{"_id":"6acd465db60b620d5e057d28","slug":"lack-of-funds-stalls-nutritional-allowance-for-tb-patients-hathras-news-c-56-1-hts1004-155556-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: टीबी मरीजों की पोषण राशि में फंड की कमी का अड़ंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: टीबी मरीजों की पोषण राशि में फंड की कमी का अड़ंगा
Tue, 13 Oct 2026 02:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जिले में टीबी मरीजों के पौष्टिक आहार और आर्थिक सहायता के लिए चलाई जा रही निक्षय पोषण योजना में फंड की किल्लत का पेच फंस गया है। पिछले 14 महीनों से मरीजों के बैंक खातों में पोषण सहायता राशि नहीं पहुंच सकी है। वर्तमान में जिले के लगभग 3,702 नोटिफाइड टीबी मरीज प्रोत्साहन राशि के इंतजार में हैं।
यदि पुराने ठीक हो चुके मरीजों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या छह हजार से अधिक पहुंच जाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बजट न मिलने से अगस्त 2025 से ही टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि अटकी हुई थी। मई 2026 में बजट प्राप्त होने के बाद भुगतान की आस जगी थी, लेकिन अब जटिल तकनीकी प्रक्रियाएं इसमें रोड़ा बन रही हैं।
जनवरी 2026 से अक्तूबर तक कुल 3,702 मरीज पंजीकृत हैं। वहीं, 24 मार्च से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 2,829 नए मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 1,850 मरीजों की आभा आईडी लिंक कराने के साथ ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद खातों में राशि नहीं भेजी जा सकी है।
विज्ञापन
बायोमीट्रिक व ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतें
जिले में कुल नौ टीबी केंद्र संचालित हैं। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से पहले तक इन सभी केंद्रों पर मरीजों की आभा आईडी लिंक करने का काम तेजी से चल रहा था। पहले बायोमीट्रिक और ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतें आईं और अब पोर्टल की नई समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में निक्षय ऐप को एसएनए स्पर्श पोर्टल से लिंक किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सर्वर डाउन रहने और डेटा फीडिंग में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं। स्थिति यह है कि कुछ दिन पहले ट्रायल के तौर पर 200 मरीजों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह भी असफल रहा।
मरीजों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। आभा आईडी लिंक होने के बाद पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर कराने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पोषण पोटली के जरिये मरीजों को पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
-डॉ. प्रवीण भारती, जिला क्षय रोग अधिकारी, हाथरस
विज्ञापन
यदि पुराने ठीक हो चुके मरीजों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या छह हजार से अधिक पहुंच जाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बजट न मिलने से अगस्त 2025 से ही टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि अटकी हुई थी। मई 2026 में बजट प्राप्त होने के बाद भुगतान की आस जगी थी, लेकिन अब जटिल तकनीकी प्रक्रियाएं इसमें रोड़ा बन रही हैं।
विज्ञापन
जनवरी 2026 से अक्तूबर तक कुल 3,702 मरीज पंजीकृत हैं। वहीं, 24 मार्च से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 2,829 नए मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 1,850 मरीजों की आभा आईडी लिंक कराने के साथ ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद खातों में राशि नहीं भेजी जा सकी है।
विज्ञापन
बायोमीट्रिक व ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतें
जिले में कुल नौ टीबी केंद्र संचालित हैं। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से पहले तक इन सभी केंद्रों पर मरीजों की आभा आईडी लिंक करने का काम तेजी से चल रहा था। पहले बायोमीट्रिक और ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतें आईं और अब पोर्टल की नई समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में निक्षय ऐप को एसएनए स्पर्श पोर्टल से लिंक किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सर्वर डाउन रहने और डेटा फीडिंग में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं। स्थिति यह है कि कुछ दिन पहले ट्रायल के तौर पर 200 मरीजों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह भी असफल रहा।
मरीजों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। आभा आईडी लिंक होने के बाद पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर कराने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पोषण पोटली के जरिये मरीजों को पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
-डॉ. प्रवीण भारती, जिला क्षय रोग अधिकारी, हाथरस