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...तो क्या भाजपा भी राजा भैया को बचा रही है?

Fri, 08 Mar 2013 12:07 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 08 Mar 2013 12:07 PM IST
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is bjp in favor of raja bhaiya

क्या भाजपा डीएसपी जिया उल हक की हत्या के आरोपी कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को बचाने की कोशिश कर रही है?

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उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ और आसपास के जिलों में गुरुवार को राजा भैया की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों में भाजपा के सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।

इलाहबाद से अमर उजाला संवाददाता फरहत खान के मुताबिक, गुरुवार को इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशांबी जिलों में राजा भैया के समर्थन में भाजपा के सहयोगी संगठनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खां और जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अहमद बुखारी का पुतला भी फूंका है।'
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ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि क्या भाजपा अंदरखाने में राजा भैया की मदद कर रही है?

विधान सभा में दिया था साथ

ऐसा नहीं है कि भाजपा के सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता ही राजा भैया के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, सोमवार को विधानसभा सत्र में भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह ने भी डीएसपी हत्याकांड में राजा भैया का नाम आने के मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी।
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गौरतलब है कि डीएसपी हत्याकांड में नामजद होने के बाद सोमवार को मंत्री पद से इस्तीफा देकर विधानसभा पहुंचे राजा भैया ने कहा था कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।

उन्होंने कहा था कि डीएसपी हत्याकांड के अगले दिन दोपहर तक उनका नाम चर्चा में नहीं था लेकिन दोपहर के बाद अचानक उनका नाम चर्चा में आ गया।

तब चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए हुकुम सिंह ने कहा था कि राजा भैया का नाम मामले में कैसे आया, इसकी जांच होनी चाहिए। कुंडा से पांचवी बार विधायक चुने गए राजा भैया भाजपा के शासन काल में भी उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री रह चुके हैं।

सपा झाड़ चुकी है पल्ला

डीएसपी हत्या कांड में नाम आने के बाद सपा राजा भैया से पल्ला झाड़ चुकी है। राजनीतिक रूप से सपा इस मामले को बहुत ही संवेदनशील मान रही है। माना जा रहा है कि हत्याकांड से सपा का एमवाई (मुस्लिम-यादव) फैक्टर खतरे में पड़ गया है।

सूत्रों के मुताबिक, डीएसपी जिया उल हक की मौत से मुसलमान तो नाराज हैं ही, कुंडा के ग्राम प्रधान नन्हें यादव और उसके भाई की मौत से सपा के यादव वोट बैंक पर भी खतरा मंडरा रहा है।

यही वजह है कि मुआवजे जैसी फौरी कार्रवाई करके अखिलेश ने इस मामले को सीबीआई को सौंपकर पल्ला झाड़ लिया है।

राजा भैया पर पहले से था हत्या का मामला

सीबीआई ने राजा भैया पर कोई नया मामला दर्ज नहीं किया है। हमारे इलाहाबाद संवाददाता के मुताबिक सीबीआई ने कुंडा हत्याकांड के मामले में यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को ही टेकओवर किया है।


इसमें डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद की तहरीर पर पुलिस ने राजा भैया के खिलाफ पुलिस को धमकी, लूट, बलवा, धमकी, मारपीट, हत्या की साजिश और हत्या का मामला दर्ज किया था।

डीएसपी हत्याकांड में राजा भैया पर हत्या का मामला यूपी पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है।

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