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Hathras News: ई-रिक्शा में शव ले जाने का वीडियो वायरल
Thu, 15 Oct 2026 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 15 Oct 2026 01:49 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस से ई-रिक्शा में शव ले जाते परिजन। स्रोत : वीडियोग्रैब
- फोटो : Videograb
हाथरस। पोस्टमार्टम हाउस से ई-रिक्शा में शव ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शव ले जा रहा शख्स दावा कर रहा है कि उसे एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई।
दरअसल सासनी के बिजलीघर क्षेत्र के रहने वाले यासीन (40) पुत्र नसरुद्दीन का शव 13 अक्तूबर को पराग डेयरी के निकट मिला था। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद यासीन का चचेरा भाई रमजानी ई-रिक्शा से शव सासनी लेकर गया। रमजानी ने दावा किया उसे वहां मौजूद कर्मचारियों ने अपने वाहन की खुद व्यवस्था करने के लिए कहा।
कहने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। निजी एंबुलेंस काफी रुपये मांग रही थी, इसलिए ई-रिक्शा कर लिया। सीएमओ डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस के लिए दो एंबुलेंस व दो चालक उपलब्ध हैं। मृतक के परिजनों ने स्टाफ से एंबुलेंस के लिए नहीं कहा था। यदि स्टाफ ने मना किया था तो अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए थी। संवाद
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दरअसल सासनी के बिजलीघर क्षेत्र के रहने वाले यासीन (40) पुत्र नसरुद्दीन का शव 13 अक्तूबर को पराग डेयरी के निकट मिला था। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद यासीन का चचेरा भाई रमजानी ई-रिक्शा से शव सासनी लेकर गया। रमजानी ने दावा किया उसे वहां मौजूद कर्मचारियों ने अपने वाहन की खुद व्यवस्था करने के लिए कहा।
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कहने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। निजी एंबुलेंस काफी रुपये मांग रही थी, इसलिए ई-रिक्शा कर लिया। सीएमओ डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस के लिए दो एंबुलेंस व दो चालक उपलब्ध हैं। मृतक के परिजनों ने स्टाफ से एंबुलेंस के लिए नहीं कहा था। यदि स्टाफ ने मना किया था तो अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए थी। संवाद
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