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Jalaun News: दहेज हत्या में पति को 10 और ससुर को 7 साल की कैद
Sat, 12 Aug 2023 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 12 Aug 2023 12:17 AM IST
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उरई। दहेज हत्या में दोष साबित होने पर जिला न्यायाधीश लल्लू सिंह ने पिता-पुत्र को सजा सुनाई। उन्होंने पति को 10 साल की कैद और ससुर को 7 साल की कैद और 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला 2019 का है।
जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि आटा थाना क्षेत्र के ग्राम भड़रा डेरा गांव निवासी जगदीश ने 29 अप्रैल 2019 को पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि पुत्री की शादी आटा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहर देवी परासन निवासी मर्दन उर्फ अरिमर्दन के साथ 2016 में की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति मर्दन उर्फ अरिमर्दन, ससुर रामराजा दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे और पुत्री को जलाकर मार डाला।
पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पिता-पुत्र को जेल भेज दिया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ कालपी संजय कुमार शर्मा ने की थी। पिता-पुत्र के खिलाफ अदालत में 5 जुलाई 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले का ट्रायल जिला न्यायाधीश लल्लू सिंह की कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने और गवाहों की जिरह के बाद अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए पति मदन उर्फ अरिमर्दन को दस साल की कैद और ससुर रामराजा को सात साल की कैद की सजा सुनाई। दोनों पर 35 -35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि आटा थाना क्षेत्र के ग्राम भड़रा डेरा गांव निवासी जगदीश ने 29 अप्रैल 2019 को पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि पुत्री की शादी आटा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहर देवी परासन निवासी मर्दन उर्फ अरिमर्दन के साथ 2016 में की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति मर्दन उर्फ अरिमर्दन, ससुर रामराजा दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे और पुत्री को जलाकर मार डाला।
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पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पिता-पुत्र को जेल भेज दिया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ कालपी संजय कुमार शर्मा ने की थी। पिता-पुत्र के खिलाफ अदालत में 5 जुलाई 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले का ट्रायल जिला न्यायाधीश लल्लू सिंह की कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने और गवाहों की जिरह के बाद अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए पति मदन उर्फ अरिमर्दन को दस साल की कैद और ससुर रामराजा को सात साल की कैद की सजा सुनाई। दोनों पर 35 -35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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