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Hathras News: 11.88 लाख की डकैती में सात दोषियों को 10 साल की कैद
Sat, 12 Sep 2026 02:18 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 12 Sep 2026 02:18 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
एडीजे कोर्ट 02 महेंद्र कुमार रावत की अदालत ने वर्ष 2012 में मुरसान क्षेत्र में हुई 11.88 लाख रुपये की डकैती के मामले में शुक्रवार को निर्णय दिया। कोर्ट ने सात अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
नौ जुलाई 2012 को राजस्थान के भरतपुर (थाना नदवई) निवासी मुनीम महेंद्र सिंह अपने चालक गोविंद के साथ हाथरस में परचून व रिफाइंड कारोबारियों से 11.88 लाख रुपये का कलेक्शन कर लौट रहे थे। दोनों कार से थे। दोपहर करीब 12:25 बजे जैसे ही वे मुरसान कस्बे के रेलवे फाटक के पास पहुंचे, काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनकी कार के आगे बाइक लगाकर उन्हें रोक लिया।
इसके बाद बदमाशों के साथी भी पीछे से आ गए और तमंचे की बट से कार की खिड़की का शीशा तोड़कर हथियार के बल पर रुपये लूट लिए। पुलिस ने 24 जुलाई 2012 को आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए घटना का खुलासा किया। पुलिस ने हरिओम पाराशर उर्फ कनैटा निवासी हासिमपुर (सासनी), महेश सिंह, हरिकिशन व पिंटू उर्फ विक्रम निवासी गांव बसगोई (सासनी), केशव पहलवान, चंदपा, मनीष पुजारी निवासी फतेहपुर आगरा, टिल्लू उर्फ कृष्ण गोपाल निवासी तोछीगढ़, इगलास (अलीगढ़) के खिलाफ डकैती में चार्जशीट दाखिल की।
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17 गवाह हुए पेश
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़ित मुनीम व चालक सहित 17 गवाह पेश किए गए। सबूत व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को आईपीसी की धारा 395, 397 व 412 में दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 395 व 397 में सातों को 10-10 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। हरिओम पाराशर, महेश सिंह, केशव पहलवान व हरिकिशन को धारा 412 में 10 साल की कैद व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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नौ जुलाई 2012 को राजस्थान के भरतपुर (थाना नदवई) निवासी मुनीम महेंद्र सिंह अपने चालक गोविंद के साथ हाथरस में परचून व रिफाइंड कारोबारियों से 11.88 लाख रुपये का कलेक्शन कर लौट रहे थे। दोनों कार से थे। दोपहर करीब 12:25 बजे जैसे ही वे मुरसान कस्बे के रेलवे फाटक के पास पहुंचे, काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनकी कार के आगे बाइक लगाकर उन्हें रोक लिया।
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इसके बाद बदमाशों के साथी भी पीछे से आ गए और तमंचे की बट से कार की खिड़की का शीशा तोड़कर हथियार के बल पर रुपये लूट लिए। पुलिस ने 24 जुलाई 2012 को आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए घटना का खुलासा किया। पुलिस ने हरिओम पाराशर उर्फ कनैटा निवासी हासिमपुर (सासनी), महेश सिंह, हरिकिशन व पिंटू उर्फ विक्रम निवासी गांव बसगोई (सासनी), केशव पहलवान, चंदपा, मनीष पुजारी निवासी फतेहपुर आगरा, टिल्लू उर्फ कृष्ण गोपाल निवासी तोछीगढ़, इगलास (अलीगढ़) के खिलाफ डकैती में चार्जशीट दाखिल की।
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17 गवाह हुए पेश
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़ित मुनीम व चालक सहित 17 गवाह पेश किए गए। सबूत व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को आईपीसी की धारा 395, 397 व 412 में दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 395 व 397 में सातों को 10-10 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। हरिओम पाराशर, महेश सिंह, केशव पहलवान व हरिकिशन को धारा 412 में 10 साल की कैद व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।