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कार में लिफ्ट देकर महिला से गैंगरेप
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Mon, 15 May 2017 11:45 PM IST
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आगरा जिले की निवासी एक महिला ने कार में लिफ्ट देने के बाद कार में सवार लोगों पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एसपी घुले सुशील चंद्रभान से शिकायत की है। एसपी ने इस मामले में कोतवाली पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महिला के मुताबिक वह पांच मई को दवा लेने हाथरस आई थी और दवा लेकर शाम को वह आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के लिए रवाना हुई। जलेसर अड्डे पर उसे एक कार सवार ने आवाज देकर आगरा के लिए चलने के बारे में पूछा। महिला भरोसा कर कार में बैठ गई। इस कार में पहले से पांच-छह लोग सवार थे। कुछ देर बाद कार सीवेज फार्म के पास पहुंची, तब तक शाम होने लगी थी। कार सवार लोगों ने महिला के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। सभी आरोपी एक-दूसरे से परिचित थे और नाम लेकर एक दूसरे से बात कर रहे थे। कार को एक सुनसान इलाके में रोक लिया गया। महिला शोर मचाती, इससे पहले ही एक कार सवार ने उसके मुंह पर अंगोछा रख दिया और इसके बाद सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अंगोछा हटाए जाने पर महिला ने शोर मचा दिया। इससे कुछ राहगीर मौके पर आ गए, जिन्हें देखकर आरोपी भाग गए। महिला ने एसपी को दी अपनी शिकायत में सभी आरोपियों के नाम बताए हैं।
पुलिस इस मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कह रही है। कोतवाली निरीक्षक सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि महिला के आरोप बेहद गंभीर हैं। मामले की जांच गहराई से की जा रही है। सभी आरोपियों के नाम महिला ने बताए हैं। इसकी भी तस्दीक की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो उचित होगा, वही किया जाएगा।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत खारिज
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और एससीएसटी एक्ट, धारा 4 पॉक्सो एक्ट के आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त फैजान को रंजिशन फंसाया गया है। वह दूध बिक्री का कारोबार करता है। कुछ समय पूर्व वादी मुकदमा पर 10 हजार रुपये उधार थे। जब उससे पैसा मांगा गया तो उसने देने से इंकार कर दिया और रंजिश मानने लगा। रिपोर्ट विलंब से लिखाई गई, जिसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। पीड़िता की आयु 18 वर्ष से अधिक है। इससे पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते हैं, जिसका एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने विरोध करते हुए कहा कि उसने नाबालिग का अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म किया है।
जमानत पर छूटते ही वह साक्षियों को प्रभावित करेगा। उन्हें डराने-धमकाने का कार्य करेगा, जिससे वाद विचारण असंभव हो जाएगा। पीड़िता आठ दिन तक दिल्ली में रही, उसका कोई स्पष्टीकरण नहीं हैं। उसकी बरामदगी अभियुक्त के पास से हुई है। पीड़िता ने स्पष्ट रूप से अभियुक्त को नामित किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस क्षेत्राधिकारी ने विवेचना की है। आरोप पत्र में सभी धाराओं की पुष्टि हुई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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महिला के मुताबिक वह पांच मई को दवा लेने हाथरस आई थी और दवा लेकर शाम को वह आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के लिए रवाना हुई। जलेसर अड्डे पर उसे एक कार सवार ने आवाज देकर आगरा के लिए चलने के बारे में पूछा। महिला भरोसा कर कार में बैठ गई। इस कार में पहले से पांच-छह लोग सवार थे। कुछ देर बाद कार सीवेज फार्म के पास पहुंची, तब तक शाम होने लगी थी। कार सवार लोगों ने महिला के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। सभी आरोपी एक-दूसरे से परिचित थे और नाम लेकर एक दूसरे से बात कर रहे थे। कार को एक सुनसान इलाके में रोक लिया गया। महिला शोर मचाती, इससे पहले ही एक कार सवार ने उसके मुंह पर अंगोछा रख दिया और इसके बाद सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अंगोछा हटाए जाने पर महिला ने शोर मचा दिया। इससे कुछ राहगीर मौके पर आ गए, जिन्हें देखकर आरोपी भाग गए। महिला ने एसपी को दी अपनी शिकायत में सभी आरोपियों के नाम बताए हैं।
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पुलिस इस मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कह रही है। कोतवाली निरीक्षक सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि महिला के आरोप बेहद गंभीर हैं। मामले की जांच गहराई से की जा रही है। सभी आरोपियों के नाम महिला ने बताए हैं। इसकी भी तस्दीक की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो उचित होगा, वही किया जाएगा।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत खारिज
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और एससीएसटी एक्ट, धारा 4 पॉक्सो एक्ट के आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त फैजान को रंजिशन फंसाया गया है। वह दूध बिक्री का कारोबार करता है। कुछ समय पूर्व वादी मुकदमा पर 10 हजार रुपये उधार थे। जब उससे पैसा मांगा गया तो उसने देने से इंकार कर दिया और रंजिश मानने लगा। रिपोर्ट विलंब से लिखाई गई, जिसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। पीड़िता की आयु 18 वर्ष से अधिक है। इससे पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते हैं, जिसका एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने विरोध करते हुए कहा कि उसने नाबालिग का अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म किया है।
जमानत पर छूटते ही वह साक्षियों को प्रभावित करेगा। उन्हें डराने-धमकाने का कार्य करेगा, जिससे वाद विचारण असंभव हो जाएगा। पीड़िता आठ दिन तक दिल्ली में रही, उसका कोई स्पष्टीकरण नहीं हैं। उसकी बरामदगी अभियुक्त के पास से हुई है। पीड़िता ने स्पष्ट रूप से अभियुक्त को नामित किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस क्षेत्राधिकारी ने विवेचना की है। आरोप पत्र में सभी धाराओं की पुष्टि हुई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।