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जम्मू बस हादसा: बस का शीशा तोड़कर बचाई थी राकेश ने अपनी जान, पांच लोगों की मौत के बाद गांव में पसरा मातम
Wed, 05 Jun 2024 11:58 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 05 Jun 2024 11:58 PM IST
सार
राकेश ने बताया कि बस अनियंत्रित होकर खाई में गिरने लगी। बस में जितने यात्री बैठे थे, वह खुद को बचाने की कोशिश में लगे थे। उन्होंने कूदकर जान तो बचा ली, लेकिन उनके सिर, हाथ, पैर, मुंह और पीठ पर गंभीर चोटें आईं।
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गांव मझोला में घायल राकेश का हाल जानने आए लोग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हाथरस के गांव मझोला में जम्मू बस हादसे के बाद अभी तक मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जम्मू से घायल लौटकर गांव में पहुंच रहे हैं। घायल राकेश अपने गांव में पहुंच गए हैं। राकेश ने बताया कि वह बस का शीशा तोड़कर बाहर कूद गए थे। जैसे ही वह कूदे तो पत्थर के ऊपर गिर गए। इस तरह उन्होंने अपनी जान बचा ली।
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राकेश ने बताया कि बस अनियंत्रित होकर खाई में गिरने लगी। बस में जितने यात्री बैठे थे, वह खुद को बचाने की कोशिश में लगे थे। राकेश का कहना है कि उन्होंने कूदकर जान तो बचा ली, लेकिन उनके सिर, हाथ, पैर, मुंह और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें अस्पताल में 24 घंटे भर्ती रखा गया। उनके पिता राजेंद्र सिंह घटना की जानकारी होने पर वहां पहुंचे। उन्हें देखकर मेरे पिता राजेंद्र सिंह घबरा गए। उन्हें गांव में आकर पता लगा कि उनके साथ के पांच लोगों की मृत्यु हो गई है। गांव में मातम पसरा हुआ है और अभी गांव के ही तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
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हादसे की खबर सुन राकेश की मां हैं बीमार
राकेश की मां धर्मावती को घटना की जब से जानकारी हुई है, वह तभी से बीमार हो गई हैं। उनका इलाज गांव के ही निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है। धर्मावती ने बताया जब उन्हें बस पलटने की सूचना मिली तो उन्हें लगा कि उनका बेटा अब नहीं बचेगा। सूचना मिलते ही उन्होंने अपने पति राजेंद्र सिंह से कहा कि मेरे बेटे का हाल जानो और पता करो कहां है मेरा बेटा। जल्दी जाओ, कैसे भी जाओ पर मेरे बेटे का हाल बताओ।
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