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चाचा चौधरी नमकीन समेत चार फर्मों पर एसआईबी का छापा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:28 PM IST
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ढकपुरा नमकीन फैक्ट्री में छापेमारी करते अधिकारी।
- फोटो : Amar Ujala
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वाणिज्य कर की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने गुरुवार को शहर के दो कारोबारियों के कुल सात ठिकानों पर छापा मारा। अलीगढ़ के अपर आयुक्त ग्रेड टू एसआईबी सीबी सिंह की अगुवाई में यह कार्रवाई अलीगढ़, मथुरा, एटा, कासगंज के विभागीय अधिकारियों की टीम ने की।
हाथरस के सचल दल अधिकारियों को भी बाद में बुला लिया गया। देर रात तक इन फर्मों पर एसआईबी की जांच जारी थी। विभागीय टीम इन फर्मों के व्यापारिक दस्तावेजों के हिसाब से उनके स्टॉक का खरीद-बिक्री के दस्तावेजों से मिलान कर रही थीं। कई व्यापारी नेता भी नमकीन फैक्ट्री पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया गया, जिससे वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। व्यापारी नेताओं से कहा गया कि सरकारी कार्रवाई में सहयोग करें, जिसके बाद व्यापारी नेता वहां से निकल आए। इस दौरान नमकीन कारोबारी की अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। उन्होंने एसआईबी के एक डिप्टी कमिश्नर पर साजिशन यह कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। कार्रवाई से शहर के दूसरे फैक्ट्री और फर्म मालिकों में खलबली मची रही।
अपर आयुक्त एसआईबी अलीगढ़ सीबी सिंह बताया कि इन दोनों कारोबारियों के यहां कुल 1.29 करोड़ रुपये का नमकीन और तेल का स्टॉक सीज किया गया है। इनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर इसकी जांच की जाएगी और यह पता किया जाएगा कि इस पर किसी तरह की कर की चोरी तो नहीं है।
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एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि यह कार्रवाई चाचा चौधरी ब्रांड की नमकीन के निर्माता रामकुमार अग्रवाल की सर्वेश्वर फूड और गिर्राज फूड प्रोडक्ट की तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में हाथरस के डीएम का विशेष सहयोग रहा। अपर आयुक्त ने बताया कि रामकुमार अग्रवाल की एक फैक्ट्री पर करीब 54 लाख रुपये का कच्चा माल, जोकि पैकिंग के लिए तैयार था, उसे सीज किया गया है। दूसरी फैक्ट्री पर प्रिंट रेट के हिसाब से करीब 40 लाख रुपये कीमत का पैक्ड माल सीज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन फैक्ट्रियों को खाद्य तेल सप्लाई करने वाले अनिल वार्ष्णेय की फर्म गणेश ट्रेडिंग कंपनी और शारदा एजेंसी पर भी जांच की गई। शारदा ट्रेडिंग कंपनी पर खरीद-बिक्री के पूरे दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। लिहाजा यहां करीब 35 लाख रुपये का तेल का स्टॉक सीज किया गया है। अपर आयुक्त ने बताया कि इन फर्मों से जुड़ीं दो ट्रांसपोर्ट राठी ट्रांसपोर्ट व नव दुर्गा ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर भी जांच की गई और माल के आवागमन से संबंधित दस्तावेज चेक किए गए। कुछ दस्तावेज जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में अलीगढ़ के 21, मथुरा के 22 और हाथरस के कुल छह अफसरों समेत 50 अधिकारियों की टीम लगाई गई, जिसने पुलिस फोर्स के साथ यह कार्रवाई की। गुरुवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे वाणिज्य कर एसआईबी की यह टीम हाथरस पहुंची। टीम ने घंटाघर पर शारदा ट्रेडिंग कंपनी, गणेशगंज में तेल की फर्म गणेश ट्रेडिंग कंपनी, तरफरा रोड पर सर्वेश्वर फूड, ओढ़पुरा व मुरसान गेट पर गिर्राज फूड प्रोडक्ट्स की तीन फैक्ट्रियों पर पहुंचकर जांच की। टीम ने इन फर्मों से जुड़े तीन अन्य ठिकानों पर भी पहुंचकर उनके स्टॉक की जांच की और खरीद-बिक्री के दस्तावेजों से इसका मिलान किया।
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कार्रवाई से कारोबारियों में मची रही खलबली
हाथरस। इन फर्मों पर वाणिज्य कर एसआईबी टीम की कार्रवाई की खबर जैसे ही शहर में फैली, वैसे ही कारोबारियों और फैक्ट्री मालिकों में खलबली मच गई। कई फैक्ट्रियों में काम बंद कर दिया गया और लेबर को वहां से भगाने के बाद ताले जड़ दिए गए। कारोबारी और फैक्ट्री मालिक विभिन्न माध्यमों से कार्रवाई के बारे में जानकारी लेने में लगे रहे कि आखिर इन फर्मों पर किस मकसद से यह जांच हो रही है और जांच करने वाली टीम किस विभाग की है। पहले अफवाह फैली कि यह टीम आयकर और प्रवर्तन निदेशालय की है। बाद में एक-दूसरे से जानकारी मिलने पर स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई वाणिज्य कर विभाग की टीम ने की है। देर रात तक लोग इस कार्रवाई पर नजर बनाए रहे। कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी शहर में फैलती रहीं।
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वाणिज्य कर विभाग एसआईबी की टीम ने हमारी फर्म शारदा ट्रेडिंग कंपनी और गणेश ट्रेनिंग कंपनी पर स्टॉक की गणना करके उसे नोट किया है। खरीद-बिक्री के कागजात भी चेक किए हैं और उन्हें अपने साथ ले गए हैं। अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि वह इनके कागजातों का मिलान करेंगे और अगर कोई अंतर होगा तो उनसे पूछा जाएगा। जिस शारदा ट्रेडिंग कंपनी का स्टॉक सीज करने की बात कही जा रही, वह फर्म मेरे भाई के नाम है। कार्रवाई के समय मेरे भाई यहां नहीं थे। मैने अधिकारियों से स्टॉक नोट करने और रिकॉर्ड देखने का अनुरोध किया था, फिर भी स्टॉक सीज करने की बात समझ से परे है।
- अनिल वार्ष्णेय, घी-तेल कारोबारी
डिप्टी कमिश्नर ने साजिश के तहत कराई रेड
चाचा चौधरी नमकीन निर्माता फर्म के मालिक रामकुमार अग्रवाल का कहना है कि आठ दिन पहले दिन पूर्व एसआईबी के एक डिप्टी कमिश्नर उनके यहां आए थे। इन्होंने उनकी फैक्ट्री के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को चेक किया। उनके कागजात भी चेक किए, जोकि एकदम सही थे। अग्रवाल के मुताबिक उसके बाद डीसी ने उनसे आकर मिलने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि उनका कारोबार पूरी तरह जायज है, इसलिए उन्हें किसी से अकेले में मिलने की जरूरत नहीं है।
गुरुवार को अचानक विभागीय व्यवस्था के तहत उनके यहां एसआईबी की रेड हुई। टीम ने उनकी ओढ़पुरा, तरफरा रोड, मुरसान गेट, स्थित फैक्ट्रियों पर जाकर स्टॉक की जांच की। उनकी खरीद-बिक्री के कागजात भी देखे, जोकि बिल्कुल सही मिले। अग्रवाल ने ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी को बताया कि ऐसे अधिकारी से उनकी फैक्ट्री पर जांच कराई जा रही है, जोकि उन्हें धमकाकर गया है, जबकि वह पूरे जोन में सबसे ज्यादा कर देने वाले हैं। सबसे ज्यादा श्रमिकों के पंजीकरण भी उनकी फर्म ने कराए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए माहौल बना रही है, जिसमें उन्होंने भी तीन करोड़ रुपये का प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इस तरह के अधिकारी निजी स्वार्थ के लिए कारोबारियों को हतोत्साहित करके सरकार की मंशा को धक्का पहुंचाने में लगे हैं।
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हाथरस के सचल दल अधिकारियों को भी बाद में बुला लिया गया। देर रात तक इन फर्मों पर एसआईबी की जांच जारी थी। विभागीय टीम इन फर्मों के व्यापारिक दस्तावेजों के हिसाब से उनके स्टॉक का खरीद-बिक्री के दस्तावेजों से मिलान कर रही थीं। कई व्यापारी नेता भी नमकीन फैक्ट्री पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया गया, जिससे वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। व्यापारी नेताओं से कहा गया कि सरकारी कार्रवाई में सहयोग करें, जिसके बाद व्यापारी नेता वहां से निकल आए। इस दौरान नमकीन कारोबारी की अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। उन्होंने एसआईबी के एक डिप्टी कमिश्नर पर साजिशन यह कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। कार्रवाई से शहर के दूसरे फैक्ट्री और फर्म मालिकों में खलबली मची रही।
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अपर आयुक्त एसआईबी अलीगढ़ सीबी सिंह बताया कि इन दोनों कारोबारियों के यहां कुल 1.29 करोड़ रुपये का नमकीन और तेल का स्टॉक सीज किया गया है। इनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर इसकी जांच की जाएगी और यह पता किया जाएगा कि इस पर किसी तरह की कर की चोरी तो नहीं है।
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एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि यह कार्रवाई चाचा चौधरी ब्रांड की नमकीन के निर्माता रामकुमार अग्रवाल की सर्वेश्वर फूड और गिर्राज फूड प्रोडक्ट की तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में हाथरस के डीएम का विशेष सहयोग रहा। अपर आयुक्त ने बताया कि रामकुमार अग्रवाल की एक फैक्ट्री पर करीब 54 लाख रुपये का कच्चा माल, जोकि पैकिंग के लिए तैयार था, उसे सीज किया गया है। दूसरी फैक्ट्री पर प्रिंट रेट के हिसाब से करीब 40 लाख रुपये कीमत का पैक्ड माल सीज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन फैक्ट्रियों को खाद्य तेल सप्लाई करने वाले अनिल वार्ष्णेय की फर्म गणेश ट्रेडिंग कंपनी और शारदा एजेंसी पर भी जांच की गई। शारदा ट्रेडिंग कंपनी पर खरीद-बिक्री के पूरे दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। लिहाजा यहां करीब 35 लाख रुपये का तेल का स्टॉक सीज किया गया है। अपर आयुक्त ने बताया कि इन फर्मों से जुड़ीं दो ट्रांसपोर्ट राठी ट्रांसपोर्ट व नव दुर्गा ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर भी जांच की गई और माल के आवागमन से संबंधित दस्तावेज चेक किए गए। कुछ दस्तावेज जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में अलीगढ़ के 21, मथुरा के 22 और हाथरस के कुल छह अफसरों समेत 50 अधिकारियों की टीम लगाई गई, जिसने पुलिस फोर्स के साथ यह कार्रवाई की। गुरुवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे वाणिज्य कर एसआईबी की यह टीम हाथरस पहुंची। टीम ने घंटाघर पर शारदा ट्रेडिंग कंपनी, गणेशगंज में तेल की फर्म गणेश ट्रेडिंग कंपनी, तरफरा रोड पर सर्वेश्वर फूड, ओढ़पुरा व मुरसान गेट पर गिर्राज फूड प्रोडक्ट्स की तीन फैक्ट्रियों पर पहुंचकर जांच की। टीम ने इन फर्मों से जुड़े तीन अन्य ठिकानों पर भी पहुंचकर उनके स्टॉक की जांच की और खरीद-बिक्री के दस्तावेजों से इसका मिलान किया।
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कार्रवाई से कारोबारियों में मची रही खलबली
हाथरस। इन फर्मों पर वाणिज्य कर एसआईबी टीम की कार्रवाई की खबर जैसे ही शहर में फैली, वैसे ही कारोबारियों और फैक्ट्री मालिकों में खलबली मच गई। कई फैक्ट्रियों में काम बंद कर दिया गया और लेबर को वहां से भगाने के बाद ताले जड़ दिए गए। कारोबारी और फैक्ट्री मालिक विभिन्न माध्यमों से कार्रवाई के बारे में जानकारी लेने में लगे रहे कि आखिर इन फर्मों पर किस मकसद से यह जांच हो रही है और जांच करने वाली टीम किस विभाग की है। पहले अफवाह फैली कि यह टीम आयकर और प्रवर्तन निदेशालय की है। बाद में एक-दूसरे से जानकारी मिलने पर स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई वाणिज्य कर विभाग की टीम ने की है। देर रात तक लोग इस कार्रवाई पर नजर बनाए रहे। कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी शहर में फैलती रहीं।
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वाणिज्य कर विभाग एसआईबी की टीम ने हमारी फर्म शारदा ट्रेडिंग कंपनी और गणेश ट्रेनिंग कंपनी पर स्टॉक की गणना करके उसे नोट किया है। खरीद-बिक्री के कागजात भी चेक किए हैं और उन्हें अपने साथ ले गए हैं। अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि वह इनके कागजातों का मिलान करेंगे और अगर कोई अंतर होगा तो उनसे पूछा जाएगा। जिस शारदा ट्रेडिंग कंपनी का स्टॉक सीज करने की बात कही जा रही, वह फर्म मेरे भाई के नाम है। कार्रवाई के समय मेरे भाई यहां नहीं थे। मैने अधिकारियों से स्टॉक नोट करने और रिकॉर्ड देखने का अनुरोध किया था, फिर भी स्टॉक सीज करने की बात समझ से परे है।
- अनिल वार्ष्णेय, घी-तेल कारोबारी
डिप्टी कमिश्नर ने साजिश के तहत कराई रेड
चाचा चौधरी नमकीन निर्माता फर्म के मालिक रामकुमार अग्रवाल का कहना है कि आठ दिन पहले दिन पूर्व एसआईबी के एक डिप्टी कमिश्नर उनके यहां आए थे। इन्होंने उनकी फैक्ट्री के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को चेक किया। उनके कागजात भी चेक किए, जोकि एकदम सही थे। अग्रवाल के मुताबिक उसके बाद डीसी ने उनसे आकर मिलने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि उनका कारोबार पूरी तरह जायज है, इसलिए उन्हें किसी से अकेले में मिलने की जरूरत नहीं है।
गुरुवार को अचानक विभागीय व्यवस्था के तहत उनके यहां एसआईबी की रेड हुई। टीम ने उनकी ओढ़पुरा, तरफरा रोड, मुरसान गेट, स्थित फैक्ट्रियों पर जाकर स्टॉक की जांच की। उनकी खरीद-बिक्री के कागजात भी देखे, जोकि बिल्कुल सही मिले। अग्रवाल ने ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी को बताया कि ऐसे अधिकारी से उनकी फैक्ट्री पर जांच कराई जा रही है, जोकि उन्हें धमकाकर गया है, जबकि वह पूरे जोन में सबसे ज्यादा कर देने वाले हैं। सबसे ज्यादा श्रमिकों के पंजीकरण भी उनकी फर्म ने कराए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए माहौल बना रही है, जिसमें उन्होंने भी तीन करोड़ रुपये का प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इस तरह के अधिकारी निजी स्वार्थ के लिए कारोबारियों को हतोत्साहित करके सरकार की मंशा को धक्का पहुंचाने में लगे हैं।