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प्रधानों को बताईं योजनाओं की बारीकियां
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:59 PM IST
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हाथरस। विकास भवन में बुधवार को विकास खंड सादाबाद के ग्राम प्रधानों को पंचायतों के कामकाज की ट्रेनिंग दी गई। मास्टर ट्रेनरों ने उन्हें न केवल योजनाओं की बारीकियां समझाईं, बल्कि बजट और कार्य योजना के संबंध में शासन के नए मार्ग निर्देशों की भी जानकारी दी। प्रधानों से कहा गया कि वह शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पंचायतों के कामकाज का संचालन करें। किसी भी सूरत में निर्देशों का उल्लंघन उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर वीएस अगरिया, प्रशासनिक अधिकारी राम सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक अंशुल गुप्ता, जिला परियोजना समन्वयक विनय कुमार यादव ने प्रधानों को यह प्रशिक्षण दिया। यह चारों अधिकारी बतौर मास्टर ट्रेनर शासन से प्रशिक्षित होकर आए हैं। मास्टर ट्रेनरों ने पहले तो प्रधानों को पंचायत नियमावली की जानकारी दी। उन योजनाओं के बारे में बताया, जिनका संचालन पंचायतों के माध्यम से होता है। स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की उपयोगिता बताते हुए उनसे खुले में शौच की प्रथा को खत्म कराने का वादा लिया। उनसे कहा कि गांवों को साफ-सुथरा और बीमारी मुक्त बनाने के लिए जरूरी है कि इस प्रथा को जड़ से खत्म किया जाए और ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक किया जाए। हर घर में शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जाए। डीपीआरओ जगदीशराम गौतम ने मनरेगा से जरूरतमंदों को लाभान्वित करने पर जोर दिया और कहा कि इस योजना का ईमानदारी से क्रियान्वयन न केवल गांवों की, बल्कि वहां रहने वालों की भी तकदीर बदल सकता है। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीडी शर्मा आदि अधिकारी भी मौजूद थे।
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विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर वीएस अगरिया, प्रशासनिक अधिकारी राम सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक अंशुल गुप्ता, जिला परियोजना समन्वयक विनय कुमार यादव ने प्रधानों को यह प्रशिक्षण दिया। यह चारों अधिकारी बतौर मास्टर ट्रेनर शासन से प्रशिक्षित होकर आए हैं। मास्टर ट्रेनरों ने पहले तो प्रधानों को पंचायत नियमावली की जानकारी दी। उन योजनाओं के बारे में बताया, जिनका संचालन पंचायतों के माध्यम से होता है। स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की उपयोगिता बताते हुए उनसे खुले में शौच की प्रथा को खत्म कराने का वादा लिया। उनसे कहा कि गांवों को साफ-सुथरा और बीमारी मुक्त बनाने के लिए जरूरी है कि इस प्रथा को जड़ से खत्म किया जाए और ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक किया जाए। हर घर में शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जाए। डीपीआरओ जगदीशराम गौतम ने मनरेगा से जरूरतमंदों को लाभान्वित करने पर जोर दिया और कहा कि इस योजना का ईमानदारी से क्रियान्वयन न केवल गांवों की, बल्कि वहां रहने वालों की भी तकदीर बदल सकता है। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीडी शर्मा आदि अधिकारी भी मौजूद थे।
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