{"_id":"62965f903835e81f152342c6","slug":"hathras-imprisonment-for-two-years-and-nine-months-under-gangster-act-fine-of-five-thousand-rupees-hathras-news-ali292848116","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : गैंगस्टर एक्ट में दो साल नौ माह कैद की सजा, पांच हजार रुपये अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : गैंगस्टर एक्ट में दो साल नौ माह कैद की सजा, पांच हजार रुपये अर्थदंड
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गैंगस्टर कोर्ट ने गिरोहबंद अधिनियम के तहत एक आरोपी को दोषी मानते हुए दो साल नौ महीने कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना सादाबाद पुलिस ने सहपऊ थाना क्षेत्र के नगला ब्राह्मण निवासी राजकुमार के पुत्र टिंकू के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट संख्या -3 जेबा मजीद के न्यायालय में हुई।
न्यायालय के समक्ष अभियुक्त टिंकू ने जुर्म स्वीकार करते हुए जेलर के माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस मामले में पत्रावली पर उपलब्ध सभी मौखिक व अभिलेखीय साक्ष्य व अभियुक्त द्वारा की गई स्वेच्छा से जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर टिंकू को दोषी माना। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी रामकुमार कौशिक ने की। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गैंगस्टर कोर्ट ने गिरोहबंद अधिनियम के तहत एक आरोपी को दोषी मानते हुए दो साल नौ महीने कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना सादाबाद पुलिस ने सहपऊ थाना क्षेत्र के नगला ब्राह्मण निवासी राजकुमार के पुत्र टिंकू के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट संख्या -3 जेबा मजीद के न्यायालय में हुई।
विज्ञापन
न्यायालय के समक्ष अभियुक्त टिंकू ने जुर्म स्वीकार करते हुए जेलर के माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस मामले में पत्रावली पर उपलब्ध सभी मौखिक व अभिलेखीय साक्ष्य व अभियुक्त द्वारा की गई स्वेच्छा से जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर टिंकू को दोषी माना। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी रामकुमार कौशिक ने की। संवाद
विज्ञापन