{"_id":"5d068ec08ebc3e4315133589","slug":"156071083617-orai-news112","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ बच्चों के चेहरे पर स्माइल ट्रेन लाएगी मुस्कान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ बच्चों के चेहरे पर स्माइल ट्रेन लाएगी मुस्कान
विज्ञापन
उरई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जन्मजात कटे होंठ व तालू के आठ बच्चों की जांच की गई। उन्हें एंबुलेंस से कानपुर भेजा गया। जहां लीलामणि अस्पताल में उनकी जांच होगी और फिर उपचार के बाद बच्चे खिलखिला सकेंगे।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व द स्माइल ट्रेन अंतर्राष्ट्रीय संस्था की ओर से रविवार को सोम फ्रैक्चर क्लीनिक में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें बबीना के इस्लाम (3 माह), हुसेपुरा के अखिलेश (3 माह), कुठौंद की फातिमा (5 माह), बिलाया की मुस्कान (13 साल), जालौन की पूनम (17 साल), बड़ागांव के रजत (13 माह), शहपुरा के यश (3 माह), हरदोई गूजर के अमन (4 साल) न्यू लीलामणि अस्पताल कानपुर से आए डा. समीर सक्सेना व उनकी टीम ने मरीजों की जांच की और उन्हें इलाज के लिए साथ में एंबुलेंस से कानपुर ले गए।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) प्रबंधक रवींद्र चौधरी ने बताया आरबीएसके की टीम ने कटे होंठ व तालू वाले बच्चों की खोज की और यहां लाए। अब इन बच्चों का जांच व इलाज मुफ्त में अंतर्राष्ट्रीय स्माइल ट्रेन व आरबीएसके प्रोग्राम के तहत कराया जाएगा। डॉ. समीर प्रधान ने बताया कि प्राइवेट में इस तरह के आपरेशन में 40 से 50 हजार रुपये तक का खर्च आता है लेकिन संस्था की ओर से यह निशुल्क कराया जाएगा। इस दौरान सोम फ्रैक्चर क्लीनिक के डा. रविशंकर पांडेय के अलावा संस्था के सुरेंद्र नाथ पांडेय, श्रीराम, हरिओम भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व द स्माइल ट्रेन अंतर्राष्ट्रीय संस्था की ओर से रविवार को सोम फ्रैक्चर क्लीनिक में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें बबीना के इस्लाम (3 माह), हुसेपुरा के अखिलेश (3 माह), कुठौंद की फातिमा (5 माह), बिलाया की मुस्कान (13 साल), जालौन की पूनम (17 साल), बड़ागांव के रजत (13 माह), शहपुरा के यश (3 माह), हरदोई गूजर के अमन (4 साल) न्यू लीलामणि अस्पताल कानपुर से आए डा. समीर सक्सेना व उनकी टीम ने मरीजों की जांच की और उन्हें इलाज के लिए साथ में एंबुलेंस से कानपुर ले गए।
विज्ञापन
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) प्रबंधक रवींद्र चौधरी ने बताया आरबीएसके की टीम ने कटे होंठ व तालू वाले बच्चों की खोज की और यहां लाए। अब इन बच्चों का जांच व इलाज मुफ्त में अंतर्राष्ट्रीय स्माइल ट्रेन व आरबीएसके प्रोग्राम के तहत कराया जाएगा। डॉ. समीर प्रधान ने बताया कि प्राइवेट में इस तरह के आपरेशन में 40 से 50 हजार रुपये तक का खर्च आता है लेकिन संस्था की ओर से यह निशुल्क कराया जाएगा। इस दौरान सोम फ्रैक्चर क्लीनिक के डा. रविशंकर पांडेय के अलावा संस्था के सुरेंद्र नाथ पांडेय, श्रीराम, हरिओम भी मौजूद रहे।
विज्ञापन