{"_id":"61bb9eb741071c6fe90cfd0b","slug":"hathras-news-the-voice-of-aherias-reached-to-the-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : शासन तक गूंजी अहेरिया समाज के प्रदर्शन की आवाज, लखनऊ में सीएम से मिलने का आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : शासन तक गूंजी अहेरिया समाज के प्रदर्शन की आवाज, लखनऊ में सीएम से मिलने का आश्वासन
Fri, 17 Dec 2021 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:46 AM IST
सार
आठ घंटे तक अधिकारी बने रहे चकरघिन्नी, शासन को देते रहे पल-पल की रिपोर्ट।
विज्ञापन
प्रदर्शन...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में बृहस्पतिवार क अहेरिया समाज के प्रदर्शन की गूंज दिल्ली और लखनऊ तक पहुंची। यहां के प्रदर्शनकारी लखनऊ में आंदोलन कर रहे अपने नेताओं के निर्देश पर रेलवे ट्रैक पर जमे रहे। यही नहीं स्थानीय प्रशासन ने इसकी जानकारी शासन को देता रहा और तब कहीं जाकर लखनऊ में उच्चाधिकारियों ने चंद्रपाल सिंह को रेलवे ट्रैक से समाज के लोगों को उठाने की अपील करने को राजी किया। इस दौरान पूरे प्रशासन में खलबली मची रही।
विज्ञापन
अहेरिया समाज लगातार अपनी जाति को सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार को समाज के लोगों ने हसायन के गांव हैदलपुर में सांसद राजवीर दिलेर का पुतला फूंका था। इससे पहले सासनी तहसील पर जोरदार प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
बताते है कि पिछले तीन महीन से लखनऊ के ईको पार्क में इन्हीं मांगों को लेकर अहेरिया समाज के लोग लगातार धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां जब अहेरिया समाज ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर इसे जाम कर दिया तो पूरा का पूरा रेलवे यातायात बाधित हो गया। इसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी शुरू में यह नहीं समझ पाए कि आखिर इस आंदोलन का निर्देशन कहां से हो रहा है।
विज्ञापन
बात में जब उन्हें पता चला कि इसे लेकर एक धरना लखनऊ के ईको गार्डन में दिया जा रहा है तो अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। लखनऊ में अधिकारियों ने कई घंटे बाद धरने पर बैठे समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया को यह आश्वासन दिया गया कि उनकी सीएम से मुलाकात कराई जाएगी। तब चंद्रपाल सिंह ने यहां के प्रदर्शनकारियों से रेलवे ट्रैक खोलने की अपील की। तब कहीं जाकर प्रदर्शनकारी देर शाम रेलवे ट्रैक से हटे।