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‘मोदी बने PM तो यूपी में होंगे मध्यावधि चुनाव’
अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Thu, 10 Oct 2013 10:49 AM IST
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लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के मकसद से संगठन के ढीले पेच कसने निकले अमित शाह ने भाजपा नेताओं को आइना दिखाया।
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चेतावनी दी कि सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर न निकले तो सूबे में पार्टी का वही हाल होगा, जैसा तमिलनाडु में कांग्रेस का हुआ। उन्होंने चुनाव के लिए यूपी को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
दावा किया कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उत्तर प्रदेश की सरकार खुद-ब-खुद विघटित हो जाएगी। यहां मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं।
इलाहाबाद पहुंचे शाह
अमित शाह लोकसभा चुनाव के लिए संगठन की तैयारियां परखने, पुराने नेताओं की राय जानने के लिए बुधवार को इलाहाबाद पहुंचे। दो सत्रों में हुई बैठक की शुरुआत प्रदेशभर से आए प्रकोष्ठों के संयोजकों और सह-संयोजकों के साथ हुई।
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इसमें उन्होंने प्रकोष्ठों के गठन का उद्देश्य बताया और कहा कि सभी प्रकोष्ठ 16 नवंबर से 31 मार्च तक के लिए ऐसे राजनीतिक कार्यक्रम तय करें, जिससे भाजपा को जीत हासिल हो सके।
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पूर्व पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने भाषण से ज्यादा संवाद पर जोर दिया। इसमें सभी से सुझाव मांगा। कुछ नेताओं ने सुझाया कि सपा और बसपा के खिलाफ हमलावर रुख न दिखाएं।
इससे वोटर नाराज हो सकते हैं। शाह ने इसे खारिज कर दिया। कहा, कांग्रेस की केंद्र सरकार इन्हीं दोनों के सहयोग से चल रही है। उसके हर काम के लिए सपा और बसपा भी जिम्मेदार हैं।
युवाओं को खींचने की कोशिश
शाह ने पूर्व पदाधिकारियों को भी काम सौंपा। कहा, अगले 10 दिनों में सभी पदाधिकारी सभी बूथ और बूथ कमेटियों का सत्पापन करें, इसके बाद युवाओं को पार्टी से जोड़ने का अभियान चलाएं।
एक पूर्व जिलाध्यक्ष ने इलाहाबाद के वर्तमान जिलाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी के बड़े नेताओं का पुतला जलाया था। जुगाड़ से वह फिर मनोनीत हो गए हैं। अनुशासनहीन पदाधिकारी पार्टी नेताओं से ठीक से बात तक नहीं करते।
एक पूर्व महानगर अध्यक्ष ने कहा, किसी पदाधिकारी से 90 फीसदी कार्यकर्ता नाराज हैं तो उस पर पार्टी को विचार करना चाहिए। शाह ने इन शिकायतों पर नाराजगी जताई और चेताया कि नकारात्मक बातें न करें।
सकारात्मक और जीत की बातें करें। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बूथ कमेटियों में सामाजिक समीकरण का ध्यान रखने का सुझाव दिया।
कहा, युवा मोर्चा विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेज के सामने स्टॉल लगाकर युवाओं को मतदाता बनाएं और पार्टी से जोड़ें। प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने संगठन, संपर्क, संवाद और संघर्ष को चुनावी सफलता का मंत्र बताया।