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Hathras News: भाजपा से गठबंधन के कयास, रालोद से टिकट की दावेदारी करने वालों की बढ़ीं धड़कने
Sat, 10 Feb 2024 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Sat, 10 Feb 2024 01:49 AM IST
सार
हाथरस लोकसभा सीट के सपा-रालोद गठबंधन में रालोद के पास रहने की उम्मीद थी। अब रालोद के भाजपा संग गठबंधन के कयास ने टिकट के लिए दावेदारी कर चुके दावेदारों की धड़कनें और चिंता को बढ़ा दिया है। उन्हें अपनी मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
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बीजेपी और रालोद गठबंधन की सुगबुगाहट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही हाथरस जिले में सियासी सरगर्मियां भी उफान ले रही हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा हलचल राष्ट्रीय लोकदल के खेमे में महसूस की जा रही है। कुछ दिन पूर्व सपा से गठबंधन के तहत हाथरस लोकसभा सीट रालोद के खाते में आने के बाद 11 दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब भाजपा से गठबंधन की चर्चाओं ने इन दावेदारों की धड़कन बढ़ा दी हैं। उन्हें अपनी मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
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प्रदेश में रालोद से गठबंधन का बड़ा असर इस जिले की सियासत पर भी दिखेगा। भाजपा के दबदबे वाली लोकसभा हाथरस की सीट पर रालोद-सपा गठबंधन ने चिंता की लकीरें खींच दी थीं। हाथरस की सीट पर कांटे का मुकाबला होना तय माना जा रहा था, लेकिन अब अगर रालोद के भाजपा से गठबंधन की चर्चाएं सही साबित होती हैं तो सीट भाजपा में जाना तय मानी जा रही है।
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वर्ष 2009 में रालोद-भाजपा गठबंधन में रालोद प्रत्याशी सारिका सिंह बघेल ने जीत हासिल की थी। उसके बाद 2014 में भाजपा से राजेश दिवाकर व 2019 में राजवीर सिंह दिलेर ने जीत हासिल की। इस बार भी सपा से गठबंधन होते ही सारिका सिंह बघेल सहित 10 अन्य दावेदारों ने रालोद से टिकट के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन अब सियासी तस्वीर बदलने की संभावना ने इनकी उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है। फिलहाल सभी गठबंधन की आधिकारिक घोषणा और रालोद को मिलने वाली सीटों पर नजर बनाए हुए हैं। उसके बाद ही यह दावेदार आगे की रणनीति तय करेंगे।
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