{"_id":"57eeab034f1c1bc01c5753aa","slug":"blew-effigy-to-protest-power-cuts","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती के विरोध में फूंका पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती के विरोध में फूंका पुतला
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
बिजली कटौती के विरोध में चामड़ गेट पर विद्युत विभाग का पुतला फूंकते लोग।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलेभर में हो रही अंधाधुंध विद्युत कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार को गुस्साए शहरवासियों ने चामड़ गेट चौराहे पर विद्युत विभाग का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी प्रदर्शन किया।
जिलेभर में अघोषित बिजली कटौती का दौर बीते कई दिनों से जारी है। तीन चार दिन से दिन रात कई कई घंटे की कटौती से लोग आजिज आ चुके हैं। बिजली आने जाने का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। इस वजह से काम धंधों पर भी बिजली कटौती का बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
देर रात की जा रही कटौती से लोगों में सर्वाधिक गुस्सा बना हुआ है। शुक्रवार की दोपहर चामड़ गेट पर आसपास के लोग बिजली कटौती के विरोध में सड़कों पर उतर पड़े। यहां लोगों ने नारेबाजी प्रदर्शन करते हुए विद्युत महकमे के पुतले को आग के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
लोगों का आरोप था कि टीटीजेड की दरों से बिल वसूलने के बाद भी महकमा पर्याप्त बिजली प्रदान नहीं कर रहा। इससे लोगों का शोषण हो रहा है। पुतला दहन करने के दौरान शहर के काफी लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
जिलेभर में अघोषित बिजली कटौती का दौर बीते कई दिनों से जारी है। तीन चार दिन से दिन रात कई कई घंटे की कटौती से लोग आजिज आ चुके हैं। बिजली आने जाने का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। इस वजह से काम धंधों पर भी बिजली कटौती का बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन
देर रात की जा रही कटौती से लोगों में सर्वाधिक गुस्सा बना हुआ है। शुक्रवार की दोपहर चामड़ गेट पर आसपास के लोग बिजली कटौती के विरोध में सड़कों पर उतर पड़े। यहां लोगों ने नारेबाजी प्रदर्शन करते हुए विद्युत महकमे के पुतले को आग के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
लोगों का आरोप था कि टीटीजेड की दरों से बिल वसूलने के बाद भी महकमा पर्याप्त बिजली प्रदान नहीं कर रहा। इससे लोगों का शोषण हो रहा है। पुतला दहन करने के दौरान शहर के काफी लोग मौजूद थे।