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गर्मी में पसीने छुड़ा रही रात दिन की बिजली कटौती
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उरई। भीषण गर्मी और उमस में जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। ऐेसे में गांव-कस्बे के लोग बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। 20 घंटे बिजली देने के दावे हवाहवाई हो गए हैं। कई कस्बों में तो पूरे दिन बिजली नहीं आ रही है। कुछ में पूरे दिन बिजली की आवाजाही बनी रहती है। जिससे इस उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने-पसीने होना पड़ रहा है। रही सही कसर जर्जर ट्रांसफार्मर और बल्लियों में टिके तार पूरी कर देते हैं। जिनके छोटे छोटे फाल्ट भी लोगों को बिजली के लिए परेशान कर रहे हैं।
रात में बिजली की आवाजाही से हो रही परेशानी
उरई। शहर के रामनगर, पुलिस लाइन, आफीसर कालोनी, बघौरा, पटेल नगर, कालपी रोड, जिला परिषद के आसपास के इलाकों में रात के वक्त बिजली की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। शुक्रवार की रात भी इन इलाकों में बिजली की आवाजाही तो लोगों को सड़कों पर निकलकर टहलना पड़ा। महिलाएं और बच्चे छतों पर नजर आए। शहर में अभी भी कई स्थानों पर तार खपच्चियों के सहारे बंधे नजर आते हैं, जिनसे फाल्ट होते हैं। रामनगर में तो कांग्रेस कार्यालय के पास रखा ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से धुआं फेंकता रहता है। कब उसमें फाल्ट हो जाए कोई नहीं जानता है। सुबह के वक्त भी बिजली की आवाजाही से लोगों को पानी की भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ओवर लोड के कारण बिजली काटनी पड़ती है। फाल्ट की दिक्कत तो जल्द सही हो जाती है। उरई आफीसर कालोनी निवासी सचिन गुप्ता का कहना है कि रोज-रोज रात में बिजली जाने से दिक्कत हो रही थी। हाल ही में इनवर्टर लेना पड़ा। वर्ना तो रात में कई बार नींद से उठना पड़ता था।
सुबह से शाम तक नहीं मिलती बिजली
सिरसाकलार। क्षेत्र में तो दिनभर बिजली नहीं रहती है। दिन के वक्त सप्लाई बंद होने से पूरे दिन लोग घरों के दरवाजों पर ही बैठे नजर आते हैं। बताते हैं कि दमरास फीडर की ओबीसी काफी पुरानी हो चुकी है। जिस कारण दिन के वक्त सप्लाई रोक दी जाती है। सुबह करीब 10 बजे जाने वाली बिजली शाम 5 बजे ही आती है। पूरे दिन घरों के लोग बाहर कहीं पेड़ और कहीं मकान की छाया में बैठकर हाथ पंखा किया करते हैं। घरों में रखे फ्रिज, कूलर और पंखे सभी बंद पड़े रहते हैं। इलाके के रवींद्र हमीट, सुरेश कुमार और राजेंद्र आदि का कहना है कि उमस भर गर्मी वे तो जैसे-तैसे काट लेते हैं लेकिन घरों में महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल रहता है। अवर अभियंता आलोक खरे का कहना है कि दिन में तेज हवा के कारण फाल्ट की आशंका के चलते फिलहाल शाम तक सप्लाई बाधित रखी जाती है। सिरसाकलार के दमरास गांव निवासी मुन्ना सेंगर का कहना है कि दिन भर बिजली न होने से उमस भरी गर्मी इधर-उधर घूमना पड़ता है। मोबाइल भी बंद हो जाते हैं और शाम तक पानी भी नहीं मिल पाता है।
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न बदले ट्रांसफार्मर और न तार
सरावन/कदौरा। सरावन क्षेत्र में बिजली विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी तार नहीं बदल पाए हैं। गलियों, चौराहों और बाजारों में तार कहीं खपच्ची तो कहीं बल्ली के सहारे टिके हैं। जरा सा ही लोड बढ़ने या फिर तेज हवा चलने पर इन तारों में फाल्ट होता है और फिर घंटों बिजली गुल हो जाती है। इलाके के रामसुमेर, दीपक और नागेंद्र का कहना है कि कई फोन के बाद कर्मचारी आते हैं और तब कहीं घंटों बाद आपूर्ति सामान्य हो पाती है। इसी तरह कदौरा के कई गांवों में पुराने ट्रांसफार्मर बढ़ता हुआ लोड नहीं बर्दाश्त कर पा रहे हैं। लिहाजा सप्ताह में एक बार तो कोई न कोई ट्रांसफार्मर धड़ाम हो जाता है और फिर लोगों को इस भीषण गर्मी में बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। खास कस्बे में भी शाम को बिजली की आंखमिचौनी का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
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रात में बिजली की आवाजाही से हो रही परेशानी
उरई। शहर के रामनगर, पुलिस लाइन, आफीसर कालोनी, बघौरा, पटेल नगर, कालपी रोड, जिला परिषद के आसपास के इलाकों में रात के वक्त बिजली की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। शुक्रवार की रात भी इन इलाकों में बिजली की आवाजाही तो लोगों को सड़कों पर निकलकर टहलना पड़ा। महिलाएं और बच्चे छतों पर नजर आए। शहर में अभी भी कई स्थानों पर तार खपच्चियों के सहारे बंधे नजर आते हैं, जिनसे फाल्ट होते हैं। रामनगर में तो कांग्रेस कार्यालय के पास रखा ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से धुआं फेंकता रहता है। कब उसमें फाल्ट हो जाए कोई नहीं जानता है। सुबह के वक्त भी बिजली की आवाजाही से लोगों को पानी की भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ओवर लोड के कारण बिजली काटनी पड़ती है। फाल्ट की दिक्कत तो जल्द सही हो जाती है। उरई आफीसर कालोनी निवासी सचिन गुप्ता का कहना है कि रोज-रोज रात में बिजली जाने से दिक्कत हो रही थी। हाल ही में इनवर्टर लेना पड़ा। वर्ना तो रात में कई बार नींद से उठना पड़ता था।
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सुबह से शाम तक नहीं मिलती बिजली
सिरसाकलार। क्षेत्र में तो दिनभर बिजली नहीं रहती है। दिन के वक्त सप्लाई बंद होने से पूरे दिन लोग घरों के दरवाजों पर ही बैठे नजर आते हैं। बताते हैं कि दमरास फीडर की ओबीसी काफी पुरानी हो चुकी है। जिस कारण दिन के वक्त सप्लाई रोक दी जाती है। सुबह करीब 10 बजे जाने वाली बिजली शाम 5 बजे ही आती है। पूरे दिन घरों के लोग बाहर कहीं पेड़ और कहीं मकान की छाया में बैठकर हाथ पंखा किया करते हैं। घरों में रखे फ्रिज, कूलर और पंखे सभी बंद पड़े रहते हैं। इलाके के रवींद्र हमीट, सुरेश कुमार और राजेंद्र आदि का कहना है कि उमस भर गर्मी वे तो जैसे-तैसे काट लेते हैं लेकिन घरों में महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल रहता है। अवर अभियंता आलोक खरे का कहना है कि दिन में तेज हवा के कारण फाल्ट की आशंका के चलते फिलहाल शाम तक सप्लाई बाधित रखी जाती है। सिरसाकलार के दमरास गांव निवासी मुन्ना सेंगर का कहना है कि दिन भर बिजली न होने से उमस भरी गर्मी इधर-उधर घूमना पड़ता है। मोबाइल भी बंद हो जाते हैं और शाम तक पानी भी नहीं मिल पाता है।
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न बदले ट्रांसफार्मर और न तार
सरावन/कदौरा। सरावन क्षेत्र में बिजली विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी तार नहीं बदल पाए हैं। गलियों, चौराहों और बाजारों में तार कहीं खपच्ची तो कहीं बल्ली के सहारे टिके हैं। जरा सा ही लोड बढ़ने या फिर तेज हवा चलने पर इन तारों में फाल्ट होता है और फिर घंटों बिजली गुल हो जाती है। इलाके के रामसुमेर, दीपक और नागेंद्र का कहना है कि कई फोन के बाद कर्मचारी आते हैं और तब कहीं घंटों बाद आपूर्ति सामान्य हो पाती है। इसी तरह कदौरा के कई गांवों में पुराने ट्रांसफार्मर बढ़ता हुआ लोड नहीं बर्दाश्त कर पा रहे हैं। लिहाजा सप्ताह में एक बार तो कोई न कोई ट्रांसफार्मर धड़ाम हो जाता है और फिर लोगों को इस भीषण गर्मी में बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। खास कस्बे में भी शाम को बिजली की आंखमिचौनी का सिलसिला बदस्तूर जारी है।