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नहीं बनेंगे स्वकेंद्र, सीसीटीवी कैमरों की नजर में होगीं विवि की परीक्षाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:49 PM IST
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आरडी डिग्री कॉलेज में पत्रकार वार्ता करते डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के वीसी डॉ. अरविंद दीक्षित साथ में डीएम हाथरस व अन्य।
- फोटो : Amar Ujala
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अब विवि की मुख्य परीक्षाएं भी सीसीटीवी कैमरों की निगाह में होंगी। परीक्षा केंद्रों पर लगाए जाने वाले कैमरे विवि के कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे, परीक्षा केंद्र की हर गतिविधि पर ऑनलाइन नजर रहेगी। अबकी बार किसी भी महाविद्यालय को स्वकेंद्र नहीं बनाया जाएगा। पूरी तैयारी के साथ नकल विहीन परीक्षाएं कराई जाएंगी।
यह बातें डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने मंगलवार को यहां आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित हुए वार्षिकोत्सव से पूर्व पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि विवि की कार्यप्रणाली में पहले और अब में काफी अंतर आया है। पहले महाविद्यालय समय से परीक्षा शुल्क तक जमा नहीं कराते थे, लेकिन अब बिना परीक्षा शुल्क जमा किए छात्र छात्राओं का फॉर्म तक नहीं भरा जा रहा। अबकी बार कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगाह में ही मुख्य परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। छोटे छोटे केंद्रों को मिलाकर एक बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिससे परीक्षा केंद्रों की संख्या भी कम होगी। पिछले साल विवि ने 783 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई थी, लेकिन अबकी बार सिर्फ 500 महाविद्यालयों ने ही परीक्षा केंद्र बनने के लिए आवेदन किया है। अबकी बार महाविद्यालय परीक्षा केंद्र बनने के लिए आवेदन भी नहीं कर रहे।
परीक्षा केंद्र बनाने के लिए महाविद्यालय संचालकों से 20 बिंदुओं पर आख्या मांगी गई है। सभी सीसीटीवी कैमरे विवि के कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे। जिला स्तर पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए आगरा अलीगढ़ के मंडलायुक्त से साथ चर्चा की जाएगी। परीक्षा में माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि जो महाविद्यालय केवल नकल के लिए चल रहे थे, उनमें छात्र संख्या काफी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि जो छात्र छात्राएं प्रथम व द्वितीय वर्ष संस्थागत रूप से पास कर चुके हैं और तीसरे साल व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देना चाहते हैं तो वह अपने महाविद्यालय के प्राचार्य के पास आवेदन कर सकते हैं।
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अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनवाने के सवाल पर बोले कि यह काम उनका नहीं, बल्कि सरकार का है। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या को लेकर अब छात्र छात्राओं को आगरा विवि के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, अब विवि की वेबसाइट पर डायरेक्ट टू वीसी के नाम से लिंक है। इस लिंक पर क्लिक कर छात्र छात्राएं अपनी समस्या उन तक पहुंचा सकते हैं। फीस जमा होने और वेबसाइट पर फॉर्म न खुलने के सवाल पर बोले कि जिन छात्र छात्राओं ने दो बार बेब रजिस्ट्रेशन कर दिया है, उनको यह समस्या आ रही है। महाविद्यालयों में मार्कशीट समय से न पहुंचने पर बोले कि वह एक माह बाद इसके लिए कंपलीट सोल्यूशन देने वाले हैं, जिससे छात्र छात्राओं को मार्कशीट के लिए नहीं भटकना होगा।
इसके बाद कुलपति ने कॉलेज में गृहविज्ञान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हाइजीन प्लाटेंशन बनवाएं और कूड़े करकट का निस्तारण कर स्वच्छता को बढ़ावा दें। इस दौरान डीएम अमित कुमार सिंह और पीआरओ गिरिजाशंकर शर्मा भी मौजूद थे।
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यह बातें डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने मंगलवार को यहां आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित हुए वार्षिकोत्सव से पूर्व पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि विवि की कार्यप्रणाली में पहले और अब में काफी अंतर आया है। पहले महाविद्यालय समय से परीक्षा शुल्क तक जमा नहीं कराते थे, लेकिन अब बिना परीक्षा शुल्क जमा किए छात्र छात्राओं का फॉर्म तक नहीं भरा जा रहा। अबकी बार कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगाह में ही मुख्य परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। छोटे छोटे केंद्रों को मिलाकर एक बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिससे परीक्षा केंद्रों की संख्या भी कम होगी। पिछले साल विवि ने 783 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई थी, लेकिन अबकी बार सिर्फ 500 महाविद्यालयों ने ही परीक्षा केंद्र बनने के लिए आवेदन किया है। अबकी बार महाविद्यालय परीक्षा केंद्र बनने के लिए आवेदन भी नहीं कर रहे।
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परीक्षा केंद्र बनाने के लिए महाविद्यालय संचालकों से 20 बिंदुओं पर आख्या मांगी गई है। सभी सीसीटीवी कैमरे विवि के कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे। जिला स्तर पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए आगरा अलीगढ़ के मंडलायुक्त से साथ चर्चा की जाएगी। परीक्षा में माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि जो महाविद्यालय केवल नकल के लिए चल रहे थे, उनमें छात्र संख्या काफी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि जो छात्र छात्राएं प्रथम व द्वितीय वर्ष संस्थागत रूप से पास कर चुके हैं और तीसरे साल व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देना चाहते हैं तो वह अपने महाविद्यालय के प्राचार्य के पास आवेदन कर सकते हैं।
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अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनवाने के सवाल पर बोले कि यह काम उनका नहीं, बल्कि सरकार का है। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या को लेकर अब छात्र छात्राओं को आगरा विवि के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, अब विवि की वेबसाइट पर डायरेक्ट टू वीसी के नाम से लिंक है। इस लिंक पर क्लिक कर छात्र छात्राएं अपनी समस्या उन तक पहुंचा सकते हैं। फीस जमा होने और वेबसाइट पर फॉर्म न खुलने के सवाल पर बोले कि जिन छात्र छात्राओं ने दो बार बेब रजिस्ट्रेशन कर दिया है, उनको यह समस्या आ रही है। महाविद्यालयों में मार्कशीट समय से न पहुंचने पर बोले कि वह एक माह बाद इसके लिए कंपलीट सोल्यूशन देने वाले हैं, जिससे छात्र छात्राओं को मार्कशीट के लिए नहीं भटकना होगा।
इसके बाद कुलपति ने कॉलेज में गृहविज्ञान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हाइजीन प्लाटेंशन बनवाएं और कूड़े करकट का निस्तारण कर स्वच्छता को बढ़ावा दें। इस दौरान डीएम अमित कुमार सिंह और पीआरओ गिरिजाशंकर शर्मा भी मौजूद थे।