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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   A life term in kidnapping and murder

अपहरण और हत्या में एक को उम्रकैद

Wed, 06 Apr 2016 12:10 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Apr 2016 12:10 AM IST
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी ने अपहरण, हत्या एवं सबूत मिटाने की नीयत से शव को खुर्द-बुर्द करने के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी रामविजय को सश्रम आजीवन कारावास एवं 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 10 महीने का अतिरिक्त कारावास भोगने का निर्णय दिया है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी गायत्री देवी निवासी कटैलिया ने सीजेएम न्यायालय में 19 मई को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उसने कहा कि उसका देवर रामकुमार पुत्र जमुना प्रसाद निवासी कटैलिया कई वर्षों से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की संगत में पड़ गया था, किंतु करीब तीन माह पूर्व रामकुमार ने वादा किया कि अब वह इन आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ नहीं रहेगा। इस वादे के बाद वह परिवार के साथ सही तरीके से रहने लगा, किंतु सात मई, 2006 की दोपहर दो बजे रामविजय निवासी नगला अमरा और गजेंद्र निवासी नगला लच्छी नगरिया नाम के दो लड़के रामकुमार को यह कहकर ले गए कि मुरसान तक जा रहे हैं, परंतु अभी तक रामकुमार की कोई सूचना नहीं मिली है और न वह लौटकर आया है। 14 मई, 2006 को शाम सात बजे गांव में रामविजय नाम के व्यक्ति ने फोनकर बुलाया और कहा कि रामकुमार अब कभी नहीं आएगा। उसे ठिकाने लगा दिया है। जब वह थाना मुरसान में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची तो एसओ ने यह कहकर भगा दिया कि झूठी कहानी बनाकर आई हो, कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रामविजय और गजेंद्र के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। अपहरण और हत्या में दूसरा आरोपी गजेंद्र अब भी फरार है।
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गिरफ्तारी को डीजी क्राइम को लिखा था पत्र
हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी ने रामविजय को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किए जाने के मामले को काफी गंभीरता से लिया था। इस मामले में दोनों आरोपियों में से एक को भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किए जाने के कारण न्यायालय से निर्णय नहीं हो पा रहा था। एडीजे तृतीय ने इसके लिए डीजी क्राइम को पत्र लिखकर मुरसान कोतवाली प्रभारी के खिलाफ विधिवत रूप से कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद पुलिस ने पिछले सप्ताह रामविजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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