{"_id":"39-203275","slug":"Jalaun-203275-39","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाटक से दी सीख, लालच बुरी बला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाटक से दी सीख, लालच बुरी बला
Jalaun
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई (जालौन)। दीपावली के उपलक्ष्य में संस्कार भारती की ओर से शहर के माहिल तालाब स्थित चिल्ड्रेन पार्क में ‘ये क्या हो रहा है’ नाटक का मंचन किया गया। इसमें भ्रष्टाचार को दर्शाया गया। नाटक के माध्यम से लालच में न पड़ने की सीख भी दी गई। दर्शकों ने नाटक के कलाकारों की खूब प्रशंसा की।
नाटक में दिखाया गया कि शहर में सीसीबीटी की ओर से भ्रष्टाचार प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इसमें सभी लोगों को अपने-अपने जीवन में किए गए भ्रष्टाचार को बताना था। प्रथम आने पर एक अरब का इनाम रखा गया। नाटक में चल रही प्रतियोगिता में दारोेगा, नेता व सेवानिवृत्त शिक्षक भाग लेने आते हैं। इसमें टीचर को प्रतियोगिता का विजेता बनाया जाता है। जब उन्हें पुरस्कार मिलने की बारी आती है, तभी एक सैनिक आ जाता है और बताता है कि यह आतंकवादी है, पुरस्कार के थैले में बम है। नाटक के पात्रों ने समाज को सुरक्षित व लालच से बचे रहने की सीख दी।
दर्शकों ने नाटक को खूब सराहा। नाटक में नेता की भूमिका मेवालाल गुप्ता, दारोगा की भूमिका ओमप्रकाश यादव, पागल की भूमिका गौरव सेठ खरुसा, टीचर की भूमिका रमेश चंद्र मिश्रा, सीआईडी इंस्पेक्टर की भूमिका ज्योति सोनी, फौजी की भूमिका हर्ष सोनी तथा चाणक्य चतुर्वेदी, आतंकवादी की भूमिका आराधना अवस्थी ने निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यपाल शर्मा थे। इस मौके पर रामप्रकाश चौरसिया, एसपी बुधौलिया, सभासद लक्ष्मण दास बाबानी, पीके मुहाना, राजकुमार गुप्ता, विद्या देवी गुप्ता, भास्कर अवस्थी, साधना अवस्थी, सुशीला पुरवार, माया यादव, ऊषा गुप्ता, राधेलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाटक में दिखाया गया कि शहर में सीसीबीटी की ओर से भ्रष्टाचार प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इसमें सभी लोगों को अपने-अपने जीवन में किए गए भ्रष्टाचार को बताना था। प्रथम आने पर एक अरब का इनाम रखा गया। नाटक में चल रही प्रतियोगिता में दारोेगा, नेता व सेवानिवृत्त शिक्षक भाग लेने आते हैं। इसमें टीचर को प्रतियोगिता का विजेता बनाया जाता है। जब उन्हें पुरस्कार मिलने की बारी आती है, तभी एक सैनिक आ जाता है और बताता है कि यह आतंकवादी है, पुरस्कार के थैले में बम है। नाटक के पात्रों ने समाज को सुरक्षित व लालच से बचे रहने की सीख दी।
विज्ञापन
दर्शकों ने नाटक को खूब सराहा। नाटक में नेता की भूमिका मेवालाल गुप्ता, दारोगा की भूमिका ओमप्रकाश यादव, पागल की भूमिका गौरव सेठ खरुसा, टीचर की भूमिका रमेश चंद्र मिश्रा, सीआईडी इंस्पेक्टर की भूमिका ज्योति सोनी, फौजी की भूमिका हर्ष सोनी तथा चाणक्य चतुर्वेदी, आतंकवादी की भूमिका आराधना अवस्थी ने निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यपाल शर्मा थे। इस मौके पर रामप्रकाश चौरसिया, एसपी बुधौलिया, सभासद लक्ष्मण दास बाबानी, पीके मुहाना, राजकुमार गुप्ता, विद्या देवी गुप्ता, भास्कर अवस्थी, साधना अवस्थी, सुशीला पुरवार, माया यादव, ऊषा गुप्ता, राधेलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन