थे, अब सब बंद हो गया। करोड़ों का नुकसान हो गया।
फोटो 20- राकेश
राकेश मिश्रा ने कहा कि मानक विहीन काम हो रहा है। कोई जांच नहीं हो रही, अधिकारी भी नहीं आ रहे।
फोटो 21- पिंटू
पिंटू ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जबकि स्कूल सामने है।
वर्जन-
पुल 30 सिंतबर तक पूरा हो जाएगा, इसके लिए स्वयं नजर रखे हुए हैं। गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। अस्थाई पुल लोगों की सुरक्षा को लेकर बंद किया गया है।
अमित सक्सेना, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी