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एचटी लाइन की चपेट से मजदूर की मौत
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:14 AM IST
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हाथरस। गांव गंगचौली में हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक मजदूर की गंभीर रूप से झुलसने के बाद मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया।
गांव गंगचौली निवासी भानाराम का 30 साल का बेटा भगवानदास गांव अनिरुद्धपुर निवासी पीतांबर के खेत में बुधवार को ट्रॉली में भरी खाद को खाली कर रहा था। इस दौरान ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन की चपेट में उसका सिर आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आनन-फानन भगवानदास को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। इस मौत के बाद ग्रामीणों में काफी गुस्सा व्याप्त हो गया। मृतक भगवानदास के चार छोटे-छोटे बच्चे थे, जिनमें दो लड़की और दो लड़के हैं। मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करता था। घर की हालत काफी दयनीय थी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हाइटेंशन लाइनें काफी नीचे तक झूल रही हैं। जर्जर तार आए-दिन टूट रहे हैं, लेकिन विद्युत महकमे के अधिकारी गहरी नींद में हैं। जान जाने के बाद उनकी नींद टूट नहीं रही है।
जिला पंचायत सदस्य ने दी परिजनों को सांत्वना
भगवानदास के मृत होने की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी बागला अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही से ही भगवानदास की जान गई है। जमीन से एचटी लाइन सिर्फ आठ फीट ऊंची थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी लाइन को ऊंचा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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गांव गंगचौली निवासी भानाराम का 30 साल का बेटा भगवानदास गांव अनिरुद्धपुर निवासी पीतांबर के खेत में बुधवार को ट्रॉली में भरी खाद को खाली कर रहा था। इस दौरान ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन की चपेट में उसका सिर आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आनन-फानन भगवानदास को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। इस मौत के बाद ग्रामीणों में काफी गुस्सा व्याप्त हो गया। मृतक भगवानदास के चार छोटे-छोटे बच्चे थे, जिनमें दो लड़की और दो लड़के हैं। मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करता था। घर की हालत काफी दयनीय थी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हाइटेंशन लाइनें काफी नीचे तक झूल रही हैं। जर्जर तार आए-दिन टूट रहे हैं, लेकिन विद्युत महकमे के अधिकारी गहरी नींद में हैं। जान जाने के बाद उनकी नींद टूट नहीं रही है।
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जिला पंचायत सदस्य ने दी परिजनों को सांत्वना
भगवानदास के मृत होने की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी बागला अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही से ही भगवानदास की जान गई है। जमीन से एचटी लाइन सिर्फ आठ फीट ऊंची थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी लाइन को ऊंचा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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