{"_id":"6ae32f5ff1cf202c7c08b771","slug":"tanker-driver-dies-in-accident-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरसान: करवा चौथ से पहले मातम, हादसे में टैंकर चालक की मौत, पति का शव देख बदहवास हुई पत्नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरसान: करवा चौथ से पहले मातम, हादसे में टैंकर चालक की मौत, पति का शव देख बदहवास हुई पत्नी
Thu, 29 Oct 2026 05:05 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 29 Oct 2026 05:05 PM IST
सार
परिजनों ने मृतक की पत्नी और मां को मौत की सूचना नहीं दी थी। दोनों को यही बताया गया था कि रवि घायल हैं। वे देर शाम तक उनकी सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना करती रहीं। जैसे ही दोनों ने रवि का शव देखा, उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
मृतक रवि पौनियां
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
बिजनौर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले 30 वर्षीय टैंकर चालक रवि पौनियां का शव बुधवार रात करीब दो बजे घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। करवा चौथ से एक दिन पहले पति का शव देखकर पत्नी बदहवास हो गई। मां भी सदमे में आ गई। बृहस्पतिवार सुबह पैतृक गांव जटोई में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
मुरसान कस्बे की संतोषी माता गली निवासी रवि मंगलवार को पानीपत से कोलतार का टैंकर लेकर गंगोत्री जा रहे थे। मंगलवार रात करीब 10 बजे बिजनौर जिले में मंडावली-नजीबाबाद चौराहे के पास टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में रवि की मौत हो गई, जबकि क्लीनर गौरव निवासी गांव मई थाना इगलास जिला अलीगढ़ गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
मृतक के भाई सतेंद्र ने बिजनौर में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर रात रवि का शव मुरसान स्थित घर लाया गया। परिजनों ने बुधवार शाम तक रवि की पत्नी लक्ष्मी और मां सोमिता को उसकी मौत की सूचना नहीं दी थी। दोनों को यही बताया गया था कि रवि घायल हैं। वे देर शाम तक उनकी सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना करती रहीं। जैसे ही दोनों ने रवि का शव देखा, उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
शव पहुंचते ही परिवार में त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। रवि के पिता उदयवीर पौनियां मूल रूप से गांव जटाई के निवासी हैं। करीब 20 वर्ष पहले उन्होंने मुरसान की संतोषी माता गली में मकान बनाकर रहना शुरू किया था। रवि अपने पीछे पत्नी लक्ष्मी, 16 वर्षीय बेटी निधि, 14 वर्षीय बेटे अनु और 10 वर्षीय बेटे मयंक को बिलखता हुआ छोड़कर गए हैं।