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हाथरस : अखिलेश के भाषण में छलका पूर्व में हुई पार्टी की हार का दर्द
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ/हाथरस।
सिकंदराराऊ विधानसभा सीट पर सपा का परंपरागत वोट बड़ी संख्या में है, लेकिन यहां से सपा को महज एक बार ही सफलता मिली है। वहीं हाथरस विधानसभा सीट तो सपा आज तक जीत ही नहीं पाई। सादाबाद से भी जिले में केवल वर्ष 2012 में सपा प्रत्याशी जीता है। रविवार को जब सपा मुखिया अखिलेश यादव सिकंदराराऊ आए तो उनके भाषण में यह दर्द छलका भी।
यादव ने वर्ष 2012 में पार्टी यशपाल चौहान और फिर वर्ष 2017 में यशपाल चौहान के समर्थन में ही इसी क्रीड़ास्थल पर चुनावी सभाएं की थीं, लेकिन पार्टी को सफलता नहीं मिली थी। ऐसे में उन्होंने अपने संबोधन में यह कहा भी कि इस बार तो डॉ. ललित बघेल को जितवा दो। उन्होंने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि आखिर मैं क्या करूं, जिसके चलते पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित हो जाए। यह सुनकर भीड़ ने हाथ ऊपर उठाकर करतल ध्वनि से इसकी हामी भरी। संवाद
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सिकंदराराऊ विधानसभा सीट पर सपा का परंपरागत वोट बड़ी संख्या में है, लेकिन यहां से सपा को महज एक बार ही सफलता मिली है। वहीं हाथरस विधानसभा सीट तो सपा आज तक जीत ही नहीं पाई। सादाबाद से भी जिले में केवल वर्ष 2012 में सपा प्रत्याशी जीता है। रविवार को जब सपा मुखिया अखिलेश यादव सिकंदराराऊ आए तो उनके भाषण में यह दर्द छलका भी।
यादव ने वर्ष 2012 में पार्टी यशपाल चौहान और फिर वर्ष 2017 में यशपाल चौहान के समर्थन में ही इसी क्रीड़ास्थल पर चुनावी सभाएं की थीं, लेकिन पार्टी को सफलता नहीं मिली थी। ऐसे में उन्होंने अपने संबोधन में यह कहा भी कि इस बार तो डॉ. ललित बघेल को जितवा दो। उन्होंने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि आखिर मैं क्या करूं, जिसके चलते पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित हो जाए। यह सुनकर भीड़ ने हाथ ऊपर उठाकर करतल ध्वनि से इसकी हामी भरी। संवाद
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