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मोनू की हत्या के आरोपी ने किया आत्म समर्पण
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:40 PM IST
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बिसावर के मोनू पालीवाल की हत्या के आरोपी श्रीकांत चौधरी ने गुरुवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। एसओजी ने एक दिन पहले ही श्रीकांत की तलाश में कई जगह दबिश दी थी। श्रीकांत के कोर्ट में समर्पण के बाद हत्याकांड के दूसरे आरोपी भजनदास की तलाश में एसओजी लगी जुट गई है।
पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि मोनू पालीवाल गांजा कारोबारी था। तीन अप्रैल 2017 को विकास उर्फ मोनू पालीवाल की हत्या गोली मारकर कर दी गई थी। पुलिस ने पहले अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था, जांच में गांजे के कारोबार में मोनू के दो साथियों श्रीकांत और भजनदास के नाम सामने आए। कारोबार में उठा-पटक को लेकर कुछ दिनों से मोनू की अनबन चल रही थी।
हत्या से चंद रोज पहले ही मोनू और दोनाें आरोपियों के बीच मारपीट हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस ने जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, उनकी कॉल डिटेल्स और हत्या के चंद घंटे बाद एक साथ दूसरे राज्य के लिए चले जाने जैसे सबूत जुटाए और आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी। एसओजी पिछले कई दिन से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिन-रात एक कर रही थी।
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पुलिस और एसओजी की दबिश से परेशान होकर श्रीकांत ने गुरुवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहीं भजनदास अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस उसकी तलाश में कई जगह दबिश दे चुकी है, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चला है।
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पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि मोनू पालीवाल गांजा कारोबारी था। तीन अप्रैल 2017 को विकास उर्फ मोनू पालीवाल की हत्या गोली मारकर कर दी गई थी। पुलिस ने पहले अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था, जांच में गांजे के कारोबार में मोनू के दो साथियों श्रीकांत और भजनदास के नाम सामने आए। कारोबार में उठा-पटक को लेकर कुछ दिनों से मोनू की अनबन चल रही थी।
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हत्या से चंद रोज पहले ही मोनू और दोनाें आरोपियों के बीच मारपीट हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस ने जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, उनकी कॉल डिटेल्स और हत्या के चंद घंटे बाद एक साथ दूसरे राज्य के लिए चले जाने जैसे सबूत जुटाए और आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी। एसओजी पिछले कई दिन से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिन-रात एक कर रही थी।
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पुलिस और एसओजी की दबिश से परेशान होकर श्रीकांत ने गुरुवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहीं भजनदास अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस उसकी तलाश में कई जगह दबिश दे चुकी है, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चला है।