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जौनपुरः प्रीति यादव के नाम नौकरी करने के मामले में बीएसए कार्यालय के लिपिक को जांच एजेंसी ने उठाया
Mon, 15 Jun 2020 06:44 PM IST
विचित्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 15 Jun 2020 06:44 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच कर रही लखनऊ की जांच एजेंसी ने सोमवार को सुबह जौनपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक को घर से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लिपिक की पत्नी बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक है।
बीएसए कार्यालय में सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा पर तैनात वरिष्ठ सहायक आनंद सिंह को जांच एजेंसी ने लाइन बाजार स्थित घर से सुबह उठा लिया। प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी नियुक्ति को लेकर सुर्खियों में आई अनामिका शुक्ला के बाद जौनपुर में प्रीति यादव के नाम पर फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ है।
जिले के मुफ्तीगंज कस्तूरबा विद्यालय में तैनात पूर्णकालिक शिक्षिका प्रीति यादव ने नियुक्ति में जो शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए हैं, उन्हीं प्रमाण पत्रों के सहारे आजमगढ़ के कस्तूरबा विद्यालय में प्रीति नाम की महिला वार्डेन की नौकरी कर रही थी। दोनों का आधार कार्ड भी एक ही है। इसका खुलासा होने से पहले ही दोनों ड्यूटी से लापता हो गई हैं।
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उनका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। अभी तक की जांच से पता चला है कि जिस हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र और प्रमाण पत्रों के आधार पर जौनपुर और आजमगढ़ में दोनों महिलाएं नौकरी कर रही थी, वह प्रमाण पत्र इसी जिले के शाहपुर सिकरारा निवासी लालबहादुर यादव की बेटी प्रीति यादव के हैं।
असली प्रीति यादव अभी बेरोजगार है और उसके प्रमाण पत्र पर दो महिलाएं छह अक्तूबर 2019 से नौकरी कर रही थी। माना जा रहा है कि नियुक्ति में फर्जीवाड़े के तार जिले से भी जुड़े हैं। जांच कर रही लखनऊ की एजेंसी ने कार्यालय के जिस बाबू को उठाया है, वह करीब 12 साल से बीएसए कार्यालय में तैनात हैं।
वह पांच दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे थे। उनकी पत्नी इसी कार्यालय में बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक के पद पर तैनात हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि सर्व शिक्षा अभियान के लिपिक आनंद सिंह पांच दिनों से छुट्टी पर चल रहे हैं। उन्हें किसी जांच एजेंसी की ओर से हिरासत में लेने की बात संज्ञान में आई है, लेकिन कोई अधिकृत सूचना नहीं मिली है। जांच एजेंसी तो किसी से भी पूछताछ कर सकती है।
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बीएसए कार्यालय में सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा पर तैनात वरिष्ठ सहायक आनंद सिंह को जांच एजेंसी ने लाइन बाजार स्थित घर से सुबह उठा लिया। प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी नियुक्ति को लेकर सुर्खियों में आई अनामिका शुक्ला के बाद जौनपुर में प्रीति यादव के नाम पर फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ है।
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जिले के मुफ्तीगंज कस्तूरबा विद्यालय में तैनात पूर्णकालिक शिक्षिका प्रीति यादव ने नियुक्ति में जो शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए हैं, उन्हीं प्रमाण पत्रों के सहारे आजमगढ़ के कस्तूरबा विद्यालय में प्रीति नाम की महिला वार्डेन की नौकरी कर रही थी। दोनों का आधार कार्ड भी एक ही है। इसका खुलासा होने से पहले ही दोनों ड्यूटी से लापता हो गई हैं।
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उनका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। अभी तक की जांच से पता चला है कि जिस हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र और प्रमाण पत्रों के आधार पर जौनपुर और आजमगढ़ में दोनों महिलाएं नौकरी कर रही थी, वह प्रमाण पत्र इसी जिले के शाहपुर सिकरारा निवासी लालबहादुर यादव की बेटी प्रीति यादव के हैं।
असली प्रीति यादव अभी बेरोजगार है और उसके प्रमाण पत्र पर दो महिलाएं छह अक्तूबर 2019 से नौकरी कर रही थी। माना जा रहा है कि नियुक्ति में फर्जीवाड़े के तार जिले से भी जुड़े हैं। जांच कर रही लखनऊ की एजेंसी ने कार्यालय के जिस बाबू को उठाया है, वह करीब 12 साल से बीएसए कार्यालय में तैनात हैं।
वह पांच दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे थे। उनकी पत्नी इसी कार्यालय में बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक के पद पर तैनात हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि सर्व शिक्षा अभियान के लिपिक आनंद सिंह पांच दिनों से छुट्टी पर चल रहे हैं। उन्हें किसी जांच एजेंसी की ओर से हिरासत में लेने की बात संज्ञान में आई है, लेकिन कोई अधिकृत सूचना नहीं मिली है। जांच एजेंसी तो किसी से भी पूछताछ कर सकती है।
मेरे प्रमाण पत्रों का गलत इस्तेमाल करने वाला हो बेनकाब
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी नियुक्ति के मामले में असली प्रीति यादव ने कहा है कि मामले की जांच हो और मेरे शैक्षिक प्रमाण पत्रों का गलत इस्तेमाल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उसने प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश, निदेशक बेसिक शिक्षा, डीएम और बीएसए को भी प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की है।
असली प्रीति यादव इसी जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी अधिवक्ता लालबहादुर यादव की बेटी है। परिषदीय विद्यालय में 69 हजार शिक्षक भर्ती में उनका चयन बरेली में हुआ है। उन्होंने वहां काउंसिलिंग भी करा ली है।
प्रमुख सचिव गृह समेत अन्य अफसरों को भेजे गए पत्रक में उसने कहा है कि 2017 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्णकालिक शिक्षक के लिए जौनपुर से उसने आवेदन किया था, लेकिन आयु सीमा में नौ दिन की कमी के चलते चयन नहीं हो सका था। पूरी गुंजाइश है कि उसके प्रमाण पत्र इसी कार्यालय से जालसाजों के हाथ लगे होंगे।
कस्तूरबा विद्यालय की अध्यापिका बर्खास्त
दूसरे के शैक्षिक प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वाली कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज की पूर्णकालिक शिक्षिका प्रीति यादव को बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि डीएम की अनुमति के बाद सोमवार को बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर नौकरी करने वाली प्रीति होली के पहले से लापता है। उसका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी ने उसके खिलाफ शहर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। मामले की विवेचना कर रही पुलिस उसके बैंक खाते के गारंटर की भी तलाश कर रही है।
असली प्रीति यादव इसी जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी अधिवक्ता लालबहादुर यादव की बेटी है। परिषदीय विद्यालय में 69 हजार शिक्षक भर्ती में उनका चयन बरेली में हुआ है। उन्होंने वहां काउंसिलिंग भी करा ली है।
प्रमुख सचिव गृह समेत अन्य अफसरों को भेजे गए पत्रक में उसने कहा है कि 2017 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्णकालिक शिक्षक के लिए जौनपुर से उसने आवेदन किया था, लेकिन आयु सीमा में नौ दिन की कमी के चलते चयन नहीं हो सका था। पूरी गुंजाइश है कि उसके प्रमाण पत्र इसी कार्यालय से जालसाजों के हाथ लगे होंगे।
कस्तूरबा विद्यालय की अध्यापिका बर्खास्त
दूसरे के शैक्षिक प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वाली कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज की पूर्णकालिक शिक्षिका प्रीति यादव को बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि डीएम की अनुमति के बाद सोमवार को बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर नौकरी करने वाली प्रीति होली के पहले से लापता है। उसका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी ने उसके खिलाफ शहर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। मामले की विवेचना कर रही पुलिस उसके बैंक खाते के गारंटर की भी तलाश कर रही है।