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हाथरस : शोषण के खिलाफ गरजे संविदा विद्युत कर्मी, निकाला मशाल जुलूस
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प्रांतीय आह्वान पर शोषण के खिलाफ मशाल जुलूस निकालते सादाबाद के संविदा विद्युत कर्मी।
- फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
विभिन्न समस्याओं और मांगो को लेकर उप्र पावर कारपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ इकाई सादाबाद के बैनर तले प्रांतीय आह्वान पर सादाबाद विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के संविदा कर्मियों ने बृहस्पतिवार को मशाल जुलूस निकाला। मशाल जुलूस में काफी संख्या में संविदा विद्युत कर्मियों ने सहभागिता की।
जुलूस जैतई रोड स्थित बिजलीघर से जैतई तिराहा तक संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में निकाला गया। जुलूस के दौरान अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा ठेकेदारों/ संविदाकारों से लेबर का अनुबंध कर, आउटसोर्स कर्मचारियों से 440 वोल्ट की चलती की लाइनों 11 केवी बोल्ट की लाइनों व स्विच गियरों 33 केवी वोल्ट की लाइनों व ब्रेकरों पर कार्य कराया जा रहा है, जो घातक प्रकृति का है, जबकि पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा इसी कार्य को अपने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से कराया जाता है. इस प्रकार पावर कारपोरेशन द्वारा गलत अनुबंध किया जा रहा है।
उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा सैनिक कल्याण निगम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध रू0 24000/- का किया जा रहा है, जबकि संविदाकारों के माध्यम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध रुपये 11000/- का करता है। जबकि दोनों एजेंसियों से तैनात कर्मचारी आउटसोर्स के कर्मचारी है तथा दोनों का एक ही कार्य है।
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उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन की कार्य प्रणाली व सुरक्षा उपकरण न देने तथा अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर कार्य कराने के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 500 से 600 कर्मचारियों की कार्य के दौरान दुर्घटनाएं हो रही है, जिसमें अधिकांश कर्मचारियों की उचित उपचार के अभाव में मृत्यु हो रही है. जो कर्मचारी बच जाते हैं वह अपंग होकर दूसरे के सहारे जीवन यापन करने के लिए विवश हो जाते हैं।
उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन के अधिकारियों व संविदाकारों की मिलीभगत से प्रत्येक माह की ईएसआई में करोड़ों का घोटाला हो रहा हैं। उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन के अधिकारियों व संविदाकारों की मिलीभगत से गलत आरोप लगाकर व 55 वर्ष का हवाला देकर कार्य से हटाने तथा स्थानान्तरण के नाम पर धन उगाही की जा रही है।
उप्र पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा विभाग की नीतियों के अनुरूप मस्टरील व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराने के स्थान पर संविदाकारों के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराया जा रहा है। जिनका शोषण अधिकारियों व संविदाकरों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
लेकिन कई बार आंदोलन किए जाने के बाद भी पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस दौरान अरविंद चौधरी, सुरेंद्र सिंह, रामनरेश, भीमसेन, नगेंद्र, शिवकुमार, पदम सिंह, शिव कुमार, रामपवन आदि थे।
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विभिन्न समस्याओं और मांगो को लेकर उप्र पावर कारपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ इकाई सादाबाद के बैनर तले प्रांतीय आह्वान पर सादाबाद विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के संविदा कर्मियों ने बृहस्पतिवार को मशाल जुलूस निकाला। मशाल जुलूस में काफी संख्या में संविदा विद्युत कर्मियों ने सहभागिता की।
जुलूस जैतई रोड स्थित बिजलीघर से जैतई तिराहा तक संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में निकाला गया। जुलूस के दौरान अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा ठेकेदारों/ संविदाकारों से लेबर का अनुबंध कर, आउटसोर्स कर्मचारियों से 440 वोल्ट की चलती की लाइनों 11 केवी बोल्ट की लाइनों व स्विच गियरों 33 केवी वोल्ट की लाइनों व ब्रेकरों पर कार्य कराया जा रहा है, जो घातक प्रकृति का है, जबकि पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा इसी कार्य को अपने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से कराया जाता है. इस प्रकार पावर कारपोरेशन द्वारा गलत अनुबंध किया जा रहा है।
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उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन की कार्य प्रणाली व सुरक्षा उपकरण न देने तथा अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर कार्य कराने के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 500 से 600 कर्मचारियों की कार्य के दौरान दुर्घटनाएं हो रही है, जिसमें अधिकांश कर्मचारियों की उचित उपचार के अभाव में मृत्यु हो रही है. जो कर्मचारी बच जाते हैं वह अपंग होकर दूसरे के सहारे जीवन यापन करने के लिए विवश हो जाते हैं।
उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन के अधिकारियों व संविदाकारों की मिलीभगत से प्रत्येक माह की ईएसआई में करोड़ों का घोटाला हो रहा हैं। उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन के अधिकारियों व संविदाकारों की मिलीभगत से गलत आरोप लगाकर व 55 वर्ष का हवाला देकर कार्य से हटाने तथा स्थानान्तरण के नाम पर धन उगाही की जा रही है।
उप्र पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा विभाग की नीतियों के अनुरूप मस्टरील व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराने के स्थान पर संविदाकारों के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराया जा रहा है। जिनका शोषण अधिकारियों व संविदाकरों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
लेकिन कई बार आंदोलन किए जाने के बाद भी पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस दौरान अरविंद चौधरी, सुरेंद्र सिंह, रामनरेश, भीमसेन, नगेंद्र, शिवकुमार, पदम सिंह, शिव कुमार, रामपवन आदि थे।