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हाथरस : जिले के 67 हजार उपभोक्ताओं ने नहीं जमा किया बकाया
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गौरव भारद्वाज
हाथरस। केंद्र सरकार ने गरीबों के आशियाने को रोशन करने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना पर भी अब बकाये का ग्रहण लग गया है। इस योजना में कनेक्शन लेने वाले 67 हजार उपभोक्ताओं ने पिछले पांच साल से 80 करोड़ रुपये का बकाया जमा नहीं किया है। उच्चाधिकारियों ने जब स्थानीय अफसरों के पेच कसे तो शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी अब कटे हुए कनेक्शनों की निगरानी करने में जुट गए हैं। कनेक्शन कटने के बावजूद जो भी उपभोक्ता बिजली का उपभोग करते हुए मिलेंगे, उनके खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली विभाग का करीब 700 करोड़ रुपये का बकाया है। काफी कोशिश के बावजूद बिजली विभाग को बकाया हाथ नहीं लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने गरीबों के घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की। इस योजना में इन बकायेदारों ने दूसरे नामों से कनेक्शन ले लिए हैं। यह इत्मीनान से बिजली भी जला रहे हैं। करीब 67 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 से बिजली का बिल जमा नहीं किया है। इन पर बिजली विभाग का करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया है। जब बिजली का खर्च बढ़ा और बकाया नहीं आया तो अफसरों को होश उड़ गए हैं। सौभाग्य योजना में इन बकायेदारों ने बिजली विभाग से कनेक्शन ले रखे हैं।
अब शहर, देहात, कस्बों में संबधित जेई और एसडीओ को बकाया पर काटे गए कनेक्शनों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई भी बकायेदार बिजली चोरी करता है इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल का कहना है कि जिले 67 हजार उपभोक्ताओं ने वर्ष 2016 से बकाया जमा नहीं किया है। इन्होंने सौभाग्य योजना में कनेक्शन और ले लिए हैं।
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हाथरस। केंद्र सरकार ने गरीबों के आशियाने को रोशन करने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना पर भी अब बकाये का ग्रहण लग गया है। इस योजना में कनेक्शन लेने वाले 67 हजार उपभोक्ताओं ने पिछले पांच साल से 80 करोड़ रुपये का बकाया जमा नहीं किया है। उच्चाधिकारियों ने जब स्थानीय अफसरों के पेच कसे तो शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी अब कटे हुए कनेक्शनों की निगरानी करने में जुट गए हैं। कनेक्शन कटने के बावजूद जो भी उपभोक्ता बिजली का उपभोग करते हुए मिलेंगे, उनके खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली विभाग का करीब 700 करोड़ रुपये का बकाया है। काफी कोशिश के बावजूद बिजली विभाग को बकाया हाथ नहीं लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने गरीबों के घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की। इस योजना में इन बकायेदारों ने दूसरे नामों से कनेक्शन ले लिए हैं। यह इत्मीनान से बिजली भी जला रहे हैं। करीब 67 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 से बिजली का बिल जमा नहीं किया है। इन पर बिजली विभाग का करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया है। जब बिजली का खर्च बढ़ा और बकाया नहीं आया तो अफसरों को होश उड़ गए हैं। सौभाग्य योजना में इन बकायेदारों ने बिजली विभाग से कनेक्शन ले रखे हैं।
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अब शहर, देहात, कस्बों में संबधित जेई और एसडीओ को बकाया पर काटे गए कनेक्शनों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई भी बकायेदार बिजली चोरी करता है इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल का कहना है कि जिले 67 हजार उपभोक्ताओं ने वर्ष 2016 से बकाया जमा नहीं किया है। इन्होंने सौभाग्य योजना में कनेक्शन और ले लिए हैं।
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