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हाथरस : डेढ़ हजार मरीज और चिकित्सक चार, आखिर कैसे मिले उपचार

Sat, 20 Nov 2021 11:12 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:12 PM IST
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Hathras: One and a half thousand patients and four doctors, how did they get treatment?
हाथरस : बागला जिला अस्पताल में एक चिकित्सक के कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बागला जिला अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का हाल-बेहाल है। सबसे ज्यादा कमी यहां चिकित्सकों की है। 28 के सापेक्ष जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) सहित आठ चिकित्सकों की तैनाती है। ओपीडी में रोजाना औसतन 1200 से 1500 तक मरीज आते है और वहां इलाज के लिए अक्सर चार चिकित्सक ही उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में काफी मरीजों को घंटों लाइन में लगकर उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है तो कई मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ता है। शनिवार को भी जिला अस्पताल में यही स्थिति दिखी और वहां उपचार के लिए मरीज काफी परेशान नजर आए।
बागला संयुक्त चिकित्सालय में शासन ने 28 चिकित्सकों के पद स्वीकृत कर रखे हैं, लेकिन इसके सापेक्ष मुख्य चिकित्साधिकारी के अलावा केवल सात चिकित्सकों की तैनाती है। उनमें में भी तीन चिकित्सकों की इमरजेंसी वार्ड में तैनाती रहती है और एक चिकित्सक की ड्यूटी अक्सर पोस्टमार्टम गृह पर रहती है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में केवल तीन चिकित्सक ही मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध थे। अधिकांश चिकित्सकों के कमरे खाली थे। जो चिकित्सक वहां मौजूद थे, उनके कक्ष के आगे मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी थीं। बाद में सीएमएस ने खुद ओपीडी में मरीजों का उपचार किया। कई मरीज तो बिना उपचार के ही लौट गए तो कई मरीज अस्पताल में भटकते देखे गए। संवाद
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पैर में सैप्टिक हो गया है। काफी देर से जिला अस्पताल में आया हुआ हूं। डॉक्टर को दिखाना है और ड्रैसिंग भी करानी है, लेकिन यहां कोई है ही नहीं। काफी दूर से आया हूं। अब पता नहीं कि आज इलाज होगा भी या नहीं।
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-सत्यपाल निवासी सोनई
पेट में दर्द और काफी जलन है। अस्पताल से पर्चा बनवा लिया है। काफी देर से लाइन में लगा हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। पता नहीं आज नंबर आएगा भी या नहीं।
-अहमद सईद निवासी नाई का नगला
रसौली की वजह से परेशान हूं। कई बार अस्पताल के चक्कर लगा चुकी हूं। पहले जांच कराने को कहा गया। कई बार में जांच हो पाई। अब जांच करा ली है तो डॉक्टर नहीं है। पता नहीं कब इलाज मिलेगा।
-सीमा निवासी हतीसा
बच्चे को बुखार आ गया है। काफी देर से लाइन में लगा हूं। यहां चिकित्सकों की कमी है। पता नहीं कब नंबर आएगा। इसकी वजह से मरीजों को डॉक्टर पर्याप्त समय भी नहीं दे पाते।

-रूपेंद्र निवासी रमनपुर
जिला अस्पताल में 28 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इसके सापेक्ष मुझ सहित यहां आठ चिकित्सकों की तैनाती है। तीन चिकित्सकों की इमरजेंसी वार्ड में भी ड्यूटी रहती है। अन्य सरकारी काम से भी चिकित्सकों को बाहर जाना पड़ता है। ओपीडी में नये और पुराने मरीजों को मिलाकर औसतन 1200 से 1500 मरीज रोजाना आ जाते हैं। अस्पताल में मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जाती है। दोपहर दो बजे तक चिकित्सक ओपीडी में बैठते हैं। मैं खुद ओपीडी में बैठता हूं। कोई भी मरीज बिना उपचार के वापस नहीं लौटता। डीएम साहब से माध्यम से भी शासन को कई बार यह मांग भेजी जा चुकी है कि यहां स्वीकृत पदों पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, बागला जिला अस्पताल, हाथरस
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