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हाथरस : बृज की देहरी पर नहीं होगा सूर्यग्रहण का असर, नहीं लगेंगे सूतक
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
10 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को लगेगा। खास बात यह है कि यह बृज की देहरी पर दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसके सूतक भी यहां मान्य नहीं होंगे। इस दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी है। यह कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा।
आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि कि 10 जून को लगने वाले सूर्यग्रहण का भारत में कोई प्रभाव नहीं होगा। यह ग्रहण दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण का मध्य चार बजकर 12 मिनट पर होगा। समाप्ति शाम छह बजकर 41 मिनट पर होगी। यह ग्रहण अमेरिका के उत्तरी भाग, उत्तरी कनाडा, उत्तरी यूरोप और एशिया, रूस, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर क्षेत्र में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।
26 मई को हुआ चंद्र ग्रहण भी नहीं दिखा। इसी तरह यह ग्रहण भी मान्य नहीं है, इसलिए इस ग्रहण के सूतक भी नहीं लगेंगे। इस दिन शनि जयंती व वट अमावस्या है, इसलिए भक्त भोर से दोपहर तक शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इस दिन शनि पूजा व गंगा स्नान का खासा महत्व है।
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10 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को लगेगा। खास बात यह है कि यह बृज की देहरी पर दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसके सूतक भी यहां मान्य नहीं होंगे। इस दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी है। यह कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा।
आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि कि 10 जून को लगने वाले सूर्यग्रहण का भारत में कोई प्रभाव नहीं होगा। यह ग्रहण दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण का मध्य चार बजकर 12 मिनट पर होगा। समाप्ति शाम छह बजकर 41 मिनट पर होगी। यह ग्रहण अमेरिका के उत्तरी भाग, उत्तरी कनाडा, उत्तरी यूरोप और एशिया, रूस, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर क्षेत्र में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।
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26 मई को हुआ चंद्र ग्रहण भी नहीं दिखा। इसी तरह यह ग्रहण भी मान्य नहीं है, इसलिए इस ग्रहण के सूतक भी नहीं लगेंगे। इस दिन शनि जयंती व वट अमावस्या है, इसलिए भक्त भोर से दोपहर तक शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इस दिन शनि पूजा व गंगा स्नान का खासा महत्व है।
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