Hathras: फिर से न भड़क जाए कोल्ड स्टोर में आग, मलबे पर दमकलों ने डाला पानी, 40 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
शीतगृह में लगी आग चार दिन तक सुलगती रही। दमकलें लगातार पानी आग पर डालती रही। इस दौरान करीब 24 लाख लीटर पानी आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस के आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग स्थित श्री हरि आईस एंड कोल्डस्टोर में 1 अप्रैल को लगी आग 4 अप्रैल को बुझ गई लेकिन राख के ढेर के नीचे दबा मलबा सुलग रहा है, आग फिर से न भड़क जाए, इस आशंका से दमकलें दिनभर उस पर पानी डालती रही।
आगरा, नोएडा, भरतपुर, मथुरा, कासगंज और आसपास के अन्य जिलों से आईं कुछ दमकलें 4 अप्रैल की रात में ही चली गईं, कुछ 5 अप्रैल की सुबह रवाना हुईं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) और नरौरा परमाणु संयत्र से आई टीमें भी रवाना हो गई हैं। स्थानीय दमकल वाहन 5 अप्रैल को भी मलबे पर पानी डालते रहे। चैंबर नंबर पांच पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए इस चैंबर की दीवारें काट दी गई हैं। जला हुआ मलबा अभी भी भरा पड़ा है। इसमें नीचे की तरफ आग को बुझाने के लिए शनिवार को दमकलों ने पानी बरसाया।
आग बुझाने में करीब 15 कर्मी विभिन्न विभागों से लगे थे। मंगलवार सुबह इस शीतगृह में आग लगी थी, जो करीब 84 घंटे बाद काबू में आई थी। शीतगृह से आलू निकालने का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। करीब 15 हजार बोरा आलू को दूसरे शीतगृहों में शिफ्ट किया जा चुका है। जला मलबा भी बाहर निकाला जा रहा है। आग बुझाने के लिए लगातार पानी फेंके जाने के कारण चैंबर संख्या पांच और चार में पानी भरा हुआ है। अब इस पानी को ट्रैक्टर और पंप के जरिये चैंबरों से बाहर खींचकर बाहर फेंका जा रहा है।
24 लाख लीटर पानी डाला, तब काबू में आई आग
शीतगृह में लगी आग चार दिन तक सुलगती रही। दमकलें लगातार पानी आग पर डालती रही। इस दौरान करीब 24 लाख लीटर पानी आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
40 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान
शीतगृह में सबसे पहले चैंबर संख्या पांच में आग लगी थी। इसमें किराने का सामान रखा हुआ था। इसके बाद आग चैंबर संख्या चार तक भी पहुंच गई। आग में काली मिर्च, लाल मिर्च, सौंफ, छुआरे, कूटू, गोला, मिश्री, काजू, पिस्ता, बादाम, अखरोट और गुड़ आदि सामान जलकर राख हो गया। करीब 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान जल गया है।
लगा रहा किसानों का जमावड़ा
5 अप्रैल को भी शीतगृह पर किसानों का जमावड़ा लगा रहा। जिन किसानों के आलू इस शीतगृह में रखे हैं, वह स्थिति की जानकारी लेते रहे। आलू को नुकसान पहुंचने की आशंका से किसान काफी चिंतित थे।