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इलाहाबाद स्टेशन पर ऐसे मची भगदड़
इलाहाबाद/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 11 Feb 2013 04:27 PM IST
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महाकुंभ में रविवार शाम मौनी अमावस्या पर इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने के कारणों का पता चल गया है। भगदड़ में 36 लोगों की जान गई। घटना के कारणों का पता फुटओवर ब्रिज पर लगे कैमरे से चला है।
सीसीटीवी कैमरे से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादा भीड़ और धक्का-मुक्की देने से भगदड़ मची। करीब 6.45 बजे प्लेटफार्म नं. 6 पटना स्पेशल ट्रेन पहुंची थी, जिसमें लोग जल्द बैठना चाहते थे। इसके लिए लोगों ने फुटओवर ब्रिज से नीचे उतरने के लिए दौड़ लगाई। ओवरब्रिज 20 फुट चौड़ा था। किसी ने बुजुर्ग यात्री को धक्का दिया, जिससे बुजुर्ग यात्री गिर पड़े और भगदड़ मच गई। जीआरपी ने लोगों पर हल्का लाठीचार्ज भी किया।
दो बार मची थी भगदड़ : महाकुंभ में इलाहाबाद स्टेशन रविवार हुए हादसे में यह जानकारी मिली है कि भगदड़ एक बार नहीं बल्कि दो बार मची थी। पहली भगदड़ प्लेटफॉर्म न. 6 पर फुटओवर ब्रिज पर हुई थी। दूसरी भगदड़ सीढ़ी नंबर 2 पर मची थी। भगदड़ की वजह ट्रेनों की कम संख्या को बताया जा रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से भगदड़ मची।
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एक कारण ये भी..
जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर मची भगदड़ का एक बड़ा कारण अचानक ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलना भी रहा। हादसे और तोड़फोड़ में घायल बिहार के रजनीश कुमार, मुगलसराय के श्यामेंद्र ने बताया कि उन्हें राजधानी से जाना था। स्टेशन के बाहर और अंदर लगातार एनाउंस हो रहा था कि राजधानी प्लेटफॉर्म नंबर चार पर आएगी। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर डिस्प्ले बोर्ड पर भी आने की सूचना दी जा रही थी। गाड़ी आने के ठीक पांच मिनट पहले बोला गया कि राजधानी छह पर पहुंचने वाली है।
दम घुटने और चोट लगने से हुईं मौतें
सीढ़ियों पर मची भगदड़ के दौरान यात्री एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भगदड़ के बाद स्थिति इतनी खराब हो गई कि नीचे दबी महिलाओं और पुरुषों को निकालने में आधे घंटे का वक्त लग गया। नीचे दबे लोगों के ऊपर कई लोग गिरे। कई यात्री बचने के लिए गिरे हुए लोगों के ऊपर से दौड़ लगा दी। इससे नीचे दबे हुए लोगों को चोटें भी आईं। आशंका है कि नीचे दबे लोगों की मौत दम घुटने से हुई। हालांकि, कई यात्रियों के सिर में भी चोटें दिखीं।
सीआरएस कर सकते हैं घटना की जांच
जंक्शन पर हुए हादसे की जांच रेलवे बोर्ड रेलवे सेफ्टी कमिश्नर उत्तरी क्षेत्र को सौंप सकता है। देर रात तक हादसे की जांच के लिए ऐलान नहीं किया गया था। न ही किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई ही हुई है। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि घटना में मृतकों की संख्या को देखते हुए इसकी जांच सीआरएस से कराई जा सकती है।
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सीसीटीवी कैमरे से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादा भीड़ और धक्का-मुक्की देने से भगदड़ मची। करीब 6.45 बजे प्लेटफार्म नं. 6 पटना स्पेशल ट्रेन पहुंची थी, जिसमें लोग जल्द बैठना चाहते थे। इसके लिए लोगों ने फुटओवर ब्रिज से नीचे उतरने के लिए दौड़ लगाई। ओवरब्रिज 20 फुट चौड़ा था। किसी ने बुजुर्ग यात्री को धक्का दिया, जिससे बुजुर्ग यात्री गिर पड़े और भगदड़ मच गई। जीआरपी ने लोगों पर हल्का लाठीचार्ज भी किया।
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दो बार मची थी भगदड़ : महाकुंभ में इलाहाबाद स्टेशन रविवार हुए हादसे में यह जानकारी मिली है कि भगदड़ एक बार नहीं बल्कि दो बार मची थी। पहली भगदड़ प्लेटफॉर्म न. 6 पर फुटओवर ब्रिज पर हुई थी। दूसरी भगदड़ सीढ़ी नंबर 2 पर मची थी। भगदड़ की वजह ट्रेनों की कम संख्या को बताया जा रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से भगदड़ मची।
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एक कारण ये भी..
जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर मची भगदड़ का एक बड़ा कारण अचानक ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलना भी रहा। हादसे और तोड़फोड़ में घायल बिहार के रजनीश कुमार, मुगलसराय के श्यामेंद्र ने बताया कि उन्हें राजधानी से जाना था। स्टेशन के बाहर और अंदर लगातार एनाउंस हो रहा था कि राजधानी प्लेटफॉर्म नंबर चार पर आएगी। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर डिस्प्ले बोर्ड पर भी आने की सूचना दी जा रही थी। गाड़ी आने के ठीक पांच मिनट पहले बोला गया कि राजधानी छह पर पहुंचने वाली है।
दम घुटने और चोट लगने से हुईं मौतें
सीढ़ियों पर मची भगदड़ के दौरान यात्री एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भगदड़ के बाद स्थिति इतनी खराब हो गई कि नीचे दबी महिलाओं और पुरुषों को निकालने में आधे घंटे का वक्त लग गया। नीचे दबे लोगों के ऊपर कई लोग गिरे। कई यात्री बचने के लिए गिरे हुए लोगों के ऊपर से दौड़ लगा दी। इससे नीचे दबे हुए लोगों को चोटें भी आईं। आशंका है कि नीचे दबे लोगों की मौत दम घुटने से हुई। हालांकि, कई यात्रियों के सिर में भी चोटें दिखीं।
सीआरएस कर सकते हैं घटना की जांच
जंक्शन पर हुए हादसे की जांच रेलवे बोर्ड रेलवे सेफ्टी कमिश्नर उत्तरी क्षेत्र को सौंप सकता है। देर रात तक हादसे की जांच के लिए ऐलान नहीं किया गया था। न ही किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई ही हुई है। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि घटना में मृतकों की संख्या को देखते हुए इसकी जांच सीआरएस से कराई जा सकती है।