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हाथरस: गांवों की ड्रोन से मैपिंग को लेकर खींचा खाका
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
तहसील सदर क्षेत्र के चार गांवों की ड्रोन से होने वाली मैपिंग के लिए तहसील प्रशासन ने पूरा खाका खींच लिया है। इन गांवों में लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को नामित कर जिम्मेदारी सौंप दी गई हैं। इन गांवों में 10 अगस्त को ग्राम सभा की बैठक की जाएंगी और डाटा एकत्रित किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर ग्रामों की स्वामित्व योजना के तहत मैपिंग की जा रही है। इसके आधार पर ग्रामीणों को आबादी में उनके आवास का मालिकाना हक दिया जाएगा। उनके मकान की भूमि का कार्ड जारी किया जाएगा। इस आधार पर गांव में रहने वाले लोग अपनी आबादी क्षेत्र में आने वाली भूमि पर ऋण ले सकेंगे। नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया है। जिले के 622 गांवों की मैपिंग की जाएगी। प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के 10 गांवों को शामिल किया गया है।
इनमें से चार गांव तहसील हाथरस के हैं। हाथरस तहसील क्षेत्र के गांव पट्टी सामंत, चंद्रगढ़ी, अनीगढ़ी और नगला मोतीराय को शामिल किया गया है। इन गांवों एक-एक राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल व चार-चार अन्य लेखपालों को नामित कर दिया गया है। इनकी देखरेेख में 10 अगस्त को ग्राम सभा की बैठक होगी। बैठक में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। गांव के माध्य, अक्षांश और देशांतर भी दर्ज किए जाएंगे। एसडीएम सदर रामजी मिश्र ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से मैपिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है। ग्रामीणों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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तहसील सदर क्षेत्र के चार गांवों की ड्रोन से होने वाली मैपिंग के लिए तहसील प्रशासन ने पूरा खाका खींच लिया है। इन गांवों में लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को नामित कर जिम्मेदारी सौंप दी गई हैं। इन गांवों में 10 अगस्त को ग्राम सभा की बैठक की जाएंगी और डाटा एकत्रित किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर ग्रामों की स्वामित्व योजना के तहत मैपिंग की जा रही है। इसके आधार पर ग्रामीणों को आबादी में उनके आवास का मालिकाना हक दिया जाएगा। उनके मकान की भूमि का कार्ड जारी किया जाएगा। इस आधार पर गांव में रहने वाले लोग अपनी आबादी क्षेत्र में आने वाली भूमि पर ऋण ले सकेंगे। नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया है। जिले के 622 गांवों की मैपिंग की जाएगी। प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के 10 गांवों को शामिल किया गया है।
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इनमें से चार गांव तहसील हाथरस के हैं। हाथरस तहसील क्षेत्र के गांव पट्टी सामंत, चंद्रगढ़ी, अनीगढ़ी और नगला मोतीराय को शामिल किया गया है। इन गांवों एक-एक राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल व चार-चार अन्य लेखपालों को नामित कर दिया गया है। इनकी देखरेेख में 10 अगस्त को ग्राम सभा की बैठक होगी। बैठक में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। गांव के माध्य, अक्षांश और देशांतर भी दर्ज किए जाएंगे। एसडीएम सदर रामजी मिश्र ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से मैपिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है। ग्रामीणों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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