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बच्चे के आंसू पोंछे, खाना खिलाया, फिर पिता से मिलाया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Sun, 14 Oct 2018 03:29 PM IST
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बच्चों के गायब होने की फरियाद थाने पर न सुने जाने की शिकायत तो अक्सर मिलती है लेकिन बेलीपार पुलिस का इससे उलट चेहरा सामने आया है। नेपाल से भटककर आए दस साल के अंकित के पुलिस ने न सिर्फ आंसू पोंछे बल्कि इलाज कराया और थानेदार अनिल सिंह ने कोशिशों से उसके पिता से भी मिलवाया। थाने में उसके खाने और सोने की व्यवस्था देख आसपास के ग्रामीणों ने भी पुलिस की सराहना की।
नेपाल का अंकित भटककर शुक्रवार को बेलीपार इलाके में आ गया था। साइकिल लेकर सड़क के किनारे खड़ा कर बच्चा फफक कर रो रहा था। ग्रामीण पहुंचे तो बताया कि नेपाल का रहने वाला है और साइकिल चलाते हुए भटक कर यहां चला आया है। करीब 135 किलोमीटर साइकिल चलाने की बात सुनकर ग्रामीण भी हैरान हो गए।
ग्रामीण उसे लेकर थाने पहुंचे तो थानेदार को भी यकीन नहीं हुआ। लेकिन अंकित के पैरों के जख्म और सूजन उसकी सच्चाई की गवाही दे रहे थे। थाने पर उसे खाना खिलाया गया और फिर डॉक्टर के क्लीनिक में उपचार। बच्चे ने अपना नाम अंकित जायसवाल पुत्र दिनेश जायसवाल बताया। पता विलासपुर थाना नवलपरासी नेपाल। फिर अनिल सिंह ने थाने पर लोगों से पूछा तो गार्ड धर्मेंद्र ने थाना क्षेत्र में रिश्तेदारी बताई।
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रिश्तेदार के जरिए ही पुलिस के पिता तक पहुंची और फिर सोशल मीडिया से फोटो भेजकर पुष्टि कराई। शनिवार को पिता आकर बच्चे को ले गए।
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नेपाल का अंकित भटककर शुक्रवार को बेलीपार इलाके में आ गया था। साइकिल लेकर सड़क के किनारे खड़ा कर बच्चा फफक कर रो रहा था। ग्रामीण पहुंचे तो बताया कि नेपाल का रहने वाला है और साइकिल चलाते हुए भटक कर यहां चला आया है। करीब 135 किलोमीटर साइकिल चलाने की बात सुनकर ग्रामीण भी हैरान हो गए।
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ग्रामीण उसे लेकर थाने पहुंचे तो थानेदार को भी यकीन नहीं हुआ। लेकिन अंकित के पैरों के जख्म और सूजन उसकी सच्चाई की गवाही दे रहे थे। थाने पर उसे खाना खिलाया गया और फिर डॉक्टर के क्लीनिक में उपचार। बच्चे ने अपना नाम अंकित जायसवाल पुत्र दिनेश जायसवाल बताया। पता विलासपुर थाना नवलपरासी नेपाल। फिर अनिल सिंह ने थाने पर लोगों से पूछा तो गार्ड धर्मेंद्र ने थाना क्षेत्र में रिश्तेदारी बताई।
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रिश्तेदार के जरिए ही पुलिस के पिता तक पहुंची और फिर सोशल मीडिया से फोटो भेजकर पुष्टि कराई। शनिवार को पिता आकर बच्चे को ले गए।