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Jalaun News: जलालपुर मार्ग के रपटे पर 12 करोड़ से बनेगा पुल
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फोटो - 07 इसी जगह बनेगा पुल। संवाद
आठ हजार की आबादी को राहत, बारिश के दिनों में दिक्कतों से मिलेगी निजात
शासन से मिली मंजूरी, ग्रामीणों का 10 किमी का अतिरिक्त चक्कर भी होगा खत्म
संवाद न्यूज़ एजेंसी
उरई। जलालपुर-चिरगुवां मार्ग पर स्थित रपटे पर अब बहुप्रतीक्षित पुल का निर्माण होगा। शासन ने करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण की मंजूरी दे दी है। पुल बनने से क्षेत्र के चार से अधिक गांवों की आठ हजार से ज्यादा आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और बरसात के दिनों में होने वाली भारी दिक्कतों से निजात मिलेगी। साथ ही लोगों को रास्ता भी सुगम होगा।
बारिश का मौसम शुरू होते ही रपटे पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। ऐसे में ग्रामीणों को उरई आने-जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। सामान्य दिनों में लोग रगेदा और फैक्टरी एरिया के रास्ते उरई पहुंच जाते हैं लेकिन बरसात के दौरान यह मार्ग बंद हो जाता है, जिससे रूरा-अड्डू होकर लंबा रास्ता तय करना मजबूरी बन जाता है।
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। क्षेत्रीय विधायक गौरीशंकर वर्मा ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए सेतु निगम से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। पुल निर्माण से अटरिया, जलालपुर, रगेदा, दौलतपुरा समेत आसपास के गांवों के करीब आठ हजार लोगों को राहत मिलेगी।
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आवागमन सुगम होने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में होने वाली परेशानी भी दूर होगी। बारिश हो जाने पर रपटे पर पानी भर जाता है, इससे कई बार हादसे का भी खतरा बना रहता है। लेकिन अब इसका डर खत्म हो जाएगी।
बोले ग्रामीण
फोटो - 08 सतपाल सिंह
बरसात में हम लोगों को यदि इस मार्ग से दौलतपुरा जाना होता है तो परेशान होना पड़ता था। साथ ही उरई जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब पुल बनने से बड़ी राहत मिलेगी। -सतपाल सिंह, अटरिया
फोटो - 09 देवेंद्र यादव
ग्रामीणों को बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना सबसे मुश्किल हो जाता था। कई बार जरूरी काम भी रुक जाते थे। बारिश के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती थी। पुल बन जाने से सभी को काफी सहूलियत होगी। - देवेंद्र यादव।
वर्जन
शासन ने बजट को मंजूरी दी है। अन्य कार्रवाई होने के बाद जल्द ही पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा, इससे लोगों को फायदा मिल सके। - सुशील कुमार श्रीवास्तव, एई, सेतु निगम।
अटरिया–जलालपुर मार्ग को पक्का कराने की मांग ने जोर पकड़ा
- ग्रामीण बोले जलालपुर मार्ग बनने से ही पुल का मिलेगा लाभ
उरई। अटरिया- जलालपुर मार्ग पर पुल निर्माण को शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब क्षेत्रीय लोगों ने तीन किलोमीटर लंबे कच्चे रास्ते को पक्का कराने की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह मार्ग पक्का नहीं होगा तब तक पुल बनने का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पाएगा।
बताया गया कि अटरिया से जलालपुर को जोड़ने वाला यह करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्ग वर्षों से कच्चा पड़ा हुआ है। यह रास्ता कई गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है और प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। स्कूल जाने वाले छात्र, किसान, व्यापारी और मरीजों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों राजेंद्र, फूल सिंह, संजीव, कांशीराम, राजवीर यादव, विकास, दीपू आदि के अनुसार बारिश के मौसम में यह कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसे में लोगों को जलालपुर पहुंचने के लिए करीब 10 से 12 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जब पुल निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है तो इस मार्ग का पक्का बनना भी जरूरी है। यदि सड़क का निर्माण हो जाता है तो क्षेत्र के चार से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि अटरिया–जलालपुर मार्ग को जल्द से जल्द पक्का कराया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। (संवाद)
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आठ हजार की आबादी को राहत, बारिश के दिनों में दिक्कतों से मिलेगी निजात
शासन से मिली मंजूरी, ग्रामीणों का 10 किमी का अतिरिक्त चक्कर भी होगा खत्म
संवाद न्यूज़ एजेंसी
उरई। जलालपुर-चिरगुवां मार्ग पर स्थित रपटे पर अब बहुप्रतीक्षित पुल का निर्माण होगा। शासन ने करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण की मंजूरी दे दी है। पुल बनने से क्षेत्र के चार से अधिक गांवों की आठ हजार से ज्यादा आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और बरसात के दिनों में होने वाली भारी दिक्कतों से निजात मिलेगी। साथ ही लोगों को रास्ता भी सुगम होगा।
बारिश का मौसम शुरू होते ही रपटे पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। ऐसे में ग्रामीणों को उरई आने-जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। सामान्य दिनों में लोग रगेदा और फैक्टरी एरिया के रास्ते उरई पहुंच जाते हैं लेकिन बरसात के दौरान यह मार्ग बंद हो जाता है, जिससे रूरा-अड्डू होकर लंबा रास्ता तय करना मजबूरी बन जाता है।
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स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। क्षेत्रीय विधायक गौरीशंकर वर्मा ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए सेतु निगम से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। पुल निर्माण से अटरिया, जलालपुर, रगेदा, दौलतपुरा समेत आसपास के गांवों के करीब आठ हजार लोगों को राहत मिलेगी।
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आवागमन सुगम होने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में होने वाली परेशानी भी दूर होगी। बारिश हो जाने पर रपटे पर पानी भर जाता है, इससे कई बार हादसे का भी खतरा बना रहता है। लेकिन अब इसका डर खत्म हो जाएगी।
बोले ग्रामीण
फोटो - 08 सतपाल सिंह
बरसात में हम लोगों को यदि इस मार्ग से दौलतपुरा जाना होता है तो परेशान होना पड़ता था। साथ ही उरई जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब पुल बनने से बड़ी राहत मिलेगी। -सतपाल सिंह, अटरिया
फोटो - 09 देवेंद्र यादव
ग्रामीणों को बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना सबसे मुश्किल हो जाता था। कई बार जरूरी काम भी रुक जाते थे। बारिश के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती थी। पुल बन जाने से सभी को काफी सहूलियत होगी। - देवेंद्र यादव।
वर्जन
शासन ने बजट को मंजूरी दी है। अन्य कार्रवाई होने के बाद जल्द ही पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा, इससे लोगों को फायदा मिल सके। - सुशील कुमार श्रीवास्तव, एई, सेतु निगम।
अटरिया–जलालपुर मार्ग को पक्का कराने की मांग ने जोर पकड़ा
- ग्रामीण बोले जलालपुर मार्ग बनने से ही पुल का मिलेगा लाभ
उरई। अटरिया- जलालपुर मार्ग पर पुल निर्माण को शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब क्षेत्रीय लोगों ने तीन किलोमीटर लंबे कच्चे रास्ते को पक्का कराने की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह मार्ग पक्का नहीं होगा तब तक पुल बनने का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पाएगा।
बताया गया कि अटरिया से जलालपुर को जोड़ने वाला यह करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्ग वर्षों से कच्चा पड़ा हुआ है। यह रास्ता कई गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है और प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। स्कूल जाने वाले छात्र, किसान, व्यापारी और मरीजों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों राजेंद्र, फूल सिंह, संजीव, कांशीराम, राजवीर यादव, विकास, दीपू आदि के अनुसार बारिश के मौसम में यह कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसे में लोगों को जलालपुर पहुंचने के लिए करीब 10 से 12 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जब पुल निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है तो इस मार्ग का पक्का बनना भी जरूरी है। यदि सड़क का निर्माण हो जाता है तो क्षेत्र के चार से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि अटरिया–जलालपुर मार्ग को जल्द से जल्द पक्का कराया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। (संवाद)