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प्रमोशन में आरक्षण का मुखर विरोध
Jalaun
Updated Mon, 17 Dec 2012 05:30 AM IST
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सवर्ण समाज निकालेगा रैली
dlअमर उजाला ब्यूरो
उरई(जालौन)। माह जनवरी 2013 मेें प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में लखनऊ में राष्ट्रीय सवर्ण समाज संगठन के बैनर तले प्रान्तीय स्तरीय रैली की जाएगी। इसकी तैयारी के लिए पूरे प्रदेश के हर जिले में संगठन की बैठकें व प्रेसवार्ता कर प्रमोशन में आरक्षण के पुरजोर विरोध का वातावरण बना रहे हैं। यह बात रविवार को राष्ट्रीय सवर्ण समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने कही। वे प्रांतीय नेताओं प्रदेश अध्यक्ष लालजी दुहौलिया, प्रदेश महामंत्री उत्तम सिंह, प्रदेश सचिव आदित्य व्यास, अवेधश बुधौलिया, आनंद शर्मा के साथ स्थानीय सिटी सेंटर सभागार में वार्ता कर रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रान्तीय नेताओं ने कहा कि कैसे विडंबना है जो दलित आरक्षण के बल पर आईएएस, आईपीएस बन गए हैं। उन्हेें तो स्वेच्छा से अपने परिवार के लिए आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए था। कहा कि इसका परिणाम है आज देश में कुल दलित परिवार में बीस से पच्चीस प्रतिशत परिवार ही हैं जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल पाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सिंह व प्रान्तीय पदाधिकारियों ने कहा कि आज सवर्ण एवं पिछडे़ वर्गों में देश में लाखों परिवार ऐसे हैं जो भुखमरी की कगार पर हैं जिन्हें दलितों के आरक्षण के कारण दो जून के भोजन की जुगाड़ नहीं हो पाती है।
इनसेट
्एक ही बार आरक्षण दिया जाए
उरई(जालौन)। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष महेश द्विवेदी सर के आवास पर सनातन ब्राम्हण समाज की बैठक हुई। इसमें प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि जब एक वर्ग को नौकरी में पहले से ही आरक्षण है तो फिर प्रोन्नति में आरक्षण देकर दोहरे आरक्षण का क्या मतलब है। बल्दाऊ प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि एससी एसटी को केवल एक आरक्षण मिलना चाहिए। सपा यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष जयशंकर द्विवेदी ने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण लागू होने से योग्य व्यक्तियों में कुंठा पैदा होती है। पंकज दुबे, आलोक शुक्ला, अजीत द्विवेदी, सौरभ द्विवेदी, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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यही हाल रहा तो सवर्ण को भी आरक्षण की होगी जरूरत
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष लल्लूराम मिश्रा ने कहा है कि साढे़ छह दशक पूर्व जब देश आजाद हुआ था तब दलित समाज को आरक्षण की जरूरत रही होगी। लेकिन आज की स्थिति ऐसी नहीं है। यही हालत रही तो स्वर्ण को भी आरक्षण की जरूरत होगी।
लल्लूराम मिश्रा
धर्मादा रक्षिणी सभा के मंत्री राकेश अग्रवाल ने कहा कि फैसले संसद में बैठ कर नहीं लिये जा सकते है। समाज और लोगों की रोजी रोटी से सीधा सम्बंध जुड़ा हो। उन्होंने दो टूक कहा कि अब समय की जरूरत है कि नौकरियों में भी आरक्षण समाप्त करके सभी को समान अवसर मिलें।
राकेश अग्रवाल
शिक्षक नेता रामशंकर छानी ने कहा कि प्रमोशन का पैमाना काबिलियत होना चाहिये न कि बैसाखी। भाजपा नेता लालजीसिंह गुर्जर का कहना है कि इस मसले पर भाजपा हाईकमान को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि प्रमोशन में आरक्षण का सवाल ही बेमानी है और इसे लेकर किसी भी तरह के कानून के बनने का कोई औचित्य नहीं है। -रामशंकर
बार संघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा, गल्ला व्यवसायी विनोद दुबे ने कहा सरकारों को हक है कि समाज के कमजोर तबकों को यदि आवश्यकता है तो पढाई लिखाई में आर्थिक मदद दें। किसी हद तक नौकरियों में भी अगर आरक्षण की जरूरत हो तो क्रीमी लेयर को बाहर करके मदद की जा सकती है लेकिन प्रमोशन में आरक्षण का तुक समझ से परे है।
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dlअमर उजाला ब्यूरो
उरई(जालौन)। माह जनवरी 2013 मेें प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में लखनऊ में राष्ट्रीय सवर्ण समाज संगठन के बैनर तले प्रान्तीय स्तरीय रैली की जाएगी। इसकी तैयारी के लिए पूरे प्रदेश के हर जिले में संगठन की बैठकें व प्रेसवार्ता कर प्रमोशन में आरक्षण के पुरजोर विरोध का वातावरण बना रहे हैं। यह बात रविवार को राष्ट्रीय सवर्ण समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने कही। वे प्रांतीय नेताओं प्रदेश अध्यक्ष लालजी दुहौलिया, प्रदेश महामंत्री उत्तम सिंह, प्रदेश सचिव आदित्य व्यास, अवेधश बुधौलिया, आनंद शर्मा के साथ स्थानीय सिटी सेंटर सभागार में वार्ता कर रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रान्तीय नेताओं ने कहा कि कैसे विडंबना है जो दलित आरक्षण के बल पर आईएएस, आईपीएस बन गए हैं। उन्हेें तो स्वेच्छा से अपने परिवार के लिए आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए था। कहा कि इसका परिणाम है आज देश में कुल दलित परिवार में बीस से पच्चीस प्रतिशत परिवार ही हैं जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल पाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सिंह व प्रान्तीय पदाधिकारियों ने कहा कि आज सवर्ण एवं पिछडे़ वर्गों में देश में लाखों परिवार ऐसे हैं जो भुखमरी की कगार पर हैं जिन्हें दलितों के आरक्षण के कारण दो जून के भोजन की जुगाड़ नहीं हो पाती है।
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्एक ही बार आरक्षण दिया जाए
उरई(जालौन)। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष महेश द्विवेदी सर के आवास पर सनातन ब्राम्हण समाज की बैठक हुई। इसमें प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि जब एक वर्ग को नौकरी में पहले से ही आरक्षण है तो फिर प्रोन्नति में आरक्षण देकर दोहरे आरक्षण का क्या मतलब है। बल्दाऊ प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि एससी एसटी को केवल एक आरक्षण मिलना चाहिए। सपा यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष जयशंकर द्विवेदी ने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण लागू होने से योग्य व्यक्तियों में कुंठा पैदा होती है। पंकज दुबे, आलोक शुक्ला, अजीत द्विवेदी, सौरभ द्विवेदी, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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यही हाल रहा तो सवर्ण को भी आरक्षण की होगी जरूरत
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष लल्लूराम मिश्रा ने कहा है कि साढे़ छह दशक पूर्व जब देश आजाद हुआ था तब दलित समाज को आरक्षण की जरूरत रही होगी। लेकिन आज की स्थिति ऐसी नहीं है। यही हालत रही तो स्वर्ण को भी आरक्षण की जरूरत होगी।
लल्लूराम मिश्रा
धर्मादा रक्षिणी सभा के मंत्री राकेश अग्रवाल ने कहा कि फैसले संसद में बैठ कर नहीं लिये जा सकते है। समाज और लोगों की रोजी रोटी से सीधा सम्बंध जुड़ा हो। उन्होंने दो टूक कहा कि अब समय की जरूरत है कि नौकरियों में भी आरक्षण समाप्त करके सभी को समान अवसर मिलें।
राकेश अग्रवाल
शिक्षक नेता रामशंकर छानी ने कहा कि प्रमोशन का पैमाना काबिलियत होना चाहिये न कि बैसाखी। भाजपा नेता लालजीसिंह गुर्जर का कहना है कि इस मसले पर भाजपा हाईकमान को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि प्रमोशन में आरक्षण का सवाल ही बेमानी है और इसे लेकर किसी भी तरह के कानून के बनने का कोई औचित्य नहीं है। -रामशंकर
बार संघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा, गल्ला व्यवसायी विनोद दुबे ने कहा सरकारों को हक है कि समाज के कमजोर तबकों को यदि आवश्यकता है तो पढाई लिखाई में आर्थिक मदद दें। किसी हद तक नौकरियों में भी अगर आरक्षण की जरूरत हो तो क्रीमी लेयर को बाहर करके मदद की जा सकती है लेकिन प्रमोशन में आरक्षण का तुक समझ से परे है।