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पहले दिन 25 फीसदी स्कूलों में नहीं बटे फल
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:22 PM IST
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माडल स्कूल प्राथमिक विद्यालय सरसेला में फल वितरित करतीं ग्राम प्रधान अंजना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र के पहले सोमवार को ही शासन की बच्चों को फल बांटे जाने की योजना धराशायी होती नजर आई। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा तमाम कवायद की गई। इसकेे बावजूद भी सोमवार को 25 प्रतिशत स्कूलों में फल नहीं बांटे जा सके। गौरतलब है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों
की सेहत दुरुस्त करने के लिए शासन ने नए सत्र से सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को प्रत्येक सोमवार को फल वितरण के निर्देश दिए हैं। इस पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश भी दिए थे कि सोमवार को सभी विद्यालयों में फल वितरण की योजना का कड़ाई से पालन किया जाए। इसकेे बावजूद भी ग्रामीण
क्षेत्रों के कई स्कूलोें में बच्चोें को फल वितरण नहीं किया गया। इसके पहले शासन ने प्रत्येक बुधवार को दूध व कोफ्ता बच्चों को देने की घोषणा की थी, जो पूरी तरह फ्लाप साबित हुई। इसी तरह सोमवार को केवल 75 प्रतिशत ही विद्यालयों में बच्चों को फल दिए गए थे। जिन स्कूलों में फल वितरण किया गया, उनमें बच्चों को संतरा व केले बांटे गए। बाकी के 25 प्रतिशत विद्यालयों के बच्चे फलों का इंतजार करते रहे।
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वर्जन
जिले के अधिकतर स्कूलों में फल वितरित किए गए। जिन स्कूलों में फल नहीं बंटे, उन्हें चिन्हित किया गया है। अब आगामी सोमवार को उन स्कूलों में भी फल वितरित किए जाएंगे।- राजेश कुमार वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
कई स्कूलों में नहीं बंट सके फल
शासन के निर्देश पर अब परिषदीय स्कूलों में बच्चों को सोमवार के दिन फलों के वितरण की व्यवस्था की गई। तमाम परिषदीय स्कूलों में हालांकि इस नई व्यवस्था को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका और फलों का वितरण नहीं हुआ। महज कुछ स्कूलों में ही फलों का वितरण किया गया। नदीगांव विकास खंड के ग्राम सिवनी खुर्द के प्राथमिक स्कूल में ग्राम प्रधान शिवराज कुशवाहा की अगुवाई में बच्चों को फल वितरित किए गए। इस दौरान हेडमास्टर जगमोहन राजपूत, शिक्षक रूचिर नायक, शिवदास कुशवाहा आदि भी मौजूद रहे।
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की सेहत दुरुस्त करने के लिए शासन ने नए सत्र से सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को प्रत्येक सोमवार को फल वितरण के निर्देश दिए हैं। इस पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश भी दिए थे कि सोमवार को सभी विद्यालयों में फल वितरण की योजना का कड़ाई से पालन किया जाए। इसकेे बावजूद भी ग्रामीण
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क्षेत्रों के कई स्कूलोें में बच्चोें को फल वितरण नहीं किया गया। इसके पहले शासन ने प्रत्येक बुधवार को दूध व कोफ्ता बच्चों को देने की घोषणा की थी, जो पूरी तरह फ्लाप साबित हुई। इसी तरह सोमवार को केवल 75 प्रतिशत ही विद्यालयों में बच्चों को फल दिए गए थे। जिन स्कूलों में फल वितरण किया गया, उनमें बच्चों को संतरा व केले बांटे गए। बाकी के 25 प्रतिशत विद्यालयों के बच्चे फलों का इंतजार करते रहे।
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जिले के अधिकतर स्कूलों में फल वितरित किए गए। जिन स्कूलों में फल नहीं बंटे, उन्हें चिन्हित किया गया है। अब आगामी सोमवार को उन स्कूलों में भी फल वितरित किए जाएंगे।- राजेश कुमार वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
कई स्कूलों में नहीं बंट सके फल
शासन के निर्देश पर अब परिषदीय स्कूलों में बच्चों को सोमवार के दिन फलों के वितरण की व्यवस्था की गई। तमाम परिषदीय स्कूलों में हालांकि इस नई व्यवस्था को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका और फलों का वितरण नहीं हुआ। महज कुछ स्कूलों में ही फलों का वितरण किया गया। नदीगांव विकास खंड के ग्राम सिवनी खुर्द के प्राथमिक स्कूल में ग्राम प्रधान शिवराज कुशवाहा की अगुवाई में बच्चों को फल वितरित किए गए। इस दौरान हेडमास्टर जगमोहन राजपूत, शिक्षक रूचिर नायक, शिवदास कुशवाहा आदि भी मौजूद रहे।