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बूंदाबांदी के साथ गिरे ओले, तेज हवा से बिछी फसल
Fri, 15 Feb 2019 12:27 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Fri, 15 Feb 2019 12:27 AM IST
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गांव खमानी गढ़ी में ओलों को दिखाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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सादाबाद। आए दिन मौसम का मिजाज बदल रहा है। गुरूवार की सुबह बूंदाबांदी के बाद दोपहर को अचानक आसमान से ओले गिरने शुरू हो गए। क्षेत्र के कुछ ही गांव में यह ओले कुछ मिनटों के लिए ही गिरे। आसमान से ओलों को गिरने देख एक बार फिर से किसानों के दिल की धड़कनें बढ़ गईं।
गांव वासदत्ता, जारऊ, ऊंचागांव, गढ़ी ख्याली सहित कई अन्य गांवों में भी बारिश के साथ ओले पड़े। तीन से चार मिनट तक पड़े ओले खेतों में बिछ गए। कुछ किसानों ने इन ओलों को इकट्ठा कर लिया। इधर, तेज हवा चलने की वजह से कुछ जगह खेतों में फसल भी बिछ गई। हालांकि न तो बारिश अधिक समय तक हुई और ओले अधिक समय तक गिरे। इससे किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की धड़कनें बढ़ी रहीं। किसान बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे थे।
किसानों का मानना था कि अगर बारिश होती है तो आलू की फसल की खुदाई काफी लेट हो जाएगी। तहसीलदार टीपी सिंह ने बताया कि कुछ गांव में ओले गिरे हैं, लेकिन इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेखपालों को सर्वे के लिए लगा दिया गया है।
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गांव वासदत्ता, जारऊ, ऊंचागांव, गढ़ी ख्याली सहित कई अन्य गांवों में भी बारिश के साथ ओले पड़े। तीन से चार मिनट तक पड़े ओले खेतों में बिछ गए। कुछ किसानों ने इन ओलों को इकट्ठा कर लिया। इधर, तेज हवा चलने की वजह से कुछ जगह खेतों में फसल भी बिछ गई। हालांकि न तो बारिश अधिक समय तक हुई और ओले अधिक समय तक गिरे। इससे किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की धड़कनें बढ़ी रहीं। किसान बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे थे।
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किसानों का मानना था कि अगर बारिश होती है तो आलू की फसल की खुदाई काफी लेट हो जाएगी। तहसीलदार टीपी सिंह ने बताया कि कुछ गांव में ओले गिरे हैं, लेकिन इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेखपालों को सर्वे के लिए लगा दिया गया है।
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