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Hathras: आग बुझाने के लिए डाले गए पानी से तालाब बने शीतगृह के चैंबर, किसानों को सता रही चिंता

Sat, 05 Apr 2025 03:34 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 05 Apr 2025 03:34 AM IST
सार

शीतगृह से आलू निकालते समय पल्लेदार दुर्गेश, विजय कुमार, सौरभ एवं सोनू की हालत बिगड़ गई। ये उल्टियां करने लगे। चैंबर से बाहर आकर अचेत हो गए। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया।

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Cold storage chambers turned into ponds
कोल्ड स्टोर में धधकती आग - फोटो : संवाद

विस्तार

सासनी के शीतगृह में लगी आग बुझाने के लिए 4 अप्रैल को अग्निशमन विभाग और विशेषज्ञों ने दो रणनीति पर काम शुरू किया। एक तो चैंबर संख्या पांच के बाद चार में फैल गई आग को आगे बढ़ने से रोका गया, दूसरे शीतगृह में रखे आलू के ढाई लाख बोरों को बचाने की कोशिश शुरू की गई।

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हालात यह है चार दिनों से लगातार आग बुझाने के लिए पानी डाले जाने से शीतगृह के चैंबर तालाब बन गए हैं। गांव अमरपुर घना निवासी किसान कालू का कहना है कि शीतगृह में उनकी पूरे साल की मेहनत रखी हुई है। इसी की आय से परिवार का भरण पोषण होना है। आलू खराब हो गया तो उनके सामने भूखमरी के हालात बन जाएंगे।
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किसान साबर का कहना है कि शीतगृह में इतना धुआं भरा हुआ है, पास से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। आलू की बोरियां भीगने से उससे सड़ने का खतरा बन गया है। वह पूछते है कि इससे नुकसान हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा। आलू किसान रणजीत सिंह का कहना है कि शीतगृह में चारों तरफ तालाब की तरह पानी भरा हुआ है अगर आलू चैंबरों में भी पानी भर गया होगा तो बड़ा नुकसान हो जाएगा।

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सांस लेने में हुई दिक्कत, पल्लेदारों को हुई उल्टी

शीतगृह से आलू निकालते समय पल्लेदार दुर्गेश, विजय कुमार, सौरभ एवं सोनू की हालत बिगड़ गई। ये उल्टियां करने लगे। चैंबर से बाहर आकर अचेत हो गए। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। हालत में सुधार होने पर यह घर चले गए।

दुर्गेश ने बताया कि आलू निकलते समय उसकी हालत बिगड़ गई, साथी उन्हें बाहर लेकर आए। उल्टी करते-करते बुरा हाल हो गया। इन्होंने बताया कि चैंबरों में इतना धुआं है कि घुटन हो रही है और ठीक से सांस नहीं ली जा रही है। वहां रखे आलू के कट्टे भीग गए हैं। आंखों में जलन हो रही है। पानी से निकलते समय पैरों में जलन महसूस हुई।

खेतों में पड़ा है जला हुआ सामान

शीतगृह में आग में मिर्च-मसाले, गुड़, धनियां, सौंफ, किशमिश, छुआरे, बादाम, अखरोट आदि सामान जलकर राख हो गया। आग में जले मलबे को शुक्रवार को शीतगृह के पीछे की तरफ खेत में फेंक दिया गया। इसमें किराने का सामान भी था।

कम नहीं हुई मिर्च-मसाले जलने की गंध
शीतगृह में रखे मिर्च-मसाले जलने की गंध शुक्रवार को भी कम नहीं हुई। शीतगृह में बचाव कार्य में जुटे लोग और किसान मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे। आंखों में जल और सांस लेने में परेशानी बनी रही।

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