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तहबाजारी का ठेका 2. 93 करोड़ में उठा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:24 AM IST
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तहबाजारी नीलामी के दौरान बैठे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को तहबाजारी ठेका की नीलामी हुई। नीलामी में वर्ष 2016-17 के लिए 2. 93 करोड़ रुपये में ठेका उठा। पिछले साल की अपेक्षा इस बार एक करोड़ 34 लाख 47 हजार रुपये अधिक में नीलामी हुई है।
गौरतलब हो कि तहबाजारी की नीलामी पहले 21 मार्च को होनी थी। जो निरस्त कर गुरुवार को हुई। तय समय पर अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद की मौजूदगी में मुख्य अधिकारी एसआर यादव की देखरेख में ठेकेदारों ने जमानत राशि 25-25 लाख रुपये जमा की। बोली में आठ ठेकेदारों ने भाग लिया। इसके बाद कमेटी ने सरकारी बोली 25853000 रुपये निर्धारित की। पहली बोली ठेकेदार धर्मेंद्र ने 2. 60 करोड़ लगाई।
इसके बाद तो ठेकेदारों में तहबाजारी का ठेका लेने के लिए होड़ मची रही। आखिर में ठेकेदार अनीस ने 2. 93 करोड़ की बोली लगाई। इसके बाद सभी ठेकेदार चुप हो गए और कोई आगे बोली लगाने को तैयार नहीं हुआ। कमेटी ने बोली की प्रक्रिया पूरी करते हुए अनीस के नाम बोली रहने की घोषणा की। बोली टूटने वाले और दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार की जमानत राशि जमा रही। बोली लाने वालों में धर्मेद्र सिंह इकलास पुरा, विनोद कुमार डकोर, अनीस खां कदौरा, हिफजुर्रहमान उरई, रमाकांत नरी, रामनरेश तिवारी झांसी, शंभू नारायण बांदा, बन्ने खां भोगनीपुर शामिल रहे। जेई सुशील कुमार, अनीस आदि मौजूद रहे।
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गौरतलब हो कि तहबाजारी की नीलामी पहले 21 मार्च को होनी थी। जो निरस्त कर गुरुवार को हुई। तय समय पर अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद की मौजूदगी में मुख्य अधिकारी एसआर यादव की देखरेख में ठेकेदारों ने जमानत राशि 25-25 लाख रुपये जमा की। बोली में आठ ठेकेदारों ने भाग लिया। इसके बाद कमेटी ने सरकारी बोली 25853000 रुपये निर्धारित की। पहली बोली ठेकेदार धर्मेंद्र ने 2. 60 करोड़ लगाई।
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इसके बाद तो ठेकेदारों में तहबाजारी का ठेका लेने के लिए होड़ मची रही। आखिर में ठेकेदार अनीस ने 2. 93 करोड़ की बोली लगाई। इसके बाद सभी ठेकेदार चुप हो गए और कोई आगे बोली लगाने को तैयार नहीं हुआ। कमेटी ने बोली की प्रक्रिया पूरी करते हुए अनीस के नाम बोली रहने की घोषणा की। बोली टूटने वाले और दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार की जमानत राशि जमा रही। बोली लाने वालों में धर्मेद्र सिंह इकलास पुरा, विनोद कुमार डकोर, अनीस खां कदौरा, हिफजुर्रहमान उरई, रमाकांत नरी, रामनरेश तिवारी झांसी, शंभू नारायण बांदा, बन्ने खां भोगनीपुर शामिल रहे। जेई सुशील कुमार, अनीस आदि मौजूद रहे।
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