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Hathras News: सितंबर तक अहेरिया समाज को एससी में शामिल नहीं किया तो बड़ा आंदोलन
Mon, 19 Jun 2023 12:22 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 19 Jun 2023 12:22 AM IST
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जलेसर रोड पर गांव पुरा खुर्द में आयोजित पंचायत में मौजूद अहेरिया समाज के लोग। संवाद
- फोटो : samvad
अहेरिया समाज की पंचायत में सितंबर 2023 तक समाज को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किए जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। साथ ही भाजपा के खिलाफ अहेरिया बहुल सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी उतारने की भी घोषणा की गई। पंचायत के चलते पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।
अखिल भारतीय अहेरिया महासंघ समाज कल्याण सेवा संस्थान के बैनर तले रविवार को हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव पुराखुर्द में अहेरिया समाज की पंचायत हुई। अहेरिया समाज लंबे समय से अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग कर रहा है और पहले भी धरना-प्रदर्शन कर चुका है। पंचायत में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित कई प्रांतों के लोग शामिल हुए। कायम सिंह अहेरिया ने कहा कि अहेरिया जाति को कई राज्यों में अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्हें किसी भी श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
न तो वह अनुसूचित जाति में शामिल हैं और न ही पिछड़ी जाति में। उनकी जाति सूचीबद्ध नहीं होने के कारण उनके जाति प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो रहे। पंचायत के दौरान निर्णय लिया गया कि अगर माह सितंबर 2023तक अहेरिया समाज को अनुसूचित जाति में सूचीबद्ध नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। भाजपा के खिलाफ अहेरिया बहुल सीटों पर लोकसभा चुनाव 2024 में अहेरिया समाज के लोगों को भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। इस मौके पर धर्मपाल, रमेश चंद्र, रामवीर सिंह, अंजुलता एडवोकेट, चंद्रपाल, रतन लाल, लोकेश कुमार, अनार सिंह, चेतक, धर्मेंद्र एडवोकेट, डॉ. भूप सिंह, उदय प्रताप सिंह, चरन सिंह, रामेश्वरदयाल, सोमवीर, रामखिलाडी, प्रेमपाल सिंह , सुनील, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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हाथरस जंक्शन से लेकर जलेसर रोड तक रेलवे ट्रैक पर पुलिस रही तैनात
अहेरिया समाज की पंचायत को लेकर जीआरपी ,आरपीएफ सहित रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। पोरा रेलवे स्टेशन पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। इस दौरान अलीगढ़ से भी आरपीएफ, जीआरपी बुलाई गई थी। कई थानों की पुलिस भी तैनात रही। खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा। रेलवे ट्रेक पर पुलिस फोर्स के अधिकारी गश्त करते रहे। रेल संचालन के बारे में रेलवे प्रशासन के अधिकारी भी पल -पल की रिपोर्ट लेते रहे।
दिसंबर 2021 में अहेरिया समाज ने आठ घंटे तक रेलवे ट्रैक पर रखा था कब्जा
हाथरस। अहेरिया जाति को सूचीबद्ध व जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर अहेरिया समाज ने दिसंबर 2021 में दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। दर्जनों ट्रेनों के पहिये थम गए और हजारों यात्री फंसे रहे थे। बाद में अलीगढ़ से तत्कालीन कमिश्नर गौरव दयाल और डीआईजी दीपक कुमार ने मौके पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को समझाया था। अहेरिया समाज के नेता चंद्रपाल का वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह आंदोलन खत्म कर रेलवे ट्रैक से हटने की अपील कर रहे थे। शाम 7:40 बजे आंदोलनकारी ट्रैक से हटे। 8:20 बजे ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाया था। संवाद
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अखिल भारतीय अहेरिया महासंघ समाज कल्याण सेवा संस्थान के बैनर तले रविवार को हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव पुराखुर्द में अहेरिया समाज की पंचायत हुई। अहेरिया समाज लंबे समय से अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग कर रहा है और पहले भी धरना-प्रदर्शन कर चुका है। पंचायत में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित कई प्रांतों के लोग शामिल हुए। कायम सिंह अहेरिया ने कहा कि अहेरिया जाति को कई राज्यों में अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्हें किसी भी श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
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न तो वह अनुसूचित जाति में शामिल हैं और न ही पिछड़ी जाति में। उनकी जाति सूचीबद्ध नहीं होने के कारण उनके जाति प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो रहे। पंचायत के दौरान निर्णय लिया गया कि अगर माह सितंबर 2023तक अहेरिया समाज को अनुसूचित जाति में सूचीबद्ध नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। भाजपा के खिलाफ अहेरिया बहुल सीटों पर लोकसभा चुनाव 2024 में अहेरिया समाज के लोगों को भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। इस मौके पर धर्मपाल, रमेश चंद्र, रामवीर सिंह, अंजुलता एडवोकेट, चंद्रपाल, रतन लाल, लोकेश कुमार, अनार सिंह, चेतक, धर्मेंद्र एडवोकेट, डॉ. भूप सिंह, उदय प्रताप सिंह, चरन सिंह, रामेश्वरदयाल, सोमवीर, रामखिलाडी, प्रेमपाल सिंह , सुनील, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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हाथरस जंक्शन से लेकर जलेसर रोड तक रेलवे ट्रैक पर पुलिस रही तैनात
अहेरिया समाज की पंचायत को लेकर जीआरपी ,आरपीएफ सहित रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। पोरा रेलवे स्टेशन पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। इस दौरान अलीगढ़ से भी आरपीएफ, जीआरपी बुलाई गई थी। कई थानों की पुलिस भी तैनात रही। खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा। रेलवे ट्रेक पर पुलिस फोर्स के अधिकारी गश्त करते रहे। रेल संचालन के बारे में रेलवे प्रशासन के अधिकारी भी पल -पल की रिपोर्ट लेते रहे।
दिसंबर 2021 में अहेरिया समाज ने आठ घंटे तक रेलवे ट्रैक पर रखा था कब्जा
हाथरस। अहेरिया जाति को सूचीबद्ध व जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर अहेरिया समाज ने दिसंबर 2021 में दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। दर्जनों ट्रेनों के पहिये थम गए और हजारों यात्री फंसे रहे थे। बाद में अलीगढ़ से तत्कालीन कमिश्नर गौरव दयाल और डीआईजी दीपक कुमार ने मौके पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को समझाया था। अहेरिया समाज के नेता चंद्रपाल का वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह आंदोलन खत्म कर रेलवे ट्रैक से हटने की अपील कर रहे थे। शाम 7:40 बजे आंदोलनकारी ट्रैक से हटे। 8:20 बजे ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाया था। संवाद