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सूखा : धान की फसल जोत रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो सिकंदराराऊ (हाथरस)।
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:40 PM IST
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सूखा
- फोटो : Amar Ujala
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बारिश न होने के कारण धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। रजवाहों में पानी न होने के कारण किसानों के लिए फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। इसी को लेकर सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक किसान ने खेत में खड़ी धान की 27 बीघा फसल को जोत दिया।
बता दें कि इस वर्ष हाथरस जनपद सबसे कम वर्षा वाले जनपदों में शुमार हुआ है। जनपद में बड़ी संख्या में किसान धान की फसल करते हैं। बारिश के कारण धान की फसल को भरपूर पानी नहीं मिल पाया। फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई। गांव मऊ के किसान दिनेश पुंढीर ने खेत में खड़ी 27 बीघा फसल को जोत दिया है।
दिनेश का कहना है कि धान की फसल सूखने लगी थी। अब जल्द खेत में सरसों की फसल की बुवाई कर देंगे। दिनेश पुंढीर, कपसिया निवासी प्रेम प्रकाश सिंह, गांव चिरायल, चढ़रपुरा, कपसिया, मुबारकपुर, मानिकपुर समेत दर्जनों गांवों के किसानों का कहना है कि एक दो दिन में बारिश नहीं हुई तो वह भी अपनी धान की फसल जोत देंगे। किसानों का कहना है कि गांव के पास से माचुआ रहवाह गुजरता है। हजारों किसान इस पर आश्रित रहते हैं। कई साल से रजवाहा की सफाई नहीं हुई है। इसलिए यह सूखा रहता है।
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नहर की क्षमता के अनुसार लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कम वर्षा के कारण धान उत्पादक किसानों को पानी की बहुत ज्यादा आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है, फिर भी विभाग अपने संसाधनों के अनुसार किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई
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बता दें कि इस वर्ष हाथरस जनपद सबसे कम वर्षा वाले जनपदों में शुमार हुआ है। जनपद में बड़ी संख्या में किसान धान की फसल करते हैं। बारिश के कारण धान की फसल को भरपूर पानी नहीं मिल पाया। फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई। गांव मऊ के किसान दिनेश पुंढीर ने खेत में खड़ी 27 बीघा फसल को जोत दिया है।
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दिनेश का कहना है कि धान की फसल सूखने लगी थी। अब जल्द खेत में सरसों की फसल की बुवाई कर देंगे। दिनेश पुंढीर, कपसिया निवासी प्रेम प्रकाश सिंह, गांव चिरायल, चढ़रपुरा, कपसिया, मुबारकपुर, मानिकपुर समेत दर्जनों गांवों के किसानों का कहना है कि एक दो दिन में बारिश नहीं हुई तो वह भी अपनी धान की फसल जोत देंगे। किसानों का कहना है कि गांव के पास से माचुआ रहवाह गुजरता है। हजारों किसान इस पर आश्रित रहते हैं। कई साल से रजवाहा की सफाई नहीं हुई है। इसलिए यह सूखा रहता है।
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नहर की क्षमता के अनुसार लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कम वर्षा के कारण धान उत्पादक किसानों को पानी की बहुत ज्यादा आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है, फिर भी विभाग अपने संसाधनों के अनुसार किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई