फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Absentee pauses pay for 10 nodal officers

गैरहाजिर रहे 10 नोडल अफसरों का वेतन रोका

Tue, 03 Apr 2018 11:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Tue, 03 Apr 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
Absentee pauses pay for 10 nodal officers
odf - फोटो : अमर उजाला
31 मार्च तक जिले को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) का तमगा दिलाने में नाकाम रहे प्रशासन ने अब 30 अप्रैल तक यह उपलब्धि हासिल करने के लिए जोर लगा दिया है। सीडीओ एसके सिंह ने इन गांवों के लिए नामित किए गए नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। कुल 56 में से 46 अफसर ही इस बैठक में पहुंचे और 10 अफसर गैर हाजिर रहे। लिहाजा सीडीओ ने गैरहाजिर अफसरों का न केवल वेतन रोक दिया, बल्कि उनसे गैरहाजिरी के संबंध में स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
विज्ञापन


सीडीओ एसके सिंह ने बताया कि इन अफसरों को दो-दो गांवों को ओडीएफ घोषित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन अफसरों को यह गांव 31 मार्च 2017 तक ओडीएफ घोषित कराने थे, लेकिन अभी तक काफी गांव ओडीएफ घोषित नहीं हो सके हैं। विकास भवन में हुई बैठक में सीडीओ ने इन अफसरों से कहा कि वह अपने गांवों में जाकर देखें कि वहां शौचालयों का निर्माण हो रहा है या नहीं। शौचालयों की कितनी संख्या इन गांवों में है।
विज्ञापन


निर्माणाधीन शौचालयों पर कितने मजदूर काम कर रहे हैं। उनकी गुणवत्ता और मानक का ख्याल रखा जा रहा है या नहीं। इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया है। सीडीओ ने बताया कि हर हफ्ते इस अभियान की समीक्षा होगी। जिला, ब्लॉक और तहसील स्तरीय अफसरों से ओडीएफ के लिए प्रस्तावित गांवों में जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


14 प्रधान प्रशासन के निशाने पर

हाथरस। सीडीओ एसके सिंह ने बताया कि अभियान की समीक्षा में शिकायत मिल रही है कि ग्राम प्रधान इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे ग्राम प्रधानों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए गए हैं। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि यह केंद्र और प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान है। इसके तहत दो अक्तूबर 2018 से पहले ही जिले को ओडीएफ घोषित किया जाना है। प्रमुख सचिव पंचायतराज ने भी इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीडीओ ने बताया कि करीब 14 गांवों में शौचालय निर्माण में अनियमितताएं सामने आई हैं। इन गांवों के प्रधान और सचिवों को आखिरी मौका दिया गया है कि वह गबन की गई धनराशि को शौचालय निर्माण में व्यय कर उसका उपभोग प्रमाण पत्र पेश करें, अन्यथा अगली बैठक में उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी और गबन की गई धनराशि की वसूली भू राजस्व के रूप में करने के भी आदेश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed