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हाथरस : ब्लैकमैलरों से तंग आकर लापता हुए थे दवा कारोबारी, लौटे
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लैकमैलरों से तंग आकर लापता हुए दवा कारोबारी कन्हैयालाल को पुलिस ने सकुशल हापुड़ के गंगाघाट से बरामद कर लिया है। पुलिस ने उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अन्य दोनों नामजदों की पुलिस तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि एक सितंबर 2022 को भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय निवासी विजयनगर गली संख्या 4 मुरसान गेट रोजाना की तरह घर से इगलास रोड स्थित बालाजी गोशाला के लिए निकले थे। उसके बाद से उनका कुछ पता नही चला। थाना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद चार सितंबर 2022 को दोपहर करीब ढाई बजे कोतवाली क्षेत्र के विजयनगर गली नंबर चार मुरसान गेट निवासी रामेश्वर वार्ष्णेय ने पुलिस को तहरीर दी कि उनका छोटा भाई भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय एक सितंबर को इगलास रोड स्थित बालाजी गोशाला के लिए निकला था। तलाश करने पर इगलास रोड स्थित गोशाला पर उनके दोनों मोबाइल फोन मिले हैं और स्कूटी आगरा रोड स्थित दीनबंधु हॉस्पिटल के बाहर खड़ी मिली है।
लंबे समय से ओमप्रकाश, बिट्टू व राजू उर्फ पतरा द्वारा समाज का भय दिखाकर उनसे चौथ वसूली की जा रही थी। गुमशुदा कन्हैया वार्ष्णेय द्वारा अपने निकटस्थ मित्र के नंबर पर संदेश भी भेजा गया था, जिसमें उनके द्वारा कुछ लोगों से तंग आकर समाधि लेने की बात लिखी गई। साथ ही गोशाला में एक नोट बुक भी प्राप्त हुई है, जिसमें गुमशुदा भुवनेश्वर उर्फ कन्हैया वार्ष्णेय ने इन लोगों द्वारा पीड़ा पहुंचाने का उल्लेख किया था। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली हाथरस में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले में नामजद राजू उर्फ पतरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। संवाद
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एसपी ने किया था टीमों का गठन
पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडेय ने कन्हैयालाल की सकुशल बरामदगी एवं विधिपूर्ण कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में टीमों का गठन किया था। एसओजी टीम व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। पुलिस टीमें लगातार परिजनों से संपर्क स्थापित कर परिजनों व अन्य निकटस्थ लोगों से लाभप्रद सूचना एकत्र करते हुए कन्हैया की लगातार तलाश की जा रही थी। इस क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आसपास के विभिन्न जनपदों व अन्य संभावित स्थान गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली आदि स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही थी और कोतवाली नगर पुलिस द्वारा भुवनेश्वर वार्ष्णेय उपरोक्त की तलाश के लिए विभिन्न बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के संभावित स्थानों पर गुमशुदा की फोटो चस्पा की गई और अन्य जनपदों के थानों में भी फोन से अवगत कराया गया। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में गुमशुदा की फोटो प्रसारित कर खोजने का प्रयास किया गया। इसके तहत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, एसओजी प्रभारी व टीम द्वारा गुमशुदा भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय को हापुड़ जिले के गंगाघाट बृजघाट से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
कन्हैया ने बयां की पीड़ा
भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल ने बताया कि ओमप्रकाश, बिट्टू व राजू उर्फ पतरा वीडियो बनाकर समाज में भय दिखाकर उनसे ब्लैकमैल कर काफी रुपये ले चुके थे। लगातार और अधिक रुपयों के लिए ब्लैकमैल कर रहे थे, जिससे तंग आकर वह खुद चले गए।
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ब्लैकमैलरों से तंग आकर लापता हुए दवा कारोबारी कन्हैयालाल को पुलिस ने सकुशल हापुड़ के गंगाघाट से बरामद कर लिया है। पुलिस ने उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अन्य दोनों नामजदों की पुलिस तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि एक सितंबर 2022 को भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय निवासी विजयनगर गली संख्या 4 मुरसान गेट रोजाना की तरह घर से इगलास रोड स्थित बालाजी गोशाला के लिए निकले थे। उसके बाद से उनका कुछ पता नही चला। थाना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद चार सितंबर 2022 को दोपहर करीब ढाई बजे कोतवाली क्षेत्र के विजयनगर गली नंबर चार मुरसान गेट निवासी रामेश्वर वार्ष्णेय ने पुलिस को तहरीर दी कि उनका छोटा भाई भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय एक सितंबर को इगलास रोड स्थित बालाजी गोशाला के लिए निकला था। तलाश करने पर इगलास रोड स्थित गोशाला पर उनके दोनों मोबाइल फोन मिले हैं और स्कूटी आगरा रोड स्थित दीनबंधु हॉस्पिटल के बाहर खड़ी मिली है।
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लंबे समय से ओमप्रकाश, बिट्टू व राजू उर्फ पतरा द्वारा समाज का भय दिखाकर उनसे चौथ वसूली की जा रही थी। गुमशुदा कन्हैया वार्ष्णेय द्वारा अपने निकटस्थ मित्र के नंबर पर संदेश भी भेजा गया था, जिसमें उनके द्वारा कुछ लोगों से तंग आकर समाधि लेने की बात लिखी गई। साथ ही गोशाला में एक नोट बुक भी प्राप्त हुई है, जिसमें गुमशुदा भुवनेश्वर उर्फ कन्हैया वार्ष्णेय ने इन लोगों द्वारा पीड़ा पहुंचाने का उल्लेख किया था। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली हाथरस में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले में नामजद राजू उर्फ पतरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। संवाद
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एसपी ने किया था टीमों का गठन
पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडेय ने कन्हैयालाल की सकुशल बरामदगी एवं विधिपूर्ण कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में टीमों का गठन किया था। एसओजी टीम व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। पुलिस टीमें लगातार परिजनों से संपर्क स्थापित कर परिजनों व अन्य निकटस्थ लोगों से लाभप्रद सूचना एकत्र करते हुए कन्हैया की लगातार तलाश की जा रही थी। इस क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आसपास के विभिन्न जनपदों व अन्य संभावित स्थान गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली आदि स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही थी और कोतवाली नगर पुलिस द्वारा भुवनेश्वर वार्ष्णेय उपरोक्त की तलाश के लिए विभिन्न बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के संभावित स्थानों पर गुमशुदा की फोटो चस्पा की गई और अन्य जनपदों के थानों में भी फोन से अवगत कराया गया। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में गुमशुदा की फोटो प्रसारित कर खोजने का प्रयास किया गया। इसके तहत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, एसओजी प्रभारी व टीम द्वारा गुमशुदा भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल वार्ष्णेय को हापुड़ जिले के गंगाघाट बृजघाट से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
कन्हैया ने बयां की पीड़ा
भुवनेश्वर वार्ष्णेय उर्फ कन्हैयालाल ने बताया कि ओमप्रकाश, बिट्टू व राजू उर्फ पतरा वीडियो बनाकर समाज में भय दिखाकर उनसे ब्लैकमैल कर काफी रुपये ले चुके थे। लगातार और अधिक रुपयों के लिए ब्लैकमैल कर रहे थे, जिससे तंग आकर वह खुद चले गए।