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पति ने घर से निकाला, पत्नी ने शुरू किया सत्याग्रह

Mon, 15 Jul 2013 11:43 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 15 Jul 2013 11:43 AM IST
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hubby discards, wife on satyagrah

जिसके लिए सबको छोड़ा, चंद रुपयों के लिए उसी ने घर से निकाल दिया। विडंबना यह है कि उसके साथ उसका तीन माह का मासूम बेटा भी सजा भुगत रहा है।

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कलेजे के टुकड़े को सीने से चिपकाए युवती ने अब ससुराल में सत्याग्रह शुरू कर दिया। युवती के साथ उसके मां-बाप और मोहल्ले के लोग भी धरने में शामिल हो गए।

नहीं माने ससुराल वाले

क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों और पुलिस ने समझौता कराने की कोशिश की लेकिन उसके ससुरालीजनों का दिल नहीं पसीजा। पुलिस ने बताया कि ससुरालवालों का कहना है कि आलोक से शिखा का कोई लेना-देना नहीं है। वह उसे घर से बेदखल कर चुके हैं।
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तीन साल पहले हुई थी लव मैरिज
पति के खिलाफ धरने पर बैठी शिखा के आंसू थम नहीं रहे हैं। वह बताती है कि तीन साल पहले आलोक और उसके रिश्ते को लेकर काफी विरोध हुआ था। इसे दरकिनार कर दोनों ने आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था।
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इसी दौरान आलोक को सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय में नौकरी मिल गई। वे दोनों सीतापुर में ही एक किराए का मकान लेकर रहने लगे।

कुछ समय बाद आलोक के माता-पिता ने शिखा को अपने घर में बुलाया लिया, जहां वो करीब सालभर रही। उसके अनुसार, इस दौरान उससे दहेज में कार और जेवर लाने के लिए कहा जाने लगा। विरोध पर उसे प्रताड़ित भी किया गया।

वह फिर से सीतापुर जाकर आलोक के साथ रहने लगी।

शिखा ने पहले भी लिखाई थी रिपोर्ट
बीते महीने दोनों में किसी बात पर विवाद हो गया जो इतना बढ़ा कि आलोक ने सीतापुर कोतवाली में पत्नी से जान का खतरा होने की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने समझाकर बुझाकर दोनों को मनाया। उसके बाद फिर आलोक घर में शिखा को अकेला छोड़ चला गया।

जब वह कई दिन बाद भी नहीं लौटा तो शिखा लखनऊ में अपने ससुराल पहुंची, लेकिन उसे भगा दिया गया। वह अपने माता-पिता के पास आ गई। रविवार को उसने दोबारा सुसराल पहुंचकर उसे घर में लेने की मिन्नतें की, लेकिन घर में घुसने नहीं दिया गया।

हालात की मारी शिखा इंग्लिश में ग्रेजुएशन के बाद बीएड कर चुकी है। विवाह से पहले वह एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाती थी, लेकिन बाद में घर संभालने के लिए उसने नौकरी छोड़ दी।


कोई बताए तो मेरी गलती क्या है?
शिखा ने कहा कि वह एक दिन ससुराल वालों का इंतजार करना चाहेगी, संभव है उनका मन बदले। वह चाहती है कि समाज के सामने आकर वे उसे बताएं कि आखिर उसकी गलती क्या है?

देर रात मोहल्ले वालों के समझाने-बुझाने पर शिखा अपने माता-पिता के साथ उनके घर चली गई। अब सोमवार को वह कानूनी कार्यवाही पर विचार करेगी। उधर आलोक का फोन स्विच ऑफ बताता रहा।

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