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Hathras News: महिला दरोगा से नहीं हो सकी जिरह, पांच को सुनवाई
Fri, 30 Oct 2026 01:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 30 Oct 2026 01:14 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
हाथरस। सिकंदराराऊ सत्संग हादसे के मामले में एडीजे कोर्ट संख्या-एक में चल रहे सत्र परीक्षण में बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इस तारीख पर सीतापुर में तैनात महिला दरोगा से जिरह होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई। प्रकरण में अगली तारीख पांच नवंबर लगी है।
22 अक्तूबर को न्यायालय में 45वें गवाह के रूप में सीतापुर की कोतवाली नगर में तैनात एसआई दीक्षा गंगवार की गवाही हुई थी। घटना के समय दीक्षा आगरा के थाना एमएम गेट में तैनात थीं। हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग हादसे के बाद 21 शवों को पोस्टमार्टम कराने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा की मोर्चरी में पहुंचे थे।
इस दौरान उनकी ड्यूटी पंचनामा की कार्यवाही के लिए लगी थी। अभियुक्तों के अधिवक्ताओं की ओर से जिरह के लिए स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। अदालत ने गवाह के बयान को लिपिबद्ध करते हुए जिरह की तिथि 29 अक्तूबर निर्धारित की थी। बृहस्पतिवार को गवाही नहीं हो सकी।
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उल्लेखनीय है कि दो जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई-मुगलगढ़ी में सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं।
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22 अक्तूबर को न्यायालय में 45वें गवाह के रूप में सीतापुर की कोतवाली नगर में तैनात एसआई दीक्षा गंगवार की गवाही हुई थी। घटना के समय दीक्षा आगरा के थाना एमएम गेट में तैनात थीं। हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग हादसे के बाद 21 शवों को पोस्टमार्टम कराने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा की मोर्चरी में पहुंचे थे।
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इस दौरान उनकी ड्यूटी पंचनामा की कार्यवाही के लिए लगी थी। अभियुक्तों के अधिवक्ताओं की ओर से जिरह के लिए स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। अदालत ने गवाह के बयान को लिपिबद्ध करते हुए जिरह की तिथि 29 अक्तूबर निर्धारित की थी। बृहस्पतिवार को गवाही नहीं हो सकी।
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उल्लेखनीय है कि दो जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई-मुगलगढ़ी में सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं।