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हाथरस : सत्ताधारियों के दबाव में मानसिक, आर्थिक शोषण कर रही पुलिस
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सुमंत किशोर सिंह।
- फोटो : HASAYAN
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संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमंत किशोर सिंह का आरोप है कि कोतवाली पुलिस ने उनके समर्थक भूरा यादव को झूठे मुकदमे में रात्रि में उसके घर से पकड़ लिया। भूरा की पत्नी और बच्चों के साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि उनके और उनके समर्थकों के खिलाफ क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा नेता द्वारा तत्कालीन थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह से मिलकर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
उन्होंने कहा कि सभी मुकदमों में सात वर्ष तक की सजा का प्राविधान है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर भी भाजपाइयों के इशारे पर न्यायालय से कुर्की वारंट लेकर उनके घर पर चस्पा करते हुए बुधवार को कोतवाली व अन्य थानों की पुलिस ने उनका पीछा करते हुए उनके घर पर दबिश दी।
हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की तरह जगह-जगह बैरियर लगाकर रोकथाम की गई। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि पुलिस उनके और उनके समर्थकों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे वह डकैती के अभियुक्त हैं।
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उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे में वादी दिनेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को शपथ पत्र भी दिए हैं। इस मामले में वह खुद वादी दिनेश कुमार को लेकर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल व सीओ सुरेंद्र सिंह के पास गए थे।
वहां अधिकारियों ने मुकदमा खत्म किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस उनका मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही है। वह पुलिस व सत्ताधारी नेताओं के दबाव के आगे झुकना कतई पसंद नहीं करेंगे, चाहें इसके लिए उनको जेल ही क्यों न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि फिर पुलिस चाहे तो उनके घर की कुर्की करा ले या उनकी हत्या करा दे।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमंत किशोर सिंह का आरोप है कि कोतवाली पुलिस ने उनके समर्थक भूरा यादव को झूठे मुकदमे में रात्रि में उसके घर से पकड़ लिया। भूरा की पत्नी और बच्चों के साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि उनके और उनके समर्थकों के खिलाफ क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा नेता द्वारा तत्कालीन थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह से मिलकर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
उन्होंने कहा कि सभी मुकदमों में सात वर्ष तक की सजा का प्राविधान है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर भी भाजपाइयों के इशारे पर न्यायालय से कुर्की वारंट लेकर उनके घर पर चस्पा करते हुए बुधवार को कोतवाली व अन्य थानों की पुलिस ने उनका पीछा करते हुए उनके घर पर दबिश दी।
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हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की तरह जगह-जगह बैरियर लगाकर रोकथाम की गई। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि पुलिस उनके और उनके समर्थकों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे वह डकैती के अभियुक्त हैं।
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उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे में वादी दिनेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को शपथ पत्र भी दिए हैं। इस मामले में वह खुद वादी दिनेश कुमार को लेकर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल व सीओ सुरेंद्र सिंह के पास गए थे।
वहां अधिकारियों ने मुकदमा खत्म किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस उनका मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही है। वह पुलिस व सत्ताधारी नेताओं के दबाव के आगे झुकना कतई पसंद नहीं करेंगे, चाहें इसके लिए उनको जेल ही क्यों न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि फिर पुलिस चाहे तो उनके घर की कुर्की करा ले या उनकी हत्या करा दे।