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न दवा, न डॉक्टर, आखिर कैसे रोकेंगे बुखार
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:54 PM IST
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जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लंबी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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जिलेभर में बुखार के प्रकोप को रोकने में स्वास्थ्य विभाग फेल हो गया है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में कहीं चिकित्सकों और कर्मियों की कमी आड़े आ रही है तो कहीं जरूरी दवाओं का अभाव है। स्वास्थ्य केंद्रों का यह हाल सोमवार को ‘अमर उजाला’ टीम द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया। केंद्रों की बदहाली को खुद मरीजों ने भी बयां किया।
सादाबाद सीएचसी का हाल भी काफी बुरा था। यहां दवा काउंटर और पर्चा काउंटर मरीजों की लंबी लाइन थी। चार चिकित्सक एक ही कमरे में बैठकर मरीजों को देख रहे थे। बुखार के रोगियों की संख्या काफी अधिक थी। बिजली गुल रहने के दौरान मरीज गर्मी से परेशान थे।
मरीजों ने बताया कि यहां तो रोजाना का यही हाल है। नंबर तो आता है, लेकिन दो दो घंटे बाद। दवाएं भी मिल जाती हैं, लेकिन अधिकतर मर्ज में एक ही प्रकार की दवाएं दी जा रही हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि स्टाफ और चिकित्सकों की कमी है। पूरे क्षेत्र में बुखार का प्रकोप है, एक-एक दिन में मरीजों का आंकड़ा 800 को भी पार कर रहा है। बड़ी मुश्किल से मरीजों को संभाल रहे हैं।
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सासनी में शनिवार को इलाज नहीं मिलने से मां की गोद में ही नवजात की मौत के बावजूद सीएचसी पर डाक्टर्स की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। सोमवार की दोपहर को सीएचसी पर करीब डेढ़ बजे उपचार के लिए मरीजों का तांता लगा था। सड़क दुर्घटना में घायल रुखसाना पुत्री इरशाद अली निवासी बिर्रा को परिजन उपचार के लिए लेकर आए थे।
उस समय एकमात्र डॉक्टर ही परीक्षण कर दवाएं लिख रहे थे। स्वास्थ्य केंद्र पर चार डाक्टर तथा तीन लेडी डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन दोपहर डेढ़ बजे डाक्टरों के चैंबर खाली पडे़ होने का क्या औचित्य है। उपचार कराने आए मरीज इधर उधर भटक रहे थे।
सिकंदराराऊ में सोमवार को सीएचसी के पर्चा काउंटर पर भीड़ का आलम था। मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। डाक्टर्स के चैंबर्स में दवा लेने के लिए मरीज जूझ रहे थे। कुछ मरीज बरामदे में लेटे हुए थे तो कुछ हाथों में दवा लिए हुये थे। प्रभारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि नगर में प्रतिदिन विभिन्न मोहल्लों में सीएचसी की तरफ से चिकित्सा कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया जाएगा।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता है। यदि कहीं नहीं है तो इसकी जानकारी कर वहां दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चिकित्सकों और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मैं खुद भी समय-समय पर निरीक्षण कर रहा हूं। जिले में डेंगू, चिकनगुनिया का कोई भी रोगी जिले में नहीं मिला है।
-डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ हाथरस
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सादाबाद सीएचसी का हाल भी काफी बुरा था। यहां दवा काउंटर और पर्चा काउंटर मरीजों की लंबी लाइन थी। चार चिकित्सक एक ही कमरे में बैठकर मरीजों को देख रहे थे। बुखार के रोगियों की संख्या काफी अधिक थी। बिजली गुल रहने के दौरान मरीज गर्मी से परेशान थे।
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मरीजों ने बताया कि यहां तो रोजाना का यही हाल है। नंबर तो आता है, लेकिन दो दो घंटे बाद। दवाएं भी मिल जाती हैं, लेकिन अधिकतर मर्ज में एक ही प्रकार की दवाएं दी जा रही हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि स्टाफ और चिकित्सकों की कमी है। पूरे क्षेत्र में बुखार का प्रकोप है, एक-एक दिन में मरीजों का आंकड़ा 800 को भी पार कर रहा है। बड़ी मुश्किल से मरीजों को संभाल रहे हैं।
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सासनी में शनिवार को इलाज नहीं मिलने से मां की गोद में ही नवजात की मौत के बावजूद सीएचसी पर डाक्टर्स की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। सोमवार की दोपहर को सीएचसी पर करीब डेढ़ बजे उपचार के लिए मरीजों का तांता लगा था। सड़क दुर्घटना में घायल रुखसाना पुत्री इरशाद अली निवासी बिर्रा को परिजन उपचार के लिए लेकर आए थे।
उस समय एकमात्र डॉक्टर ही परीक्षण कर दवाएं लिख रहे थे। स्वास्थ्य केंद्र पर चार डाक्टर तथा तीन लेडी डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन दोपहर डेढ़ बजे डाक्टरों के चैंबर खाली पडे़ होने का क्या औचित्य है। उपचार कराने आए मरीज इधर उधर भटक रहे थे।
सिकंदराराऊ में सोमवार को सीएचसी के पर्चा काउंटर पर भीड़ का आलम था। मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। डाक्टर्स के चैंबर्स में दवा लेने के लिए मरीज जूझ रहे थे। कुछ मरीज बरामदे में लेटे हुए थे तो कुछ हाथों में दवा लिए हुये थे। प्रभारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि नगर में प्रतिदिन विभिन्न मोहल्लों में सीएचसी की तरफ से चिकित्सा कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया जाएगा।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता है। यदि कहीं नहीं है तो इसकी जानकारी कर वहां दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चिकित्सकों और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मैं खुद भी समय-समय पर निरीक्षण कर रहा हूं। जिले में डेंगू, चिकनगुनिया का कोई भी रोगी जिले में नहीं मिला है।
-डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ हाथरस