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14 करोड़ से अधिक मुनाफे का बजट पास

Sat, 16 Apr 2016 11:33 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 16 Apr 2016 11:33 PM IST
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More than 14 million of profits to the budget
बैठक में हंगामा करते सभासद। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। नगरपालिका परिषद के टाउन हॉल में कार्यवृत्त विशेष बजट के संबंध में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में चेयरमैन डौली माहौर के न पहुंचने से सभासदों ने नाराजगी व्यक्त की। कोरम पूरा न होने की भी सभासदों ने बात कही। लेकिन जब सभासदों की गिनती पूरी हो गई तो बैठक की प्रक्रिया शुरू की गई। 
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  वर्ष 2016-17 के लिए कुल 59 करोड़ 60 लाख 45 हजार 645 रुपये 30 पैसे का बजट सदन के समक्ष रखा गया। प्रारंभिक अवशेष 13 करोड़, तीन लाख, 58 हजार, 645 रुपये, तीस पैसे, अनुमानित आय 46 करोड़ 56 लाख 87 हजार है। अनुमानित व्यय  44 करोड़ 98 लाख 45 हजार 620 रुपये रखा। नगरपालिका कुल मिलाकर इस वर्ष का बजट 14 करोड़ 61 लाख 80 हजार 25 रुपये 30 पैसे लाभ का रहा। बैठक का समय दोपहर 12 बजे रखा गया था, लेकिन बैठक साढ़े 12 शुरू हो सकी। चेयरमैन के शामिल न होने पर सभासद देवेंद्र शर्मा को प्रभारी चेयरमैन बनाकर कुर्सी पर बिठाया गया। सभासदों का यह भी आरोप था कि बोर्ड बैठक का एजेंटा 24 घंटे पहले दिया गया, जबकि तीन दिन पहले बैठक की जानकारी देनी चाहिए थी। बैठक में कई बार सभासदाें ने हंगामा किया। एक सभासद ने गाली-गलौज भी कर दी। हालांकि बजट बैठक के बाद अमृत योजना के प्रस्ताव और शहर के विकास से संबंधित 36 प्रस्वातों को लेकर दो और बैठकें होनी थीं, लेकिन सभासदों के विरोध के चलते अन्य दो बैठकों को स्थगित कर दिया गया। बैठक समाप्ति की घोषणा प्रभारी चेयरमैन व ईओ बालकृष्ण कुम्हेरिया ने की। बैठक का संचालन पटल सहायक विद्या सागर विकल व विजय स्वर्णकार ने संयुक्त रूप से किया। 
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हंगामे के चलते महत्वपूर्ण योजना पर नहीं हुई कोई सुनवाई
हाथरस। शहर के चहुंमुखी विकास के लिए केंद्र सरकार की अमृत योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। पिछली बार की तरह इस बार भी बोर्ड की बैठक में अमृत योजना की अनदेखी की गई। नगरपालिका द्वारा 232 करोड़ रुपये का ड्रीम प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया है। इतनी बड़ी धनराशि से ही शहर का विकास होगा। बता दें कि अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था व पार्कों का सौंदर्यीकरण होना है। अमृत योजना से अंग्रेजों के जमाने की बदहाल लाइनों को हटाकर नई पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन डाली जानी हैं। इसी तरह पुरानी सीवर लाइनों को हटाकर नई सीवर लाइन डाली जाएंगी। शहर के बदहाल पार्कों का भी सौंदर्यीकरण होगा। अमृत योजना के संबंध में पिछली बोर्ड की बैठक 15 जनवरी को नगरपालिका में रखी गई थी, लेकिन सभासदों ने इस महत्वपूर्ण बैठक की अनदेखी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। अब पुन: अमृत योजना के संबंध में शनिवार को पालिका टाउन हॉल में बैठक रखी गई, लेकिन इस बार भी सभासदों ने बैठक की अनदेखी कर दी। बता दें कि नगरपालिका का नाम अमृत योजना में चेयरमैन डौली माहौर व उनके प्रतिनिधि वासुदेव माहौर द्वारा दिल्ली में पीएम मोदी की बैठक में सात माह पूर्व शामिल कराया था। 
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