प्रोफेसर रजनीश कांड: अब एसआईटी करेगी विवेचना, छह प्रोफेसर-दो कर्मियों से होगी पूछताछ
हाथरस के पीसी बागला डिग्री कॉलेज के निलंबित प्रोफेसर पर लगे छात्राओं के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने के प्रकरण में अब एसआईटी विवेचना करेगी। जिसके लिए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसके द्वारा साक्ष्य संकलन, पूछताछ, लोगों के बयान आदि किए जाएंगे।
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प्रोफेसर पर दर्ज मुकदमों की विवेचना, साक्ष्य जुटाने व पीड़िताओं से बात करने के लिए एसपी स्तर से एसआईटी का गठन किया गया है। आठ सदस्यीय इस एसआईटी द्वारा विवेचना पूरी कर मजबूत चार्जशीट बनाकर कोर्ट में पेश की जाएगी। ताकि सजा कराने में आसानी हो सके।
छात्राओं के यौन शोषण मामले में प्रोफेसर रजनीश कुमार के जेल जाने के साथ ही लगातार शिकायती पत्रों के आने का सिलसिला जारी है। पुलिस को अब तक पांच शिकायती पत्र प्राप्त हो गए हैं। पुलिस अब इन शिकायती पत्रों के जरिए पीडि़ताओं की पहचान करने में जुटी हुई है। हालांकि अभी तक पुलिस को कोई पीडि़ता नहीं मिल सकी है। इधर, पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं के यौन शोषण मामले में साक्ष्य संकलन के साथ साथ केस डायरी को मजबूती के साथ बनाने के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इस टीम में एसओजी, साइबर सेल के एक्सपर्ट व विवेचक शामिल किए गए हैं यह टीम अब प्राप्त वीडियो के आधार पर जल्द से जल्द केस डायरी को तैयार करेगी। उससे पहले प्रोफेसर को रिमांड पर लिया जाएगा। साथ में अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए छात्राओं से भी वार्ता की जाएगी।
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसके द्वारा साक्ष्य संकलन, पूछताछ, लोगों के बयान आदि की प्रक्रिया पूरी कर मजबूती से केश डायरी बनाकर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ये टीम छात्राओं से बातचीत के भी प्रयास करेगी।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी
छह प्रोफेसरों सहित आठ कर्मचारियों से होगी पूछताछ
एसपी स्तर से बनाई गई एसआईटी ने पीसी बागला कॉलेज के छह प्रोफेसरों व दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए चिह्नित किया है। इन प्रोफेसरों में कुछ भूगोल विभाग के हैं, जो आरोपी रजनीश के साथ रहते थे। कुछ अनुशासन विभाग के हैं, जो उसके करीबी थे। साथ में भूगोल विभाग के प्रयोगशाला सहायक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को इस सूची में शामिल किया गया है। इन सभी आठ से पूछताछ के लिए सवालों की सूची बनाई गई है। जिसमें रजनीश के कृत्यों, उसकी गतिविधियों, छात्राओं को फंसाने से जुड़ी प्रक्रिया आदि पर सवाल के साथ यह भी पूछा जाएगा कि उनको अगर इसकी भनक थी तो उन्होंने आज तक इसे उजागर किस वजह से नहीं किया। उनकी भूमिका पर भी इस पूछताछ में सवाल जवाब होंगे।
जांच रिपोर्ट मांगने पर कॉलेज प्रशासन की अटकी सांस
छात्राओं के यौन शोषण में फंसे पीसी महाविद्यालय के प्रोफेसर रजनीश कुमार पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का शिकंजा कसता ही जा रहा है। अब जांच कमेटी ने महाविद्यालय प्रशासन को भी अपने शिकंजे में लेने की तैयारी कर ली है। विगत में हुई शिकायत पर महाविद्यालय द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट एसडीएम ने मांगी है। इसके बाद से महाविद्यालय प्रशासन की सांसे अटक गई हैं। हालांकि इस मामले में विगत में जांच टीम ने प्रोफेसर, प्राचार्य और छात्राओं के बयान दर्ज किए थे। इस जांच रिपोर्ट में उस दौरान क्या स्थिति रखी थी, यह जल्द ही सामने आएगा। प्रशासन द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन परेशान है।